Pilibhit: मंडी समिति का बड़ा ऐलान, भगोड़े आढ़ती प्रियांशु अग्रवाल को किया निष्कासित
Pilibhit Mandi Scam 2025: भगोड़े आढ़ती प्रियांशु अग्रवाल पर मंडी समिति का ‘वज्र प्रहार’ — समिति ने सर्वसम्मति से फर्म को किया निष्कासित, ईमानदार मंडी की साख बचाना जरूरी!
जहां ईमानदारी की फसल उगती थी, वहां अब बेईमानी की बदबू फैली है — मंडी की आत्मा छलनी कर दी भगोड़े प्रयांशु ने!
10 करोड़ के घोटाले से हिला पीलीभीत मंडी प्रशासन, किसानों के खून-पसीने की कमाई लुटी!
पीलीभीत की नवीन मंडी — जो अब तक अपने ईमानदार व्यापार, किसानों के भरोसे और निष्पक्ष सौदों के लिए जानी जाती थी, अब 10 करोड़ के मंडी कांड से दागदार हो गई है।
जिस मंडी में किसानों के सपने बोए जाते थे, वहां अब बेईमानी का विष बीज बो दिया गया है।
मंडी के चर्चित आढ़ती प्रियांशु अग्रवाल, जो मैसर्स बालमुकुंद राममूर्ति लाल फर्म के स्वामी बताए जा रहे हैं, किसानों की करोड़ों रुपये की मेहनत हड़प कर रातों-रात फरार हो गए।
करीब 10 करोड़ रुपये की यह वित्तीय धोखाधड़ी केवल आर्थिक नहीं, बल्कि नैतिक दिवालियापन का प्रतीक बन गई है।
इस घटना ने जहां किसानों के दिल में आक्रोश की आग जलाई, वहीं मंडी की वर्षों पुरानी साख को भी झकझोर दिया।
मंडी समिति की आपात बैठक — ईमानदार मंडी की साख बचाने के लिए कठोर कार्रवाई का ऐलान!
आज 30 अक्टूबर 2025 को मंडी समिति पीलीभीत में अभूतपूर्व हलचल देखने को मिली।
अध्यक्ष रवि गंगवार, कोषाध्यक्ष अमन अग्रवाल, महामंत्री उमेश गंगवार और तमाम वरिष्ठ आढ़तियों की मौजूदगी में आयोजित प्रेस वार्ता में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया।
इस दौरान समिति ने मीडिया के समक्ष स्पष्ट शब्दों में कहा —
हमने दिनांक 25 अक्टूबर 2025 को एक विशेष बैठक की थी। इस बैठक में सभी प्रमुख एवं सम्मानित सदस्यों ने मैसर्स बालमुकुंद राममूर्ति लाल फर्म के स्वामी प्रियांशु अग्रवाल की हरकतों की घोर निंदा की। यह कार्य न केवल किसानों के साथ धोखा है, बल्कि पूरी मंडी की प्रतिष्ठा पर प्रहार है।
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि —
खाद्यान आढ़ती कल्याण समिति रजिस्टर्ड, पीलीभीत” से मैसर्स बालमुकुंद राममूर्ति लाल फर्म को तत्काल प्रभाव से निष्कासित किया जाता है।
सभी सम्मानित सदस्य इस निर्णय का अनुपालन करेंगे और भविष्य में ऐसे व्यक्तियों को संगठन में कोई स्थान नहीं दिया जाएगा।
हमारी मंडी की साख पर दाग लगाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा — समिति के अध्यक्ष रवि गंगवार
प्रेस वार्ता के दौरान मंडी समिति के अध्यक्ष रवि गंगवार ने कहा कि यह निर्णय केवल एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि ईमानदारी की रक्षा के लिए उठाया गया कदम है।
उनके शब्दों में —
मंडी सिर्फ अनाज का बाजार नहीं, यह किसानों की आत्मा और आढ़तियों की ईमानदारी का मंदिर है।
इस मंदिर को अपवित्र करने वालों के लिए यहां कोई जगह नहीं है।
प्रियांशु अग्रवाल जैसे लोग न सिर्फ किसानों के साथ विश्वासघात करते हैं, बल्कि पूरी मंडी की गरिमा को धूल में मिला देते हैं। हम उन्हें किसी भी कीमत पर अपने साथ रख्नने वाले नहीं हैं।
आढ़ती जगत में हड़कंप — ईमानदारों की मंडी को बचाने की मुहिम
मंडी समिति के इस कठोर फैसले के बाद पूरे आढ़ती समुदाय में सन्नाटा पसरा है।
कई ईमानदार व्यापारियों ने माना कि अगर समिति ने यह कदम नहीं उठाया होता, तो मंडी की साख पूरी तरह खत्म हो जाती।
समिति के महामंत्री उमेश गंगवार ने कहा —
हमारी प्राथमिकता किसानों का विश्वास बहाल करना है। मंडी का हर ईमानदार व्यापारी इस घोटाले से उतना ही आहत है जितना कोई पीड़ित किसान।
कोषाध्यक्ष अग्रवाल ने कहा —
अब वक्त है आत्ममंथन का। मंडी की पारदर्शिता तभी बचेगी, जब ऐसे तत्वों को सख्ती से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।
मंडी समिति की मंशा — किसानों का हक लौटे, तभी मंडी का सम्मान बचेगा
मंडी समिति ने प्रेस वार्ता में कहा कि उनका लक्ष्य केवल निष्कासन नहीं, बल्कि किसानों को न्याय दिलाना है।
समिति ने प्रशासन से अनुरोध किया कि जल्द से जल्द प्रियांशु अग्रवाल की संपत्ति और बैंक खातों की जांच कर किसानों को उनका बकाया दिलाया जाए।
समिति के सभी सदस्य एक स्वर में बोले —
यह कदम ईमानदार व्यापारियों की रक्षा और किसानों के हित के लिए है। जो मंडी को कलंकित करेगा, उसे मंडी से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।
ईमानदारी की मंडी अब आग की कसौटी पर
पीलीभीत की मंडी के लिए यह वक्त किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं।
जहां किसानों का विश्वास टूट चुका है, वहीं मंडी समिति ने ईमानदारी की लौ फिर जलाने की कोशिश की है।
लेकिन सवाल यह है —
क्या प्रशासन अब इस आग को शांत कर पाएगा?
या फिर यह कांड आने वाले वर्षों तक मंडी की आत्मा को झकझोरता रहेगा?
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