अखिलेश को सत्ता की छटपटाहट, हमने टांग दिया ‘नो एंट्री’ बोर्ड” – ओमप्रकाश राजभर

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अखिलेश को सत्ता की छटपटाहट, मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर जमकर हमला बोला। बोले- सपा राज में दंगे थे, भाजपा शासन में कानून का राज है।

अखिलेश को सत्ता की छटपटाहट, मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर जमकर हमला बोला। बोले- सपा राज में दंगे थे, भाजपा शासन में कानून का राज है।

📰 अखिलेश यादव सत्ता के लिए रात भर जागते हैं, लेकिन हमने ‘नो एंट्री’ का बोर्ड टांग दिया है – ओमप्रकाश राजभर

जौनपुर, उत्तर प्रदेश

मुख्य बातें – एक नजर में

  1. ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला।

  2. कहा – ‘अखिलेश को सत्ता की छटपटाहट है, लेकिन हम सबने (निषाद पार्टी, अपना दल, रालोद) मिलकर नो एंट्री बोर्ड टांग दिया है।’

  3. जौनपुर में सुभासपा की तीन बड़ी बैठकों को किया संबोधित।

  4. कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने का निर्देश।

  5. सपा शासनकाल को बताया ‘दंगों का युग’ और भाजपा शासन को बताया ‘शांति का युग’।

  6. इटावा और प्रयागराज की घटनाओं पर जताई चिंता, लेकिन कानून व्यवस्था पर भरोसा जताया।

  7. बीजेपी के अंदरूनी मामलों पर चुप्पी साधी – कहा, ‘सब कुछ ठीक है’।

📌 पूरी खबर विस्तार से

🔷 जौनपुर में कार्यकर्ता बैठकों में गरजे राजभर

उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर सोमवार को जौनपुर के दौरे पर थे, जहां उन्होंने जिले के तीन अलग-अलग स्थानों पर आयोजित सुभासपा कार्यकर्ता बैठकों को संबोधित किया।

इन बैठकों में उन्होंने कार्यकर्ताओं को आगामी चुनावों के मद्देनज़र संगठन को बूथ स्तर तक मज़बूत करने की रणनीति समझाई और “मिशन 2025” के तहत काम में जुटने का आह्वान किया।

🔷 अखिलेश यादव पर ‘नो एंट्री’ बोर्ड का तंज

अपने भाषण के दौरान राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला और कहा:

“अखिलेश यादव सत्ता के लिए रात भर जागते रहते हैं, लेकिन हमने—संजय निषाद, अनुप्रिया पटेल और जयंत चौधरी के साथ मिलकर—सत्ता के दरवाजे पर ‘नो एंट्री’ का बोर्ड टांग दिया है।”

यह बयान अखिलेश के लिए सीधा संदेश माना जा रहा है कि पिछड़ी जातियों की राजनीति अब सपा के पाले में लौटने नहीं जा रही।

🔷 सपा शासन बनाम भाजपा शासन – राजभर का तर्क

राजभर ने सपा शासनकाल पर हमला करते हुए कहा:

“सपा के कार्यकाल में प्रदेश में 800 से ज्यादा दंगे हुए थे, जबकि बीजेपी के आठ वर्षों में एक भी दंगा नहीं हुआ। यह फर्क जनता को अब समझ में आ गया है।”

उन्होंने यह भी कहा कि “कानून को हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं है, चाहे इटावा हो या प्रयागराज, सख्त कार्रवाई जरूर होगी।”

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🔷 बीजेपी में सबकुछ ठीक – विवाद पर साधी चुप्पी

जब पत्रकारों ने उनसे गृहमंत्री अमित शाह द्वारा केशव प्रसाद मौर्य को ‘मित्र’ कहे जाने के राजनीतिक मायनों पर सवाल किया तो राजभर ने संक्षिप्त जवाब में कहा:

“बीजेपी में सब ठीक है।”

इसके बाद उन्होंने कोई और टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। यह साफ इशारा था कि वे फिलहाल सियासी उठापटक से दूर रहकर संगठन को मजबूती देने पर फोकस कर रहे हैं।

ये भी वीडियो देखिये:-

🔷 सुभासपा के लिए ‘निर्णायक भूमिका’ का लक्ष्य

राजभर ने कार्यकर्ताओं से कहा:

“अब समय आ गया है कि सुभासपा हर बूथ, हर गांव और हर मोहल्ले तक पहुंचे। आने वाले चुनावों में हमारी भूमिका ‘निर्णायक’ होनी चाहिए, न कि सहयोगी की।”

🧠 विश्लेषण – राजभर का बयान किस दिशा में इशारा करता है?

राजभर का सपा पर हमला और बीजेपी के साथ सुर मिलाना यह दर्शाता है कि वह 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में अभी से जुट गए हैं।

संजय निषाद, अनुप्रिया पटेल, जयंत चौधरी का नाम लेकर उन्होंने यह साफ कर दिया कि अखिलेश यादव पिछड़े वोट बैंक में अब अकेले नहीं हैं।

बूथ स्तर की रणनीति और कार्यकर्ता सशक्तिकरण का फोकस उनके मिशन को ज़मीन पर उतारने की तैयारी का हिस्सा है।

 

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