पीलीभीत जिला पंचायत थप्पड़ कांड: खाद की लड़ाई से बवाल, कर्मचारी संघ अधिकारी के पक्ष में- किसान यूनियन आरोपी के साथ, कशमकश में प्रशासन

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पीलीभीत जिला पंचायत थप्पड़ कांड:किसान यूनियन आरोपी के समर्थन में सड़कों पर, जबकि कर्मचारी संघ अधिकारी के पक्ष में। प्रशासन कशमकश में, डीएम-एसपी की सख्त चेतावनी।

पीलीभीत जिला पंचायत थप्पड़ कांड:किसान यूनियन आरोपी के समर्थन में सड़कों पर, जबकि कर्मचारी संघ अधिकारी के पक्ष में। प्रशासन कशमकश में, डीएम-एसपी की सख्त चेतावनी।

खाद की लड़ाई से पीलीभीत में बवाल: आरोपी का नाम आया सामने, किसान यूनियन और कर्मचारी संघ आमने-सामने – प्रशासन पर भी उठे सवाल

पीलीभीत में जिला पंचायत की बैठक से उपजा विवाद अब आग का गोला बन चुका है। आज (19 जुलाई 2025) हालात और बिगड़ गए, जब कथित हमलावर नितिन पाठक का नाम सामने आने के बाद सैकड़ों किसान भारतीय किसान यूनियन (भानू) के बैनर तले कलेक्ट्रेट पहुंचे और सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों ने साफ कहा – “नितिन पाठक ने सिर्फ खाद की किल्लत पर किसानों की आवाज उठाई, लेकिन जिला कृषि अधिकारी नरेंद्र पाल ने उन्हें फंसाने के लिए झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया।” भाकियू नेताओं ने नितिन पाठक पर दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग की और कृषि अधिकारी पर ही 7000 मीट्रिक टन खाद के गवन का मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी दी।

पीलीभीत जिला पंचायत थप्पड़ कांड:किसान यूनियन आरोपी के समर्थन में सड़कों पर, जबकि कर्मचारी संघ अधिकारी के पक्ष में। प्रशासन कशमकश में, डीएम-एसपी की सख्त चेतावनी।
पीलीभीत जिला पंचायत थप्पड़ कांड:किसान यूनियन आरोपी के समर्थन में सड़कों पर, जबकि कर्मचारी संघ अधिकारी के पक्ष में। प्रशासन कशमकश में, डीएम-एसपी की सख्त चेतावनी।

पीलीभीत जिला पंचायत थप्पड़ कांड: किसानों की सड़कों पर हुंकार – “फर्जी केस वापस लो, वरना आंदोलन होगा”

आज सुबह से ही सैकड़ों किसान ट्रैक्टरों और झंडों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि नितिन पाठक के समर्थन में किसानों ने कलेक्ट्रेट परिसर को प्रदर्शन स्थल बना दिया। भाकियू भानू के जिलाध्यक्ष भजनलाल क्रोधी ने प्रशासन को खुली चुनौती दी –
“यदि किसानों की आवाज उठाने वालों को यूं ही झूठे मामलों में फंसाया गया, तो हम सड़कों से लेकर खेतों तक बड़ा आंदोलन करेंगे। कृषि अधिकारी नरेंद्र पाल पर ही कार्रवाई होनी चाहिए, जो खाद की कमी और गवन के असली दोषी हैं।”

पीलीभीत जिला पंचायत थप्पड़ कांड: खाद की लड़ाई से बवाल, कर्मचारी संघ अधिकारी के पक्ष में- किसान यूनियन आरोपी के साथ, कशमकश में प्रशासन
पीलीभीत जिला पंचायत थप्पड़ कांड: खाद की लड़ाई से बवाल, कर्मचारी संघ अधिकारी के पक्ष में- किसान यूनियन आरोपी के साथ, कशमकश में प्रशासन

पीलीभीत जिला पंचायत थप्पड़ कांड: कल (18 जुलाई 2025) – कर्मचारी संघ ने कृषि अधिकारी के पक्ष में कलेक्ट्रेट घेरा

इससे पहले, कृषि विभाग के कर्मचारी और आकर्षित कर्मचारी संघ ने कलेक्ट्रेट में जोरदार प्रदर्शन कर आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। उनका कहना था –
“जिला पंचायत बैठक में हमारे अधिकारी नरेंद्र पाल पर खुलेआम थप्पड़ और धमकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि आरोपी नितिन पाठक को तुरंत गिरफ्तार नहीं किया गया, तो हम कार्य बहिष्कार करेंगे और पूरा जिला प्रशासनिक कामकाज ठप कर देंगे।”

कर्मचारियों ने डीएम को ज्ञापन सौंपते हुए अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए 48 घंटे की मोहलत दी थी और धमकी दी कि कार्रवाई न होने पर पूरा प्रशासन ठप कर देंगे।

 प्रशासन का कड़ा रुख – DM और CO सिटी ने दिया सख्त बयान

डीएम पीलीभीत चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा –
“जिला पंचायत बैठक में हुई अभद्रता और मारपीट को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आरोपी नितिन पाठक के खिलाफ मुकदमा दर्ज है, गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित कर दी गई है। आने वाली बैठकों में सुरक्षा कड़ी की जाएगी और दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई होगी।”

पीलीभीत जिला पंचायत बैठक में बवाल: कृषि अधिकारी थप्पड़ कांड, कर्मचारी संघ भड़का – कलेक्ट्रेट में हंगामा

वहीं, CO सिटी ने साफ किया कि नितिन पाठक के खिलाफ गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और सरकारी कार्य में बाधा डालने की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी चल रही है।

17 जुलाई 2025 – घटना जिसने पूरे जिले को हिला दिया

पूरा विवाद जिला पंचायत बैठक में खाद की किल्लत पर सवाल-जवाब के दौरान शुरू हुआ।

“जिला कृषि अधिकारी नरेंद्र पाल खाद की आपूर्ति पर सवालों का जवाब दे रहे थे, तभी जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि नितिन पाठक से उनकी तीखी बहस हो गई। इसी बीच, नितिन पाठक अचानक खड़े हुए और सबके सामने कृषि अधिकारी को थप्पड़ जड़ दिया, धक्का दिया और गाली-गलौज की।”

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिससे प्रशासन की साख और सुरक्षा दोनों पर सवाल खड़े हो गए।

 पूरा मामला अब कहां पहुंचा? – किसान बनाम कर्मचारी, प्रशासन दबाव में

तीन दिन में यह मामला सिर्फ थप्पड़ कांड नहीं रहा, बल्कि किसान संगठनों और कर्मचारी संगठनों के बीच सीधी जंग बन गया है।

किसान कह रहे हैं – नितिन पाठक निर्दोष हैं, कृषि अधिकारी ही खाद के गवन के दोषी हैं।

कर्मचारी संघ कह रहा है – आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई तो पूरा जिला ठप कर देंगे।

प्रशासन पर सवाल – बैठक में सुरक्षा क्यों नाकाम रही और आरोपी अब तक गिरफ्त से बाहर क्यों है?

यह मामला अब सिर्फ जिला पंचायत का नहीं रहा, बल्कि पीलीभीत के प्रशासन की साख और कानून व्यवस्था की परीक्षा बन चुका है। किसान और कर्मचारी दोनों आमने-सामने हैं, और जिला प्रशासन की घड़ी अब हर कदम पर फूंक-फूंककर चलने को मजबूर है।

पीलीभीत में कृषि अधिकारी पर हमला, बैठक में थप्पड़ की गूंज – अफसर भागे

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