आगरा में 5000 करोड़ के इंटरनेशनल Cyber Fraud का खुलासा, दो गिरफ्तार

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आगरा में 5000 करोड़ के इंटरनेशनल Cyber Fraud का खुलासा, दो गिरफ्तार

आगरा में 5000 करोड़ रुपये के इंटरनेशनल Cyber Fraud का खुलासा,  बेरोजगार युवाओं को विदेशों में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी और मानव तस्करी का खेल उजागर

आगरा– उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश किया है, जिसमें लगभग 5000 करोड़ रुपये की ठगी की गई है। यह ठगी विदेशों में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं को झांसे में लेकर उन्हें साइबर गुलामी और मानव तस्करी के जाल में फंसाने का मामला सामने आया है।

गिरफ्तारी और आरोपियों की पहचान

आरोपियों की पहचान मो. आतिफ खान (निवासी उन्नाव) और अजय कुमार शुक्ला (निवासी इंदौर, मध्य प्रदेश) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, इन दोनों ने दर्जनों भारतीय युवाओं को 3,500 डॉलर में बेचने की बात कबूली है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आतिफ खान 2022 से कंबोडिया में रह रहा था और 50 से ज्यादा लोगों को नौकरी का झांसा देकर विदेशी साइबर माफियाओं को बेच चुका था। कई पीड़ितों को जबरन साइबर ठगी करवाने पर मजबूर किया गया, और विरोध करने पर मारपीट और फिरौती लेकर छोड़ा गया।

साइबर गुलामी और ऑनलाइन ठगी

आरोपियों ने बेरोजगार युवाओं को झांसे में लेकर उन्हें साइबर गुलामी में फंसाया। विदेशों में हाउस अरेस्ट कर उन्हें ऑनलाइन ठगी, डिजिटल इन्वेस्टमेंट और ट्रेडिंग फ्रॉड जैसे अपराधों में लिप्त किया गया। इसके लिए आरोपियों ने फर्जी कंपनियों का सहारा लिया और युवाओं को आकर्षक वेतन का लालच दिया।

पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी

पुलिस ने आरोपियों के पास से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और उपकरण बरामद किए हैं, जिनमें फोन, लैपटॉप, CPU, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी शामिल हैं। इसके अलावा, आरोपियों के मोबाइल में साइबर सर्विसेज की चैट, पासपोर्ट फोटो, पाकिस्तानी ठगों से कनेक्शन और होटल ट्रांजैक्शन के सबूत मिले हैं।

पुलिस का बयान और आगे की कार्रवाई

एडीसीपी साइबर क्राइम आदित्य कुमार ने बताया कि यह गिरोह ढाई से तीन साल से यह फ्रॉड का काम कर रहा था। ये लोग नौकरी दिलाने के नाम पर विदेशों में लोगों को बेच देते थे, और उन्हें अकाउंट भी उपलब्ध कराने का काम करते थे। यह एक बड़ा नेटवर्क है, जिसकी गहनता से जांच की जा रही है। जिन-जिन लोगों के नाम इस घटना में सामने आएंगे, उन्हें शीघ्र ही गिरफ्तार किया जाएगा।

यह मामला साइबर अपराध और मानव तस्करी के जाल में फंसे बेरोजगार युवाओं की कहानी को उजागर करता है। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है, और ऐसे गिरोहों के खिलाफ जागरूकता फैलाना आवश्यक है।

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