Agra: 20 लाख की फिरौती माँगने वाला सिपाही बर्खास्त
Agra: सिपाही मोनू तालान अपहरणकर्ता साबित, 20 लाख की फिरौती के आरोप में बर्खास्त
आगरा। सुरक्षा और कानून की आड़ में छिपे हुए लोग ही सबसे बड़ा खतरा बन जाते हैं। ऐसा ही मामला सामने आया है आगरा से, जहां सिपाही मोनू तालान, जो कि जनता की सुरक्षा का दावा करता था, खुद अपहरण और फिरौती की वारदात में शामिल पाया गया। पुलिस की वर्दी में छुपा यह व्यक्ति जनता के विश्वास को तोड़ते हुए 20 लाख रुपये की फिरौती के लिए छात्र का अपहरण करने तक नहीं हिचकिचाया।
गैर हाजिर होकर दिया वारदात को अंजाम
जानकारी के अनुसार, मोनू तालान थाना सैया में तैनात था, लेकिन 16 सितंबर को गैर हाजिर रहकर उसने आगरा के नगला बूढ़ी निवासी छात्र हर्षवर्धन का अपहरण कर लिया। अपहरण के दौरान उसने परिवार से 20 लाख रुपये की मांग की, जबकि खुद कानून की अंगड़ाई में आराम फरमा रहा था।
पहले से दर्ज है तीन मुकदमे और जेल की सलाखें
विभागीय जांच में यह सामने आया कि मोनू तालान के खिलाफ पहले से ही तीन मुकदमे दर्ज थे। वर्तमान में वह जिला जेल में बंद था, लेकिन इस जालसाजी और धूर्तता ने सभी को दंग कर दिया।
विभागीय कार्रवाई
डीसीपी मुख्यालय सैय्यद अली अब्बास ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत सिपाही मोनू तालान को बर्खास्त कर दिया। विभागीय जांच में दोषी पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई।
सवाल उठता है सुरक्षा व्यवस्था पर
यह घटना स्पष्ट संदेश देती है कि कभी-कभी वही लोग जो कानून और सुरक्षा की दुहाई देते हैं, वे ही जनता के लिए सबसे बड़ा खतरा बन जाते हैं। जनता के विश्वास और सुरक्षा के नाम पर किए गए इस तरह के घिनौने खेल को रोकने के लिए कड़ी निगरानी और सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है।