Pilibhit: फुटपाथ विक्रेताओं के लिए व्यवसाय बढ़ाने का खुला रास्ता, जानिए पूरी प्रक्रिया!
पीएम स्वनिधि योजना का पुनर्गठन, Pilibhit के फुटपाथ विक्रेताओं के लिए अब आत्मनिर्भर बनने का सुनहरा अवसर
पीलीभीत देश भर में छोटे व्यापारियों और फुटपाथ विक्रेताओं के लिए आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक नई क्रांति सामने आई है। केन्द्रीय मंत्रीमंडल ने हाल ही में प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना के पुनर्गठन और विस्तार को मंजूरी दी है। इस योजना को अब 31 मार्च 2030 तक बढ़ा दिया गया है और इसे पूरी तरह से फिर से डिज़ाइन किया गया है ताकि फुटपाथ विक्रेताओं की आय, डिजिटल लेन-देन और सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार सुनिश्चित किया जा सके।
योजना का उद्देश्य और सरकार की मंशा
सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि देश के लाखों फुटपाथ विक्रेता जो शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में जीविका कमाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, उन्हें आर्थिक स्वतंत्रता और सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाए। योजना का पुनर्गठन केवल वित्तीय सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें डिजिटल लेन-देन अपनाने, क्षमता निर्माण और परिवारों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान को भी प्रमुख रूप से शामिल किया गया है। यह कदम प्रधानमंत्री के विजन ‘आत्मनिर्भर भारत’ को छोटे व्यापारियों के स्तर तक पहुँचाने का निर्णायक प्रयास है।
ऋण और वित्तीय सहायता का विस्तार
योजना अब तीन चरणों में ऋण प्रदान करेगी
प्रथम किश्त: ₹15,000
द्वितीय किश्त: ₹25,000
तृतीय किश्त: ₹50,000
दूसरी किश्त को सफलतापूर्वक चुकाने वाले लाभार्थियों को UPI से जुड़ा रूपे क्रेडिट कार्ड दिया जाएगा, जिसकी सीमा ₹30,000 तक होगी। इस कार्ड का उद्देश्य विक्रेताओं को व्यापार और आकस्मिक खर्चों के लिए तत्काल फंड उपलब्ध कराना है।
ऋण लेने वाले विक्रेताओं को ब्याज में राहत और क्रेडिट गारंटी भी दी जाएगी, जिससे उनके लिए बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से धन प्राप्त करना आसान हो जाएगा।
डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा
योजना का एक प्रमुख स्तंभ है डिजिटल भुगतान को अपनाना। फुटपाथ विक्रेताओं को डिजिटल लेन-देन करने पर कैशबैक और प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इससे न केवल नकद जोखिम कम होगा, बल्कि छोटे व्यवसायों को वित्तीय समावेशन की दिशा में मजबूती भी मिलेगी।
सामाजिक और आर्थिक उत्थान
योजना के पुनर्गठन में यह भी सुनिश्चित किया गया है कि लाभार्थियों के परिवार और समुदाय पर सकारात्मक प्रभाव पड़े। ‘स्वनिधि से समृद्धि’ पहल के माध्यम से लाभार्थियों का विस्तृत प्रोफाइल तैयार किया गया है, जिससे उन्हें कौशल विकास, स्वास्थ्य सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा जैसी योजनाओं से जोड़ा जा सके। यह कदम यह दिखाता है कि सरकार केवल ऋण वितरण नहीं कर रही, बल्कि फुटपाथ विक्रेताओं की जीवन शैली और आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए व्यापक रणनीति अपना रही है।
आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज़
ऑनलाइन आवेदन: लाभार्थी सीधे http://www.pmsvanidhi.mohua.gov.in पर आवेदन कर सकते हैं।
ऑफलाइन आवेदन: संबंधित नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत या डूडा कार्यालय में जाकर आवेदन किया जा सकता है।
आवश्यक दस्तावेज़: बैंक पासबुक, आधार कार्ड और नगर निकाय से जारी विक्रय प्रमाण पत्र/पहचान पत्र।
सरकार और प्रशासन की स्पष्ट जिम्मेदारी
यह योजना केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है। प्रशासनिक मशीनरी को निर्देशित किया गया है कि योजना की व्यापक जागरूकता सुनिश्चित की जाए, ताकि अधिक से अधिक फुटपाथ विक्रेता इसका लाभ उठा सकें। यह पहल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, डिजिटल इंडिया को प्रोत्साहित करने और छोटे व्यवसायियों के जीवन में स्थायी सुधार लाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का यह पुनर्गठन और विस्तार फुटपाथ विक्रेताओं के जीवन में सशक्तिकरण की नई शुरुआत है। यह योजना उन्हें आत्मनिर्भर बनने, अपनी आय बढ़ाने और डिजिटल भारत का हिस्सा बनने का सुनहरा अवसर प्रदान करती है। यदि लाभार्थियों और प्रशासन ने सक्रिय सहयोग किया, तो यह कदम देश के छोटे व्यापारियों के लिए स्थायी आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करेगा।
संपर्क सूत्र,
अधिक जानकारी के लिए जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) कार्यालय या संबंधित नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत से संपर्क किया जा सकता है।
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