Pilibhit: शारदा और देवहा में बढ़ेगा पानी, प्रशासन ने कसी कमर – बड़े इंतज़ाम तैयार, इन नंबरों पर करें फ़ोन
Pilibhit: बारिश और बाढ़ का कहर, नदी का उफान, गांव-शहर जलमग्न, प्रशासन अलर्ट मोड पर
पीलीभीत में लगातार हो रही बारिश ने जनपद पीलीभीत में तबाही का मंजर खड़ा कर दिया है। भारत सरकार पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन भारत मौसम विज्ञान विभाग, मौसम केंद्र लखनऊ ने पहले ही चेतावनी जारी कर दी थी कि जिले में अधिक वर्षा और अतिवृष्टि की संभावना है। वही आशंका आज हकीकत में तब्दील हो गई। रविवार सुबह से सोमवार दोपहर तक जिले में रिकॉर्डतोड़ बारिश दर्ज हुई, जिससे नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा और गांव से लेकर शहर तक पानी भरने की स्थिति पैदा हो गई।
Pilibhit: बरसात का आंकड़ा और खतरे का स्तर
31 अगस्त सुबह 8 बजे से 1 सितम्बर सुबह 8 बजे तक जिले में 135 मिमी वर्षा दर्ज हुई। इसके बाद मात्र 5 घंटे (सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक) में ही 58 मिमी बारिश और हो गई। इस तेज बारिश ने सड़कों, गलियों और कॉलोनियों को तालाब में बदल दिया।
वनवसा बैराज से सुबह 1 बजे 1,73,610 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि देवहा नदी में पहले से ही 36,801 क्यूसेक पानी बह रहा था। अनुमान है कि दूनी बैराज से भी लगभग 45,000 क्यूसेक पानी देवहा नदी में छोड़ा जा सकता है। इससे देवहा और शारदा नदी के किनारे बसे गांवों में बाढ़ की गंभीर स्थिति बनने की संभावना है।
Pilibhit:गांव और शहर पर दोहरी मार
तेज बारिश और बैराज से छोड़े गए पानी ने ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों को प्रभावित किया है।
शहरी इलाकों में स्थिति – पीलीभीत सदर के मोहल्ला अशोक कॉलोनी, सुनगढ़ी, तुलामरा, गगोत्री पुरम कॉलोनी, शेर मोहम्मद और ऑफिसर कॉलोनी जैसी जगहों पर गलियों में पानी भर गया है। मकानों में पानी घुसने से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
ग्रामीण इलाकों में स्थिति – ग्राम उझैनिया का मजरा सेमरखेड़ा का संपर्क मार्ग पूरी तरह कट गया है। तहसील कलीनगर के ग्राम बंदरबोझ, बूंदीभूड़, नौजल्हा नकटहा और महाराजपुर में आबादी के भीतर पानी घुस गया है। लोग घरों से बाहर निकलने तक में असमर्थ हो गए हैं।
Pilibhit:प्रशासन की तैयारियां और अलर्ट
अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) ऋतु पूनिया ने जानकारी दी कि जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए तत्काल राहत कार्य शुरू कर दिए गए हैं। प्रभावित परिवारों को लंच पैकेट और खाद्यान्न सामग्री वितरित की जा रही है।
जिला प्रशासन ने संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए:
34 बाढ़ राहत शरणालय बनाए हैं।
32 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं।
42 नावें, 90 गोताखोर और 67 नाविक चिन्हित कर अलर्ट मोड पर रखे गए हैं।
12 मेडिकल टीमें गठित की गई हैं, जिनमें 12 चिकित्सक और 36 पर्यवेक्षक शामिल हैं।
पशुपालन विभाग ने पशुओं के लिए भूसा और चारे की व्यवस्था की है।
एसडीआरएफ की एक टीम पहले से ही तहसील कलीनगर में 20 जून 2025 से कैंप कर रही है।
Pilibhit:चौबीसों घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, कलेक्ट्रेट पीलीभीत, बाढ़ खंड पूरनपुर और तहसीलों में 24 घंटे कंट्रोल रूम संचालित किए जा रहे हैं। प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिए हैं ताकि कोई भी नागरिक बाढ़ से जुड़ी समस्या की तुरंत जानकारी दे सके।
जिलाधिकारी कार्यालय – 05882-254116
बाढ़ खंड पूरनपुर – 05882-253361, 9259826640
एसडीएम सदर – 05882-255959, मो. 9454415862
एसडीएम पूरनपुर – 05880-262022, मो. 9454415864
एसडीएम कलीनगर – 05880-297297, मो. 9454415865
एसडीएम बीसलपुर – 05881-297054, मो. 94544415863
एसडीएम अमरिया – 05882-297290, मो. 9454415872
Pilibhit:प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, केवल प्रशासन द्वारा जारी अलर्ट पर भरोसा करें और सतर्क रहें। विशेषकर नदी किनारे बसे गांवों के लोग सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहें। प्रशासन ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि हर संभव मदद और बचाव की व्यवस्था की गई है।
ऐसी विकट परिस्थिति में घबराने की नहीं, बल्कि साहस और धैर्य के साथ स्थिति का सामना करने की आवश्यकता है। जिला प्रशासन ने हर स्तर पर व्यापक तैयारी कर रखी है—राहत शिविरों की स्थापना, नावों की उपलब्धता, प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती, मेडिकल टीमों की व्यवस्था तथा पशुओं के लिए चारा-पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। प्रशासनिक अधिकारी लगातार हालात पर कड़ी निगरानी रखे हुए हैं और सहायता के लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय हैं। ऐसे समय में जनता का भरोसा और सहयोग ही सबसे बड़ी ताक़त है। यदि हम अफवाहों से बचें, धैर्य बनाए रखें और प्रशासन द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करें, तो इस कठिन घड़ी को हम सब मिलकर सुरक्षित रूप से जरूर पार कर लेंगे।
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