Shahjahanpur: दो युवतियों ने नदी में लगाई छलांग, तलाश जारी, सवालों के घेरे में घटना

0
Shahjahanpur: शाहजहाँपुर की गर्रा नदी में दो युवतियों ने अजीजगंज पुल से लगाई छलांग। पुलिस व गोताखोर तलाश में जुटे, रहस्यमयी घटना ने खड़े किए कई सवाल।

Shahjahanpur: गर्रा नदी में दो युवतियों की रहस्यमयी छलांग, सवालों के घेरे में घटना

शाहजहाँपुर शनिवार की देर शाम शाहजहाँपुर जनपद के चौक कोतवाली क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब गर्रा नदी के अजीज़गंज पुल पर टहल रहीं दो युवतियों ने अचानक रेलिंग पर चढ़कर नदी में छलांग लगा दी। घटना इतनी अप्रत्याशित थी कि मौके पर मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए। लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। देखते ही देखते आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया और प्रशासन भी हरकत में आ गया।

Shahjahanpur:पुलिस और बचाव टीम की घंटों की कोशिश, हाथ फिर भी खाली

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, पीएसी और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची और दोनों युवतियों की तलाश शुरू कर दी। लेकिन गर्रा नदी का तेज बहाव उनके प्रयासों के सामने बड़ी चुनौती साबित हुआ। देर रात तक नदी में लगातार खोजबीन चलती रही, लेकिन युवतियों का कोई सुराग नहीं लग पाया। प्रशासन ने कहा कि तलाश अभियान जारी है और आसपास के क्षेत्रों को भी अलर्ट कर दिया गया  है ताकि यदि नदी में बहते हुए कोई सुराग मिले तो तुरंत कार्रवाई की जा सके।

Shahjahanpur:घटनाओं की कड़ी निंदा और गहरी चिंता

यह पहली बार नहीं है जब गर्रा नदी से ऐसी खबर सामने आई हो। पिछले महीने ही खन्नौत पुल से मोहल्ला बहादुरपुरा का एक युवक नदी में कूद गया था, जिसका शव चार दिन बाद दनियापुर के पास मिला था। उसके कुछ ही दिन बाद अजीजगंज का अमित गर्रा नदी में कूद गया था और तीन दिन बाद उसका शव सेहरामऊ दक्षिणी क्षेत्र में मिला था। उसी दिन निजामगंज गौटिया का दीपक भी गर्रा नदी की लहरों में समा गया था।

लगातार हो रही इन घटनाओं ने स्थानीय लोगों को डरा दिया है। अब सवाल उठने लगा है कि आखिर क्यों लोग एक के बाद एक इस नदी में कूद रहे हैं? क्या यह किसी मानसिक दबाव, सामाजिक परेशानी या निजी कारणों से जुड़ा मामला है? या फिर कुछ और जिसे जानना बेहद जरूरी है  कि पिछले महीने से लेकर अब तक कई जिंदगियाँ इसी नदी ने क्यों  निगल ली हैं?

Shahjahanpur:युवतियों की माँ का दर्द और एक बड़ा सवाल

घटना के तुरंत बाद दोनों युवतियों की माँ भी मौके पर पहुँच गईं। उन्होंने बताया कि दोनों बेटियाँ कहकर निकली थीं कि “हम लहंगा लेने जा रहे हैं”। लेकिन अचानक वह पुल पर पहुँचीं और इस तरह नदी में छलांग लगा दी। माँ के चेहरे पर सवालों और दर्द की लकीरें साफ झलक रही थीं। उन्होंने कहा कि उन्हें समझ ही नहीं आ रहा कि आखिर ऐसा क्यों हुआ?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या दोनों युवतियाँ अपनी मर्जी से नदी में कूदीं, या फिर इसके पीछे कोई और गहरी वजह छिपी है? फिलहाल परिजन भी इस सवाल का जवाब नहीं दे पा रहे हैं।

Shahjahanpur:प्रशासनिक लापरवाही या सामाजिक दबाव?

यह घटना उस समय हुई जब जिले के तमाम प्रशासनिक अधिकारी बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा कर रहे थे। ऐसे में स्थानीय लोग यह भी कह रहे हैं कि यदि पुल पर चौकसी या गश्त होती तो शायद यह घटना टल सकती थी। वहीं, दूसरी ओर विशेषज्ञ मानते हैं कि आत्महत्या जैसे कदम के पीछे हमेशा किसी मानसिक या सामाजिक दबाव की भूमिका होती है, जिसकी सही वजह तभी सामने आएगी जब पुलिस जांच पूरी करेगी और परिजन खुलकर कुछ बताएंगे।

अनुत्तरित सवाल और समाज के लिए चेतावनी

फिलहाल युवतियों का कोई सुराग नहीं लग पाया है, लेकिन इस घटना ने जिले में एक बार फिर लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। आखिर क्यों आए दिन गर्रा नदी में लोग अपनी जान दे रहे हैं? क्या यह सिर्फ संयोग है या इसके पीछे कोई सामाजिक, आर्थिक या मानसिक दबाव है?

हर घटना के बाद कुछ दिनों तक चर्चा होती है, फिर सब सामान्य हो जाता है। लेकिन यह सिलसिला थमता नहीं दिख रहा। आज जिन दो मासूम बेटियों ने छलांग लगाई, कल वही दर्द किसी और परिवार के हिस्से में आ सकता है।

Lakhimpur Kheri: शारदा नदी में नाव पलटी, बाप-बेटी लापता, 18 लोग सुरक्षित निकाले गए

About The Author

Leave a Reply

Discover more from ROCKET POST LIVE

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading