पढ़िए वाहन पंजीयन नियमों में बड़ा बदलाव: अब 15 नहीं अब जानिए कितने साल तक मान्य रहेगा पंजीकरण

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भारत सरकार ने वाहन मालिकों को बड़ी राहत देते हुए पंजीकरण नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब वाहनों का पंजीकरण 15 साल तक नहीं बल्कि 20 साल तक* मान्य होगा। यह फैसला खासकर उन लोगों के लिए राहत की खबर है, जो लंबे समय तक अपने वाहन का उपयोग करना चाहते हैं।

पहले 15 साल थी पंजीकरण की सीमा

अभी तक लागू नियमों के अनुसार निजी वाहनों का पंजीकरण केवल 15 साल तक ही मान्य रहता था। इसके बाद वाहन मालिक को या तो पंजीकरण नवीनीकरण कराना पड़ता था या फिर वाहन को कबाड़ नीति (Scrappage Policy) के तहत निष्क्रिय करना पड़ता था। लेकिन नए प्रावधान के साथ ही वाहन मालिकों को 5 साल की अतिरिक्त वैधता मिल जाएगी।

सरकार का उद्देश्य

सरकार का मानना है कि यह निर्णय न केवल वाहन मालिकों को आर्थिक लाभ पहुंचाएगा, बल्कि ऑटोमोबाइल सेक्टर में संतुलन भी बनाएगा। हालांकि, इसके साथ ही प्रदूषण नियंत्रण और फिटनेस जांच जैसे नियम भी लागू रहेंगे। इसलिए, जो वाहन 20 साल तक सड़क पर चलेंगे, उन्हें समय-समय पर प्रदूषण और सुरक्षा मानकों की जांच से गुजरना होगा।

वाहन मालिकों को होगा फायदा

इस नियम में बदलाव से सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को होगा जो अपने वाहन लंबे समय तक रखते हैं। अब उन्हें हर 15 साल बाद नए वाहन खरीदने की बाध्यता से राहत मिलेगी। इसके अतिरिक्त, यह निर्णय ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए और भी उपयोगी होगा, क्योंकि वहां वाहन अक्सर लंबे समय तक इस्तेमाल किए जाते हैं।

पर्यावरण और सुरक्षा नियम यथावत

हालांकि, पंजीकरण की अवधि बढ़ने का यह मतलब नहीं है कि नियमों में ढील दी गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वाहनों को नियमित रूप से *फिटनेस सर्टिफिकेट* प्राप्त करना होगा। साथ ही, पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) प्रमाण पत्र भी अनिवार्य रहेगा।

इससे यह सुनिश्चित होगा कि पुराने वाहन भी पर्यावरण और सुरक्षा मानकों के अनुरूप सड़क पर चलें। इसलिए, वाहन मालिकों को नए नियमों का पालन करना जरूरी होगा।

ऑटोमोबाइल सेक्टर पर असर

नए प्रावधान का असर ऑटोमोबाइल उद्योग पर भी पड़ सकता है। जहां एक ओर वाहन बिक्री में थोड़ी कमी आ सकती है, वहीं दूसरी ओर सर्विस, मरम्मत और फिटनेस जांच से जुड़ा कारोबार बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम वाहन उद्योग और पर्यावरण संतुलन के बीच एक संतुलित समाधान प्रस्तुत करता है।

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