Pilibhit: तेंदुए के बच्चे को युवक ने बाढ़ के बहते पानी से निकाला, देखिए वीडियो
Pilibhit: युवक की बहादुरी से तेंदुए के शावक की जान बची, डीएफओ बोले -IVRI से इलाज के बाद मां से मिलाने की होगी तैयारी
बुधवार को पीलीभीत जिले के थाना गजरौला कला क्षेत्र के पिपरिया कॉलोनी में बाढ़ का पानी चारों ओर फैला हुआ था। इसी बीच खेतों का जायजा लेने गए अर्जुन मंडल की नजर एक तेंदुए के छोटे से शावक पर पड़ी। वह पानी में डूबता-उतराता संघर्ष कर रहा था। अर्जुन ने बिना देर किए उसकी ओर छलांग लगाई और उसे बाहर निकाल लिया। ग्रामीण इस नजारे को देख दंग रह गए।
Pilibhit: घायल शावक की बिगड़ती हालत
पानी में देर तक रहने के कारण शावक की हालत बिगड़ चुकी थी। वह ठंड और थकान से कांप रहा था। ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी। कुछ समय बाद विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शावक को अपने कब्जे में लेकर उपचार की व्यवस्था शुरू की।
वन विभाग का आधिकारिक बयान
सामाजिक वानिकी के डीएफओ भरत कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम भेजी गई थी। शावक को जब कब्जे में लिया गया तो वह हाइपोथर्मिया से जूझ रहा लग रहा था। उसे पीलीभीत टाइगर रिज़र्व के वाइल्डलाइफ डॉक्टर के पास ले जाकर प्राथमिक उपचार दिया गया। डॉक्टरों ने जरूरी दवाइयां और प्राथमिक चिकित्सा देकर उसे सुरक्षित रखा।
Pilibhit: आगे की कार्यवाही
वन विभाग के अनुसार, शावक को पूरी रात ऑब्ज़र्वेशन में रखा जाएगा। अगले दिन उसे बरेली ले जाया जाएगा, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय ली जाएगी। साथ ही विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि शावक की मां को ढूंढने की कोशिश की जाएगी। यदि लोकेशन मिलती है तो उसे वापस मां के साथ मिलाने की पूरी व्यवस्था की जाएगी।
Pilibhit:मानवीय संवेदना की मिसाल
यह घटना केवल एक बचाव नहीं, बल्कि इंसानियत और प्रकृति के रिश्ते की जीवंत तस्वीर है। बाढ़ जैसी विपदा के बीच जब सबकुछ डूब रहा था, तब एक नन्ही जान को बचाने का साहस दिखाना इंसानी करुणा का सबसे सुंदर रूप है। अब उम्मीद है कि वन विभाग की कोशिशें सफल हों और शावक जल्द ही अपनी मां की गोद में लौट सके।
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