उन्नाव में छेड़छाड़ विवाद से उपजा बवाल, फायरिंग में मासूम की मौत, ग्रामीणों ने पुलिस पर उठाए सवाल
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विवाद की जड़ बनी छेड़छाड़ की घटना
स्थानीय लोगों के अनुसार, गांव के ही एक युवक पर लड़की से छेड़छाड़ का आरोप था। बीते कई दिनों से दोनों पक्षों के बीच तनाव और गाली-गलौज का माहौल बना हुआ था। लोगों का कहना है कि इस मामले की सूचना पुलिस को पहले ही दी गई थी, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं हुई।
घटना की रात क्या हुआ
रविवार रात करीब 10:30 बजे आरोपी युवक अपने साथियों के साथ युवती के घर पहुंचा। नशे की हालत में उसने गाली-गलौज शुरू की और अचानक फायरिंग कर दी। गोलियों की आवाज से मोहल्ला गूंज उठा। इस दौरान शोर सुनकर पड़ोसी सोनू यादव का 10 वर्षीय बेटा अजीत बाहर निकल आया। दुर्भाग्यवश फायरिंग के दौरान चली एक गोली उसके सीने में जा लगी। परिजन आनन-फानन उसे जिला अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही गंगाघाट कोतवाली प्रभारी प्रमोद कुमार मिश्र पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। एसपी दीपक भूकर ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए। कोतवाल ने बताया कि चार टीमें गठित कर दी गई हैं और आरोपियों के परिजनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
ग्रामीणों में आक्रोश
घटना के बाद से मोहल्ले में गम और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का आरोप है कि अगर पुलिस ने पहले ही छेड़छाड़ और गाली-गलौज की शिकायत पर कार्रवाई की होती, तो मासूम की जान बच सकती थी। लोग इसे सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज का सवाल मान रहे हैं।
जिम्मेदारी पर उठे सवाल
यह घटना पुलिस की कार्यशैली और दबंगई पर सवाल खड़े करती है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक छेड़छाड़ और छोटे विवादों को गंभीरता से नहीं लिया जाएगा, तब तक ऐसी घटनाएं मासूमों की जिंदगी छीनती रहेंगी। अजीत की मौत केवल एक परिवार का ग़म नहीं है, बल्कि कानून व्यवस्था पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न है।