योगी जी बचा लीजिए, गिड़गिड़ाकर बोला माफिया अतीक का बेटा – “Godfather” कहलाने वाला गीदड़ बन गया
प्रयागराज जेल से झाँसी शिफ्ट अतीक अहमद का बेटा बोला “योगी जी अब बचा लीजिए, अब और न सताइए” – “Godfather” कहलाने वाला गीदड़ बन गया
उत्तर प्रदेश की धरती पर माफियाओं का आतंक खत्म करने की दिशा में योगी आदित्यनाथ सरकार जिस तरह से लगातार काम कर रही है, उसका असर अब साफ दिखने लगा है। हालात ये हैं कि कभी लोगों के दिलों में खौफ बैठाने वाले अपराधियों और उनके परिवार के सदस्य अब खुलेआम “बचाने की गुहार” लगाने लगे हैं। प्रयागराज जेल से झाँसी जेल शिफ्ट किए जाने के बाद माफिया अतीक अहमद का बेटा अली अहमद मीडिया से मुखातिब हुआ और हाथ जोड़कर बोला—
“योगी जी अब बचा लीजिए, अब और न सताइए।”
यह बयान सिर्फ एक लाचार बेटे की पुकार नहीं बल्कि उस कठोर कानून-व्यवस्था का सबूत है जो योगी राज में अपराधियों के हौसले तोड़ रही है।
अली अहमद की लाचारी और गुहार
प्रयागराज जेल से ट्रांसफर होकर झाँसी जेल भेजे गए अली अहमद ने मीडिया से बातचीत में भावुक होते हुए कहा कि अब सहनशक्ति जवाब दे रही है। उसने आरोप लगाया कि परिवार के साथ लगातार दबाव और कार्रवाई की जा रही है। उसकी जुबान पर वही शब्द गूंजे जो आज पूरे प्रदेश के लिए एक बड़ा संदेश हैं—
“योगी जी, अब बचा लीजिए, अब और न सताइए।”
यह बयान इस बात का प्रतीक है कि जिस परिवार ने कभी प्रदेश में दहशत और खौफ का राज कायम किया था, वही आज कानून के शिकंजे में पिसकर रहम की भीख मांग रहा है।
योगी सरकार की सख्ती के आगे अपराधी पस्त
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता में आने के बाद साफ कर दिया था कि अपराधियों के लिए उत्तर प्रदेश में कोई जगह नहीं होगी। “माफिया मुक्त यूपी” का नारा सिर्फ एक राजनीतिक जुमला नहीं बल्कि जमीनी हकीकत बन चुका है।
गैंगवार, वसूली और बाहुबल की राजनीति को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस और प्रशासन को खुली छूट दी गई।
लगातार चल रही कार्रवाई से यूपी की सड़कों पर कानून का राज स्थापित होते दिखाई देने लगा है ।
अपराधियों की हालत पतली
आज हालात ये हैं कि जो लोग पहले “खून से रंगी राजनीति” करते थे, वे जेलों में बंद होकर जमानत की जुगत में लगे हैं। जो परिवार कभी “गॉडफादर” कहलाता था, वह अब सरकार से रहम की उम्मीद कर रहा है। अली अहमद का यह बयान पूरे प्रदेश के लिए एक उदाहरण है कि अपराध का रास्ता चाहे कितना ही ताकतवर क्यों न हो, अंत में उसका ठिकाना जेल या मौत ही है।
अली अहमद की “गुहार” दरअसल योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी की जीत है। आज प्रदेश का हर नागरिक देख रहा है कि अपराधी और माफिया राजनेताओं के संरक्षण से बाहर आकर कानून के शिकंजे में हैं।
योगी आदित्यनाथ ने यह साबित कर दिया है कि “अब यूपी में न माफिया बचेगा और न अपराधियों की हेकड़ी।”
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