कानपुर में कारतूस बनाएगी अडानी डिफेंस, सेना के लिए रोबोट और मिसाइल उत्पादन का भी है लक्ष्य
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आत्मनिर्भर भारत अभियान से जुड़ी पहल
केंद्र सरकार लगातार रक्षा क्षेत्र में **मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत** मिशन को बढ़ावा दे रही है। इस दिशा में अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस का यह कदम देश की सामरिक क्षमताओं को और मजबूत करेगा। कंपनी का कहना है कि देश की सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के साथ ही निर्यात के अवसर भी तलाशे जाएंगे।
कानपुर संयंत्र की भूमिका
कानपुर स्थित संयंत्र फिलहाल कारतूसों के उत्पादन पर केंद्रित है। अब यहां उत्पादन क्षमता को बढ़ाने की योजना है ताकि सेना को आवश्यक गोला-बारूद की आपूर्ति समय पर की जा सके। इसके अतिरिक्त, भविष्य में यही संयंत्र **रोबोटिक्स और मिसाइल टेक्नोलॉजी** के विकास का भी प्रमुख केंद्र बनेगा।
रोजगार और निवेश के नए अवसर
इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। कंपनी का मानना है कि रक्षा उत्पादन में विस्तार से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से युवाओं को रोजगार मिलेगा। साथ ही, तकनीकी क्षेत्र में प्रशिक्षण और कौशल विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
रक्षा उत्पादन में निजी क्षेत्र की भागीदारी
अडानी डिफेंस की इस पहल से यह साफ होता है कि निजी क्षेत्र रक्षा उत्पादन में सक्रिय रूप से आगे आ रहा है। सरकार ने हाल के वर्षों में कई नीतिगत बदलाव किए हैं ताकि निजी कंपनियां भी रक्षा निर्माण में योगदान दे सकें। इसके परिणामस्वरूप भारत अब धीरे-धीरे आयात पर निर्भरता कम कर रहा है।
कानपुर को होगा फायदा