Shri Ram Temple Ayodhya: 25 नवंबर को PM MODI 190 फुट ऊंचा ध्वज फहराएंगे, जानिए सुरक्षा व्यवस्था

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Shri Ram Temple Ayodhya: 25 नवंबर को PM MODI 190 फुट ऊंचा ध्वज फहराएंगे, जानिए सुरक्षा व्यवस्था

Shri Ram Temple Ayodhya: दिल्ली ब्लास्ट के बाद अयोध्या से नेपाल बॉर्डर तक अलर्ट—PM मोदी के 25 नवंबर के राम मंदिर ध्वजारोहण कार्यक्रम को लेकर महराजगंज में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम

दिल्ली में हुए धमाके ने पूरे देश की सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर ला दिया है। वहीं इसी बीच 25 नवंबर को अयोध्या में होने वाला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऐतिहासिक आगमन—जहां वे राम मंदिर के 190 फुट ऊँचे शिखर पर धार्मिक ध्वज फहराएंगे—प्रशासन के लिए एक बड़ी परीक्षा बन गया है। देश के सबसे संवेदनशील धार्मिक आयोजनों में शामिल इस कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की बाधा, षड्यंत्र या देशविरोधी गतिविधि को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या से लेकर भारत-नेपाल सीमा तक सुरक्षा को अभेद्य किले की तरह कस दिया है।

दिल्ली धमाके के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क — 25 नवंबर का अयोध्या कार्यक्रम राष्ट्रीय फोकस में

दिल्ली में ब्लास्ट की घटना से पूरे सुरक्षा तंत्र की नींद उड़ गई। त्योहारी और धार्मिक आयोजनों की भीड़भाड़ को ध्यान में रखते हुए केंद्र व राज्य सरकारें अब किसी भी चूक के मूड में नहीं हैं। इसी बीच 25 नवंबर को होने वाला अयोध्या का धार्मिक ध्वजारोहण कार्यक्रम—जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं मौजूद रहेंगे—एक अत्यंत संवेदनशील आयोजन के रूप में सामने आया है।

यही कारण है कि अयोध्या से लेकर महाराजगंज की नेपाल सीमा तक सुरक्षा व्यवस्था को अल्ट्रा-हाई अलर्ट मोड पर कर दिया गया है।

राम मंदिर में PM मोदी का 4 घंटे का ऐतिहासिक कार्यक्रम

कार्यक्रम को भव्य और सुरक्षित बनाने में प्रशासन की कई एजेंसियां एक साथ तैनात हैं। इसके मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं—

प्रधानमंत्री मोदी 190 फुट ऊँचे शिखर पर धार्मिक ध्वज फहराएंगे।

मंदिर निर्माण के समापन का संदेश यहीं से दिया जाएगा।

योगी आदित्यनाथ समेत कई केंद्रीय मंत्री, संत-महात्मा और देशभर के 7000 से अधिक अतिथि समारोह में मौजूद रहेंगे।

प्रधानमंत्री लगभग 4 घंटे तक राम नगरी में रुकेंगे।

ध्वजारोहण के बाद पीएम मोदी मंदिर परिसर में ही विशेष संबोधन भी देंगे।

यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भी सबसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल हो गया है।

नेपाल सीमा पर बढ़ा सुरक्षा घेरा—महाराजगंज में SP ने खुद संभाला मोर्चा

दिल्ली धमाके के बाद सीमाई इलाकों पर सतर्कता बढ़ाना प्रशासन की पहली प्राथमिकता बन गया। महराजगंज जो कि भारत-नेपाल की ज़ीरो लाइन से सटा हुआ जनपद है, वहां सुरक्षा व्यवस्थाओं को पूरी क्षमता से लागू किया गया है।

महाराजगंज के पुलिस अधीक्षक सोमेन्द्र मीणा ने सुरक्षा तैयारियों को लेकर विस्तृत जानकारी देते हुए कहा—

सीमा पर सुरक्षा और कड़ी, सभी पगडंडियों पर सक्रिय निगरानी

भारत-नेपाल बॉर्डर के सभी पगडंडी मार्गों पर तैनात पिकेट्स को और सक्रिय किया गया है।

पूर्व में चल रही निगरानी को अब तीन गुना बढ़ा दिया गया है।

एसएसबी और पुलिस की संयुक्त पेट्रोलिंग

एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) के साथ मिलकर स्थानीय पुलिस लगातार पेट्रोलिंग कर रही है।

लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई देशविरोधी तत्व, अपराधी या अवैध घुसपैठिया सीमा पार न कर सके।

ग्राम सुरक्षा समितियां सक्रिय — बैठकें जारी

सीमावर्ती गांवों की ग्राम सुरक्षा समितियों की विशेष बैठकों का आयोजन किया गया है।

गांवों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।

CCTV निगरानी का विस्तार — नई लोकेशन पर कैमरे लगाए गए

सभी पुराने CCTV कैमरों को पूर्ण रूप से सक्रिय किया गया है।

संवेदनशील जगहों पर अतिरिक्त कैमरे स्थापित किए गए हैं।

नियंत्रण कक्ष से 24 घंटे मॉनिटरिंग जारी है।

LIU की रिपोर्ट पर विशेष ध्यान

लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (LIU) निरंतर रिपोर्ट तैयार कर रही है।

यह रिपोर्ट SP और वरिष्ठ अफसरों को रियल टाइम में भेजी जा रही है।

वरिष्ठ अधिकारी बॉर्डर पर भ्रमणशील

राजपत्रित अधिकारी सीमा पर लगातार गश्त कर रहे हैं।

किसी भी स्थिति पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

अयोध्या से महाराजगंज तक सुरक्षा की एक मजबूत श्रृंखला

प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि नेपाल सीमा से लेकर अयोध्या तक किसी भी शक, हलचल या खुफिया इनपुट को ज़रा भी नजरअंदाज न किया जाए।
कांग्रेसन, धार्मिक स्थलों, भीड़भाड़ वाले बाजारों, होटल, धर्मशालाओं और बस स्टेशनों पर भी जांच बढ़ा दी गई है।

यह सुरक्षा चक्र दर्शाता है कि 25 नवंबर के कार्यक्रम को लेकर सरकार और सुरक्षा एजेंसियां किसी भी जोखिम के लिए तैयार नहीं हैं।

एसपी महराजगंज सोमेन्द्र मीणा का बयान

“दिल्ली ब्लास्ट के बाद से ही भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। सभी पगडंडी मार्गों पर नजर रखी जा रही है। SSB के साथ संयुक्त पेट्रोलिंग जारी है। CCTV को और क्रियाशील किया गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त कैमरे लगाए गए हैं। LIU लगातार रिपोर्ट दे रही है और अधिकारी सीमा पर भ्रमणशील हैं।”

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