बस एक पल ने बना दिया सशक्त, जानिए कानपुर की पूर्व महापौर प्रत्याशी आशनी अवस्थी से मिलती है प्रेरणा
महिला सशक्तिकरण की कहानियां हमेशा प्रेरणा देती हैं। कभी हालात से लड़कर, कभी अवसर को अपनाकर महिलाएं समाज में अपनी पहचान बनाती हैं। कानपुर की पूर्व मेयर प्रत्याशी आशनी अवस्थी का सफर भी इसी तरह का है। एक ऐसा पल आया जिसने न सिर्फ उनके जीवन की दिशा बदल दी, बल्कि उन्हें महिला सशक्तिकरण की मिसाल भी बना दिया।
सामान्य गृहिणी से मेयर प्रत्याशी तक का सफर
बर्रा-दो, कानपुर की रहने वाली आशनी अवस्थी, कांग्रेस पार्टी से जुड़े हुए विकास अवस्थी की पत्नी हैं। एक गृहिणी के तौर पर घर की चारदीवारी और परिवार की जिम्मेदारियों को निभाना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था। लेकिन अचानक हालात ऐसे बने कि उन्हें पूरे शहर की जिम्मेदारी का चुनाव लड़ना पड़ा।
कांग्रेस पार्टी ने जब कानपुर नगर निगम चुनाव में मेयर पद की टिकट पर विचार किया, तो सामान्य सीट घोषित होने से समीकरण बदल गए। पार्टी ने भरोसा जताते हुए आशनी अवस्थी को प्रत्याशी बनाया। अचानक मिली इस जिम्मेदारी ने उनके पैरों तले जमीन खिसका दी थी, लेकिन उन्होंने इसे चुनौती के रूप में स्वीकार किया और खुद को सशक्त महिला के रूप में साबित किया।
चुनावी मैदान में उतरीं आत्मविश्वास से भरी महिला
मेयर का चुनाव आसान नहीं था। यह केवल जीत-हार का खेल नहीं, बल्कि पूरे शहर की उम्मीदों का सवाल था। आशनी अवस्थी ने चुनावी मैदान में उतरकर यह दिखा दिया कि महिलाओं में भी राजनीतिक और प्रशासनिक क्षमता होती है। हालांकि परिणाम चाहे जो रहा हो, लेकिन उनका यह कदम समाज की अन्य महिलाओं के लिए एक मजबूत संदेश बन गया।
महिला सशक्तिकरण पर उनका दृष्टिकोण
आशनी अवस्थी का मानना है कि महिला सशक्तिकरण केवल एक शब्द नहीं, बल्कि जीवन जीने का तरीका है। उनका कहना है कि आज भी समाज में जागरूकता की कमी है। कई महिलाएं अपने अधिकारों और अवसरों से अंजान हैं। उन्होंने कहा कि जब तक महिलाओं को उनके हक की जानकारी नहीं होगी, तब तक असली सशक्तिकरण संभव नहीं है।
बदलाव की जरूरत
उनके अनुसार, आज भी समाज में महिलाओं को बराबरी का स्थान दिलाने के लिए कई बदलाव की आवश्यकता है। शिक्षा और रोजगार के अवसरों के साथ-साथ राजनीतिक क्षेत्र में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़नी चाहिए। परिवार और समाज को मिलकर महिलाओं के आत्मविश्वास को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाने होंगे।
पढ़िए आशनी अवस्थी का संदेश
आशनी अवस्थी का मानना है कि हर महिला के भीतर अपार क्षमता छिपी होती है। बस एक अवसर, एक सही दिशा और एक पल उनके जीवन को बदल सकता है। उन्होंने कहा कि महिलाएं यदि ठान लें तो किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं रह सकतीं।
मिलती है यह प्रेरणा आपको भी बना सकती है सशक्त
कानपुर की पूर्व मेयर प्रत्याशी आशनी अवस्थी का जीवन इस बात का प्रमाण है कि महिला सशक्तिकरण केवल मंचों और भाषणों तक सीमित नहीं है। यह तब साकार होता है जब महिलाएं आगे बढ़कर जिम्मेदारियां निभाती हैं और समाज को नई दिशा दिखाती हैं। आशनी अवस्थी की कहानी हमें यह सिखाती है कि अवसर चाहे अचानक मिले या योजनाबद्ध, यदि आत्मविश्वास और समर्पण है तो महिला कहीं भी अपनी पहचान बना सकती है।