युवक ने तिरंगा लेकर खुद को जंजीरों में जकड़ा, बोला– ‘शहीदों का अपमान बर्दाश्त नहीं! Saharanpur Protest News
Saharanpur Protest News: भगत सिंह पर विवादित टिप्पणी से मचा बवाल — सांसद इमरान मसूद के घर के बाहर तिरंगा लहराकर युवक ने खुद को जंजीर से बाँधा, कहा- शहीदों का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे!
सहारनपुर की सियासी हवा उस वक्त गरम हो गई जब कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के एक बयान ने लोगों के दिलों में आक्रोश पैदा कर दिया। मामला शहीद भगत सिंह जैसे अमर क्रांतिकारी से जुड़ा था — और जब देशभक्ति की बात हो, तो सहारनपुर की गलियों में भी खामोशी नहीं रहती।
बताया जा रहा है कि सांसद ने हाल ही में दिए एक भाषण में भगत सिंह और हमास संगठन का ज़िक्र एक ही वाक्य में करते हुए यह कहा कि “दोनों अपनी जमीन और हक़ की लड़ाई लड़ रहे थे।” बस फिर क्या था — यह बात आग की तरह फैली और शहर का माहौल गर्म हो गया।
भगत सिंह की हमास से तुलना कोई बर्दाश्त नहीं करेगा— जनता का उबाल
इसी बयान के विरोध में शुक्रवार सुबह शहर के चर्च रोड स्थित सांसद आवास के बाहर एक युवक विजय हिन्दुस्तानी तिरंगा झंडा लेकर पहुँचा। देशभक्ति से ओत-प्रोत इस युवक ने भगत सिंह के सम्मान में खुद को लोहे की जंजीरों से बांध लिया और वहीं धरने पर बैठ गया।
विजय हिन्दुस्तानी ने गुस्से में कहा,
“आज हम 140 करोड़ भारतीय खुली हवा में सांस ले रहे हैं तो ये शहीद भगत सिंह जैसे वीरों की कुर्बानी का परिणाम है। ऐसे क्रांतिकारी की तुलना किसी आतंकी संगठन से करना देश का अपमान है। इमरान मसूद को देश से माफी माँगनी चाहिए।”
लोगों की भीड़ देखते ही देखते वहाँ इकट्ठी हो गई। नारे लगे — “शहीदों का अपमान नहीं चलेगा, देशविरोधी बयान नहीं चलेगा!”
पुलिस ने लिया हिरासत में, पर आग अभी ठंडी नहीं हुई
हालात बिगड़ते देख मौके पर पुलिस पहुंची। अधिकारी ने समझाने की कोशिश की, लेकिन विजय हिन्दुस्तानी ने जंजीर नहीं खोली। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने युवक को शांत कराया और हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन सोशल मीडिया पर सांसद के बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया जारी है। लोग वीडियो क्लिप और बयान के हिस्से शेयर कर गुस्सा जाहिर कर रहे हैं।
सांसद ने दी सफाई — बयान का गलत मतलब निकाला गया
बढ़ते विवाद को देखते हुए सांसद इमरान मसूद ने सफाई दी है कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य भगत सिंह जैसे महान क्रांतिकारी का अपमान करना नहीं था।
उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल यह कहा था कि “हर देश अपनी जमीन और अधिकार के लिए लड़ता है” — लेकिन कुछ लोगों ने इसे जानबूझकर विवाद का रूप दिया।
हालांकि विरोध करने वाले इसे “राजनीतिक सफाई” कहकर खारिज कर रहे हैं।
सहारनपुर में बढ़ा तनाव, सोशल मीडिया पर उबाल
शहर के युवा संगठनों और देशभक्त समूहों ने इस बयान को देश के वीर सपूतों के अपमान के रूप में लिया है। जगह-जगह पोस्टर, बैनर और भगत सिंह के नारे लगाए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर #BhagatSinghKaApmaanNahi और #ImranMasoodMaafiMaango जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं।
लोगों का कहना है कि अगर किसी सांसद को भाषण में शब्दों की समझ नहीं, तो वह संसद में देश का प्रतिनिधित्व कैसे कर सकता है।
शहीदों की विरासत पर राजनीति?
सवाल अब बड़ा है — क्या राजनीति अब इतनी संवेदनहीन हो चुकी है कि शहीदों की विरासत भी बयानबाजी का हिस्सा बन जाए?
भगत सिंह ने जिस आज़ादी के लिए फांसी का फंदा हँसते-हँसते चूमा, उसी आज़ाद भारत में उनके नाम पर विवाद खड़ा होना जनता के दिलों को दुखा रहा है।
सहारनपुर की सियासी सरज़मीन पर यह विवाद आने वाले दिनों में और गर्मा सकता है। कांग्रेस सांसद के बयान पर सियासी दलों की नजर है, जबकि आम जनता इस बात पर अड़ी है — “जो शहीदों का सम्मान नहीं करता, वो देश की नुमाइंदगी के लायक नहीं।”
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