Pilibhit: अवैध नशे पर लगाम कसने की तैयारी, बनी बड़ी रणनीति
Pilibhi: अवैध नशे के कारोबार पर होगी सख़्ती, जिला स्तर पर बनी बड़ी रणनीति
पीलीभीत नशे के कारोबार पर नकेल कसने के लिए जिले में एक अहम कदम उठाया गया। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जिले के तमाम जिम्मेदार अफसर एक ही टेबल पर बैठे और बीते महीने की गतिविधियों का बारीकी से आकलन किया। यह समीक्षा केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इस बात पर गहन चर्चा हुई कि किस तरह से अवैध मादक पदार्थों की जड़ों तक पहुंचकर उसे पूरी तरह खत्म किया जा सके।
Pilibhit: मादक पदार्थों की तस्करी पर सख्त नजर
बैठक में साफ किया गया कि मादक पदार्थों की तस्करी सिर्फ एक आपराधिक गतिविधि नहीं है, बल्कि यह समाज की नींव को खोखला करने वाली बीमारी है। ऐसे में जिले की तमाम एजेंसियों को मिलकर काम करना होगा। जानकारी साझा करने का एक ऐसा तंत्र खड़ा करने पर जोर दिया गया, जिससे बड़ी मात्रा में अवैध नशे को पकड़ा जा सके और तस्करों की कमर टूटे।
Pilibhit: सुरक्षा बल और प्रशासन एक साथ
बैठक में यह भी सामने आया कि अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नशे की खेप अक्सर सीमावर्ती इलाकों से होती हुई जिले में पहुंचती है। इस पर अंकुश लगाने के लिए सुरक्षा बलों और प्रशासनिक तंत्र के बीच तालमेल को और मजबूत करने की आवश्यकता जताई गई। खासतौर पर सीमा सुरक्षा बल के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए, जबकि स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने जिला स्तर पर किए गए अभियानों की जानकारी दी।
शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग की अहम भूमिका
चर्चा केवल तस्करी तक सीमित नहीं रही, बल्कि नशे की रोकथाम में शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग की भूमिका को भी अहम माना गया। जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि स्कूलों और कॉलेजों में विद्यार्थियों को जागरूक करने के प्रयास लगातार चल रहे हैं। वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने नशे की चपेट में आए लोगों के इलाज और पुनर्वास के लिए स्वास्थ्य विभाग की तैयारियोंके बारे में बिस्तार से बताया।
Pilibhit: किसानों और समाज पर बुरा प्रभाव
जिला कृषि अधिकारी और समाज कल्याण अधिकारी ने इस मुद्दे के सामाजिक और आर्थिक पहलुओं को लेकर बात कही उनका कहना था कि नशे की लत केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करती है। इससे युवाओं की ऊर्जा बर्बाद होती है और किसानों जैसे मेहनतकश वर्ग पर भी इसका असर पड़ता है, क्योंकि नशे की तस्करी में अवैध खेती या गुप्त भंडारण की संभावना बनी रहती है।
कड़ी निगरानी और मुआवजा व्यवस्था
बैठक में आबकारी विभाग और औषधि निरीक्षक ने भी अपने विभागीय अनुभव साझा किए। बताया गया कि दवाओं की आड़ में अवैध मादक पदार्थों की आपूर्ति पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। साथ ही जब्त की गई खेपों और पकड़े गए मामलों की संख्या भी बताई। अधिकारियों का मानना है कि यदि तस्करी को पूरी तरह से रोकना है, तो हर स्तर पर सतर्कता और कड़ी निगरानी बेहद जरूरी है।
Pilibhit: इन अधिकारियों की मौजूदगी में बनी रणनीति
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, अपर जिलाधिकारी न्यायिक, सिटी मजिस्ट्रेट, पुलिस उपाधीक्षक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, उप जिलाधिकारी कलीनगर, उप जिलाधिकारी पुरनपुर, सीमा सुरक्षा बल के वरिष्ठ अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी, वन विभाग के अधिकारी और औषधि निरीक्षक समेत सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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