Pilibhit: शिक्षक मतदाता सूची में नाम जोड़ने का आखिरी मौका, जानिए पूरी प्रक्रिया
Pilibhit: बरेली‑मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावली में नाम दर्ज कराने का अंतिम अवसर, पूरी जानकारी इस प्रकार है
जिलाधिकारी ने जारी की महत्वपूर्ण अधिसूचना
पीलीभीत जिले के जिलाधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने बरेली‑मुरादाबाद खण्ड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावली को अद्यतन करने के लिए एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक अधिसूचना जारी की है। यह अधिसूचना शिक्षक समुदाय के लिए इसलिए जारी की गई है ताकि सभी योग्य शिक्षक अपने नाम को निर्वाचक नामावली में दर्ज करवा सकें और आगामी चुनाव में अपने मत का प्रयोग कर सकें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य केवल नामांकन सुनिश्चित करना ही नहीं है, बल्कि शिक्षक समुदाय के लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा करना और निर्वाचन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाना भी है।
किसे आवेदन करना अनिवार्य है
जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि जिन शिक्षकों का नाम अभी तक नामावलियों में नहीं है, उन्हें तत्काल फॉर्म 19 भरकर अपने आवेदन को संबंधित कार्यालय में जमा कराना अनिवार्य होगा। यह अधिसूचना किसी भी शिक्षक को छूट देने के उद्देश्य से नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए है कि प्रत्येक योग्य शिक्षक नामावलियों में शामिल होकर अपने मतदान का अधिकार सुरक्षित रख सके।
आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि
अधिसूचना के अनुसार आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 6 नवम्बर 2025 (गुरुवार) है। प्रशासन ने समय सीमा को इस तरह निर्धारित किया है कि सभी योग्य शिक्षक इसे ध्यान में रखकर समय पर आवेदन कर सकें। समय सीमा पार होने के बाद प्राप्त आवेदनों पर कोई अतिरिक्त विचार नहीं किया जाएगा, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहे। आवेदन सीधे जिला निर्वाचन कार्यालय में जमा किया जा सकता है, या सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा नामनिर्दिष्ट अधिकारियों को भेजा जा सकता है।
आवेदन करने वाले शिक्षकों के लिए योग्यता
योग्यता की शर्तों के बारे में जिलाधिकारी ने जानकारी दी। आवेदन करने वाला शिक्षक भारत का नागरिक होना चाहिए और वह संबंधित निर्वाचन क्षेत्र का स्थायी निवासी होना चाहिए। इसके अलावा, 01 नवम्बर 2025 से ठीक पहले के पूर्ववर्ती छह वर्षों में कम से कम तीन वर्ष राज्य के भीतर किसी ऐसे निर्दिष्ट शैक्षणिक संस्थान में शिक्षक के रूप में कार्यरत होना अनिवार्य है, जिसका स्तर माध्यमिक विद्यालय या उससे ऊपर हो। यदि कोई शिक्षक इन शर्तों को पूरा नहीं करता है, तो उसका आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
आवश्यक दस्तावेज़ और प्रमाणपत्र
आवेदन के साथ शिक्षक को अपने संस्थान के प्रमुख द्वारा जारी सेवा प्रमाणपत्र संलग्न करना होगा। इस प्रमाणपत्र में यह स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए कि आवेदनकर्ता ने पूर्ववर्ती छह वर्षों में कुल कम से कम तीन वर्ष शिक्षण कार्य किया है। इसके अलावा पहचान और निवास प्रमाण जैसे आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, नियुक्ति पत्र या सेवा पुस्तिका की प्रतिलिपि भी संलग्न करनी होगी। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि इन दस्तावेजों के बिना आवेदन अधूरा माना जाएगा और नामांकन प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा।
मौजूदा नामावलियों में शामिल शिक्षकों के लिए निर्देश
जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि मौजूदा नामावलियों में शामिल शिक्षक भी नए फॉर्म 19 के माध्यम से आवेदन दें। ऐसा इसलिए आवश्यक है क्योंकि हर निर्वाचन से पहले नामावलियों का अद्यतन किया जाता है और प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि सभी रिकॉर्ड पूरी तरह सत्यापित और अपडेटेड हों। इससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या विवाद की संभावना न के बराबर रह जाती है।
प्रशासनिक मंशा और पारदर्शिता
प्रशासनिक मंशा के बारे में बताते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि यह कदम न केवल शिक्षक समुदाय के अधिकारों की रक्षा करता है, बल्कि यह सरकारी प्रणाली की पारदर्शिता और जवाबदेही को भी दर्शाता है। जब सभी शिक्षक नियमों के अनुसार आवेदन करेंगे और अपने दस्तावेज़ प्रस्तुत करेंगे, तब निर्वाचन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का मनमाना हस्तक्षेप या अनियमितता नहीं होगी। यह अधिसूचना स्पष्ट संदेश देती है कि किसी भी योग्य शिक्षक को अपने मत का अधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा।
नामावली अद्यतन का महत्व
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की नामावली अद्यतन करना इसलिए भी आवश्यक है क्योंकि इससे शिक्षक समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होती है। यह केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि आगामी चुनाव में केवल योग्य और सत्यापित शिक्षक ही मतदान कर सकें। इसके अलावा, इससे शिक्षक समुदाय को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया जाता है।
आम गलतफहमियाँ और समाधान
जिलाधिकारी ने आम गलतफहमियों के बारे में भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि यदि कोई शिक्षक पहले से नामावली में शामिल है, तब भी उसे नए फॉर्म 19 के माध्यम से आवेदन देना अनिवार्य है। इसके अलावा, सेवा प्रमाणपत्र प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई आने पर शिक्षक अपने स्कूल या संस्थान के प्रधानाध्यापक से संपर्क कर सकते हैं। यदि किसी को आवेदन प्रक्रिया या दस्तावेज़ों के संबंध में सवाल हों, तो वे जिला निर्वाचन कार्यालय या जिलाधिकारी कार्यालय, पीलीभीत से संपर्क कर सकते हैं।
अंतिम अपील और निष्कर्ष
अंत में, प्रशासन ने सभी शिक्षकों से आग्रह किया है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें। यह सुनिश्चित करेगा कि उनका नाम निर्वाचक नामावली में दर्ज हो और वे अपने मत का प्रयोग कर सकें। यह अधिसूचना शिक्षक समुदाय के अधिकारों की रक्षा, निर्वाचन प्रक्रिया की वैधता और शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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