यूपी प्रशासन में सुशासन और दक्षता की नई मिसाल: जानिए मिशन कर्मयोगी से कैसे बढ़ी सरकारी कार्यकुशलता

0
e87c9428-7ef6-443a-8817-8c8e62070f41

#image_title

उत्तर प्रदेश सरकार प्रशासनिक दक्षता और सुशासन के क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए मिशन कर्मयोगी अभियान को पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाया है।

इस अभियान के माध्यम से अधिकारी और कर्मचारी डिजिटल प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने कार्य कौशल को निखारते हुए जनता को तेज, पारदर्शी और प्रभावी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।

दक्षता और पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम

समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने बताया कि सितंबर 2025 तक समाज कल्याण विभाग के 3,900 अधिकारी, नियमित और संविदा कर्मचारी iGOT Karmayogi पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं।

इन कर्मचारियों ने अब तक 21,150 कोर्स पूरे किए हैं, जिनमें कुल 15,893 घंटे का प्रशिक्षण शामिल है। आंकड़ों के अनुसार:

* 2,759 कर्मचारियों ने कम से कम एक कोर्स पूरा किया है।
* 2,289 कर्मचारियों ने तीन या उससे अधिक कोर्स पूरे किए हैं।
* 1,611 कर्मचारियों ने तीन से कम कोर्स पूरे किए हैं।
* 1,141 कर्मचारी अभी प्रशिक्षण पूरा करने की प्रक्रिया में हैं।

मंत्री असीम अरुण ने कहा कि “मिशन कर्मयोगी का मुख्य उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को दक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। इस प्रशिक्षण से सरकारी कर्मचारियों में नई कार्यशैली, नीति निर्माण की समझ और प्रबंधन कौशल विकसित हो रहे हैं, जिससे जनता को बेहतर और पारदर्शी सेवाएं मिल रही हैं।”

डिजिटल प्रशिक्षण और कार्य कौशल में सुधार

iGOT Karmayogi पोर्टल पर प्रशिक्षण कार्यक्रम कर्मचारियों को तकनीकी दक्षता और प्रशासनिक कौशल में सुधार करने के साथ सकारात्मक कार्यसंस्कृति अपनाने के लिए प्रेरित करता है। प्रमुख कोर्स इस प्रकार हैं:

* Yoga Break at Workplace: तनाव मुक्त और उत्पादक कार्य संस्कृति के लिए।
* POSH Act 2013: कार्यस्थल पर महिला सुरक्षा की जागरूकता।
* Procurement Process on GeM: पारदर्शी क्रय प्रक्रिया।
* National Education Policy 2020, Basics of AI, RTI Act: नीति, तकनीक और पारदर्शिता के आयामों को समझने हेतु।

इन कोर्सों के माध्यम से अधिकारी और कर्मचारी न केवल तकनीकी रूप से दक्ष बन रहे हैं, बल्कि जनता के प्रति जवाबदेह बनने की मानसिकता भी विकसित कर रहे हैं।

प्रशासनिक दक्षता से बेहतर हुई सेवा

मिशन कर्मयोगी अभियान के परिणाम स्पष्ट हैं। अधिकारी और कर्मचारी अब जनता को अधिक सुलभ, तेज और पारदर्शी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। डिजिटल प्रशिक्षण ने न केवल सरकारी कामकाज की गति बढ़ाई है, बल्कि नागरिक संतुष्टि और जवाबदेही में भी सुधार हुआ है।

इसके साथ ही, प्रशिक्षण से कर्मचारियों में नीति निर्माण की समझ, तकनीकी कौशल और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हुआ है, जो सरकारी प्रशासन के स्तर को और उन्नत बनाता है।

यूपी में सुशासन और डिजिटल का नवाचार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राज्य सरकार ने सभी विभागों को iGOT Karmayogi पोर्टल से जोड़ने की प्रक्रिया तेजी से पूरी की है। इसका उद्देश्य है कि प्रशासन जनता के लिए अधिक सुलभ, जवाबदेही और पारदर्शिता बने

डिजिटल प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीक के उपयोग से उत्तर प्रदेश अन्य राज्यों के मुकाबले प्रशासनिक दक्षता और सुशासन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में उभरा है।

यह हुआ समाज कल्याण विभाग में बदलाव और परिणाम

समाज कल्याण विभाग के अधिकारी और कर्मचारी अब नई कार्यशैली अपनाकर:

* जनता को तेज और प्रभावी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
* नीति और तकनीक के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ा रहे हैं।
* कार्यालय में तनावमुक्त और उत्पादक वातावरण सुनिश्चित कर रहे हैं।

इस प्रकार मिशन कर्मयोगी अभियान ने सरकारी कामकाज को नवीन, डिजिटल और दक्ष बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

 

About The Author

Leave a Reply

Discover more from ROCKET POST LIVE

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading