Supreme Court on stray dogs: सरल भाषा में समझिए आवारा कुत्तों के बारे में क्या है सुप्रीम कोर्ट का आदेश
Supreme Court on Stray Dogs: सरल भाषा में समझिए आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश और इसका समाज पर असर – IASI
दिल्ली और देशभर में बढ़ती stray dogs (आवारा कुत्तों) की समस्या पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने साफ कहा कि अब कुत्तों के लिए नया सिस्टम लागू होगा जिसमें जनता की सुरक्षा और पशु अधिकार दोनों का संतुलन रहेगा।
Supreme Court on stray dogs: सुप्रीम कोर्ट के आदेश – आसान भाषा में समझें
1. नसबंदी और टीकाकरण के बाद ही छोड़ा जाएगा
कुत्तों को सड़क पर तभी छोड़ा जाएगा जब उनका vaccination, deworming और sterilisation हो चुका होगा।
2.बीमार और आक्रामक कुत्ते वापस नहीं जाएंगे
जो कुत्ते रेबीज़ से संक्रमित हैं या खतरनाक व्यवहार करते हैं, उन्हें शेल्टर में ही रखा जाएगा।
3.सड़क पर खाना खिलाने पर रोक
अब किसी को भी गली-सड़क पर कुत्तों को खाना खिलाने की अनुमति नहीं होगी। इसके लिए खास feeding zones बनाए जाएंगे।
4.गलत तरीके से खाना खिलाने वालों पर कार्रवाई
जो लोग नियम तोड़कर सड़क पर कुत्तों को खाना देंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी।
5.नगर निगम बनाएंगे हेल्पलाइन
हर नगरपालिका को एक helpline number शुरू करना होगा ताकि लोग नियम उल्लंघन की शिकायत कर सकें।
6.एनजीओ और एक्टिविस्ट को भी चेतावनी
कोर्ट ने कहा कि animal rights activists किसी भी तरह की सरकारी कार्रवाई में बाधा नहीं डालेंगे।
7.SC आने वालों पर फीस का नियम
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जो व्यक्ति इस मामले में कोर्ट पहुंचे हैं उन्हें ₹25,000 और जो NGO कोर्ट आए हैं उन्हें ₹2 लाख जमा करने होंगे।
8.गोद लिए गए कुत्ते सड़क पर वापस नहीं होंगे
अगर कोई कुत्ता किसी ने adopt कर लिया है, तो उसे दोबारा सड़क पर नहीं छोड़ा जा सकता।
9.पूरे देश के लिए बनेगी नीति
कोर्ट ने संकेत दिया है कि सभी राज्यों से बात करने के बाद आवारा कुत्तों के लिए राष्ट्रीय नीति (National Policy) तैयार की जाएगी
Supreme Court on stray dogs: सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश साफ करता है कि अब stray dogs को लेकर देश में नया सिस्टम बनेगा—जिसमें जनता की सुरक्षा और कुत्तों की देखभाल दोनों की जिम्मेदारी तय होगी।