उज्जैन शिप्रा नदी हादसा: तीन दिन बाद महिला आरक्षक का शव और कार बरामद, तीनों पुलिसकर्मियों की मौत
उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में शिप्रा नदी हादसे से जुड़ा बड़ा अपडेट सामने आया है। शनिवार रात को हुए इस हादसे के तीन दिन बाद महिला आरक्षक **आरती पाल** का शव नदी से बरामद कर लिया गया है। इसके साथ ही कार भी घटनास्थल से मिली है। गौरतलब है कि हादसे में तीन पुलिसकर्मी सवार थे, जिनकी अब मौत की पुष्टि हो चुकी है।
शनिवार को हुआ था हादसा
शनिवार रात करीब 9 बजे शिप्रा नदी के बड़े पुल पर एक कार अनियंत्रित होकर नीचे नदी में जा गिरी थी। इस कार में थाना प्रभारी अशोक शर्मा, सब इंस्पेक्टर मदनलाल निनामा और महिला आरक्षक आरती पाल सवार थे। हादसे के बाद प्रशासन ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया था।
रविवार सुबह सबसे पहले थाना प्रभारी अशोक शर्मा का शव बरामद हुआ। इसके बाद सोमवार को सब इंस्पेक्टर मदनलाल निनामा का शव भी मिल गया। हालांकि, महिला आरक्षक का कोई पता नहीं चल पा रहा था। लगातार खोजबीन के बाद मंगलवार को गोताखोरों ने आरती पाल का शव नदी से निकाला। इसी के साथ तीनों पुलिसकर्मियों की मौत की पुष्टि हो गई।
तीन दिन चला रेस्क्यू
तीन दिनों तक चले इस रेस्क्यू अभियान में पुलिस, एनडीआरएफ और गोताखोरों की टीम लगातार जुटी रही। इस दौरान एसपी प्रदीप शर्मा स्वयं घटनास्थल पर मौजूद रहकर रेस्क्यू अभियान की निगरानी करते रहे। अंततः मंगलवार को कार और लापता शव बरामद कर अभियान समाप्त हुआ।
जांच अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कार अचानक अनियंत्रित होकर पुल की रेलिंग तोड़ते हुए नदी में जा गिरी थी। हालांकि, हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
पुलिस विभाग में शोक की लहर
यह हादसा न केवल उज्जैन पुलिस विभाग बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गहरा दुख छोड़ गया है। तीनों पुलिसकर्मियों के निधन से उनके परिजनों और सहकर्मियों में शोक की लहर है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है।