Uttarakhand–Pilibhit Flood: मझोला–सितारगंज सड़क बही, पीलीभीत प्रशासन ने लगाया ‘सुरक्षा’ संकेत

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Uttarakhand–Pilibhit Flood: बढ़ते जलस्तर से मझोला–सितारगंज मार्ग कट गया, पीलीभीत डीएम ने ‘सुरक्षा’ संकेत लगवाकर मार्ग बंद कराया—जनजीवन प्रभावित।

Uttarakhand–Pilibhit Flood: मझोला–सितारगंज मार्ग बरसाती आपदा में बहा, 15 गांवों का संपर्क टूटा

लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने पीलीभीत जिले में जनजीवन को गहरा असर पहुंचाया है। पहाड़ों से उफनाकर आई कैलाश नदी के तेज बहाव ने मझोला–सितारगंज मार्ग का एक बड़ा हिस्सा बहा दिया, जिससे लगभग 15 गांवों का सड़क संपर्क टूट गया। यह घटना बरसात के मौसम में प्राकृतिक आपदा की गंभीरता और उसके असर को एक बार फिर उजागर करती है।

Uttarakhand–Pilibhit Flood:कैलाश नदी का उफान

बृहस्पतिवार दोपहर के बाद पहाड़ों पर हुई भारी वर्षा का असर कैलाश नदी में साफ देखने को मिला। पानी का प्रवाह इतना तेज था कि उसने सीधे मार्ग पर बनी पुलिया और सड़क के हिस्से को अपने साथ बहा लिया। तेज बहाव के सामने मार्ग का लगभग 20 फुट भाग कटकर नदी में समा गया और यातायात पूरी तरह रुक गया।

Uttarakhand–Pilibhit Flood:बरसात का प्राकृतिक प्रभाव

बरसात के मौसम में नदियों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी आम बात है, लेकिन इस बार कैलाश नदी का उफान इतना तीव्र था कि यह मझोला से सितारगंज के बीच का अहम मार्ग तोड़ गया। बरसाती पानी और पहाड़ी इलाकों से आने वाले तेज बहाव ने मार्ग पर दबाव बढ़ा दिया, जिससे सड़क और पुलिया दोनों को नुकसान पहुंचा।

Uttarakhand–Pilibhit Flood:जनजीवन पर असर

यह मार्ग मझोला क्षेत्र के दर्जनों गांवों को सितारगंज से जोड़ता है। यहां से भिंडारा, मजगमी, कटइया, बिहरैनी सहित कई गांवों के लोग रोज़मर्रा के काम, कृषि उपज की ढुलाई और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आवागमन करते हैं। मार्ग टूटने से अब लोगों को लंबा चक्कर लगाकर वैकल्पिक रास्तों से यात्रा करनी पड़ रही है।

पीलीभीत प्रशासन ने क्षतिग्रस्त मार्ग पर लगाया चेतावनी बोर्ड

आपदा के एहतियातन प्रबंधन के तौर पर, पीलीभीत जिलाधिकारी ने क्षतिग्रस्त मझोला–सितारगंज मार्ग पर तत्काल  बैरिकेडिंग करवा दी है। साथ ही, सड़क पर “STOP” का स्पष्ट बोर्ड लगाया गया है, ताकि इस रास्ते से गुजरने वाले लोग समय रहते सतर्क हो सकें और किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। यह चेतावनी संकेत बरसाती बहाव के खतरे को देखते हुए लगाए गए हैं, जिससे ग्रामीणों और राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

सावधानी और जनजागरूकता

बरसात के दिनों में नदियों के किनारे या बाढ़ प्रभावित इलाकों में यात्रा करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना ज़रूरी है। ग्रामीणों को ऐसे समय में नदी पार करने या कटे हुए रास्तों का उपयोग करने से बचना चाहिए। साथ ही, मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करना जीवन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए आवश्यक है।

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