Pilibhit की बेटी डॉ. मरियम हबीब — जिसने मेहनत, लगन और विश्वास से रचा इतिहास
डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज से स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ बनी डॉ. मरियम हबीब को गवर्नर आनंदीबेन पटेल और डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने दी शुभकामनाएं — उत्तर प्रदेश की बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा की मिसाल!
डॉ. मरियम हबीब – पीलीभीत की धरती की वो चमकती रोशनी, जिसने साबित किया कि सपने सच होते हैं!
ग्राम कैंचू अमरिया, जनपद पीलीभीत की रहने वाली डॉ. मरियम हबीब (पत्नी डॉ. मोहम्मद यूसुफ) ने चिकित्सा जगत में अपनी प्रतिभा और समर्पण का परचम लहराया है। उन्होंने MBBS की पढ़ाई LLRM मेडिकल कॉलेज, मेरठ (2014 बैच) से पूरी की और फिर MS (स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ (Ob/Gyn) की डिग्री डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, लखनऊ (2021 बैच) से प्राप्त की। उनकी इस उपलब्धि ने न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरे पीलीभीत और उत्तर प्रदेश का नाम गौरवान्वित किया है।
गवर्नर आनंदीबेन पटेल और डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने दी बधाई
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा —
“डॉ. मरियम हबीब जैसी प्रतिभाशाली बेटियां समाज की दिशा बदलने की ताकत रखती हैं। बेटियों को शिक्षा और अवसर मिलें, यही उत्तर प्रदेश सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।”
वहीं डिप्टी सीएम एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री बृजेश पाठक ने कहा —
“प्रदेश की बेटियां आज मेडिकल, इंजीनियरिंग और प्रशासनिक सेवाओं में अग्रणी हैं। डॉ. मरियम हबीब ने यह साबित किया है कि गाँव से निकली आवाज़ भी देश की दिशा बदल सकती है।”
सरकार की मंशा – हर बेटी बने ‘डॉ. मरियम हबीब’
उत्तर प्रदेश सरकार की चिकित्सा शिक्षा नीति का उद्देश्य है कि हर गांव की बेटी डॉक्टर बने, समाज की सेवा करे और प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त बनाए।
डॉ. मरियम हबीब की सफलता इस नीति की सच्ची मिसाल है।
उनका जीवन बताता है —
“अगर हौसले बुलंद हों, तो रास्ते खुद बनते हैं।”
“खुदी को कर बुलंद इतना कि हर तकदीर से पहले,
खुदा बंदे से खुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है।”
अगर आपका हौसला और मेहनत सच्ची है, तो किस्मत भी आपकी इच्छा के अनुसार झुक जाती है।
“जो थक गया वो रुक गया, जो झुक गया वो टूट गया,
और जो डटा रहा वो इतिहास बन गया!”
सफलता उसी की होती है जो हर कठिनाई के बाद भी डटा रहता है।
“बेटियाँ अगर ठान लें, तो आसमान भी झुके बिना नहीं रहता।”
बेटियों की ताकत सबसे बड़ी होती है, बस उन्हें विश्वास चाहिए।
डॉ. मरियम हबीब का संदेश – “अपने सपनों को सीमाओं में मत बाँधिए”
“मैंने कभी नहीं सोचा कि मैं गाँव से हूँ, इसलिए पीछे रह जाऊँगी।
मेहनत और निष्ठा ने मुझे इस मुकाम तक पहुँचाया।
हर बेटी के भीतर डॉक्टर बनने की ताकत है, बस खुद पर भरोसा रखिए।”
रॉकेट पोस्ट की शुभकामनाएं – “सफलता की नई परिभाषा लिखने वाली बेटी को सलाम!”
रॉकेट पोस्ट परिवार की ओर से डॉ. मरियम हबीब को उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।
आपने यह साबित कर दिया कि “जहाँ सोच ऊँची होती है, वहाँ मंज़िल खुद कदम चूम लेती है।”
आपका नाम आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का प्रतीक रहेगा —
“एक बेटी, एक डॉक्टर, एक मिशाल – डॉ. मरियम हबीब।”