राष्ट्र गौरव तन्वी: दो गोल्ड, यूपी टीम में चयन, ओलंपिक लक्ष्य
राष्ट्र गौरव तन्वी: दो गोल्ड मेडल जीतती हुई तीरंदाज तन्वी त्यागी का प्रेरणादायक चित्र
उत्तर प्रदेश टीम में शामिल हुईं प्रतिभाशाली तीरंदाज तन्वी त्यागी: शिक्षा और खेल जगत की चमकती मिसाल
गाजियाबाद से राष्ट्रीय स्तर तक का सफर तय कर रही एक होनहार छात्रा की कहानी
शानदार प्रदर्शन से जीते दो गोल्ड मेडल, अब यूपी टीम में करेंगी प्रतिनिधित्व
गाजियाबाद के राकेश मार्ग स्थित गगन एनक्लेव की रहने वाली तन्वी त्यागी ने तीरंदाजी के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। इंदिरापुरम पब्लिक स्कूल की कक्षा 9 की यह छात्रा न सिर्फ जिला स्तरीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के दम पर दो गोल्ड मेडल जीतने में सफल रही, बल्कि अब उत्तर प्रदेश राज्य की टीम में भी अपना स्थान पक्का कर चुकी हैं।
जिला स्तरीय प्रतियोगिता में किया अद्भुत प्रदर्शन
गाजियाबाद में आयोजित जिला स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, लेकिन तन्वी ने अपने सधे हुए निशानों से सबका ध्यान खींचा। उन्होंने दो चरणों में खेले गए मुकाबलों में पहले राउंड में 180 में से 147 और दूसरे राउंड में 180 में से 153 अंक अर्जित किए। यह स्कोर न सिर्फ प्रतियोगिता में सबसे बेहतरीन रहा, बल्कि उन्हें मिनी सब श्रेणी (अंडर 15) में दो गोल्ड मेडल दिलाने में भी सफल रहा।
अब राज्य स्तर पर करेंगी उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व
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इस असाधारण प्रदर्शन के चलते तन्वी को उत्तर प्रदेश की टीम में चुना गया है। अब वह राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी। यह सफलता न केवल उनके लिए बल्कि गाजियाबाद और पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है।
शिक्षा और खेल का समर्पित संतुलन
तन्वी इंदिरापुरम पब्लिक स्कूल की नियमित छात्रा हैं। वह शिक्षा में भी उतनी ही गंभीर हैं जितनी खेल में। खेल और पढ़ाई के बीच संतुलन साधते हुए वह प्रतिदिन 4 से 5 घंटे तक तीरंदाजी का अभ्यास करती हैं। उनकी यह मेहनत अब रंग ला रही है।
माता-पिता और कोच को दिया सफलता का श्रेय
अपनी इस उपलब्धि पर तन्वी ने कहा, “मेरी सफलता के पीछे मेरे माता-पिता और मेरे कोच का बहुत बड़ा योगदान है। वे लगातार मुझे प्रेरित करते रहे और हर कठिन समय में मेरे साथ खड़े रहे।”
तन्वी के पिता गौरव त्यागी विदेश में कार्यरत हैं और माता मनीषा त्यागी एक शिक्षिका हैं। उन्होंने भी तन्वी की खेल भावना को हमेशा प्रोत्साहित किया।
ओलंपिक में मेडल लाना है सपना
तन्वी का अगला लक्ष्य ओलंपिक खेलों में भारत के लिए मेडल जीतना है। उन्होंने कहा, “गोल्ड मेडल जीतकर मुझे आत्मविश्वास मिला है। अब मैं ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतने की दिशा में मेहनत कर रही हूं। लगातार अभ्यास और समर्पण से ही मैं अपने सपनों को साकार करूंगी।”
शिक्षा और खेल जगत के लिए प्रेरणा
तन्वी की सफलता न केवल खेल के क्षेत्र में बल्कि शिक्षा जगत के लिए भी एक प्रेरणा है। यह उदाहरण दर्शाता है कि अगर सही मार्गदर्शन, समर्पण और मेहनत हो तो कोई भी छात्र खेल और पढ़ाई दोनों में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकता है।