Pilibhit: ऐसे बनेगा आत्मनिर्भर भारत, बलदेव सिंह औलख का जनता से सीधा संवाद
Pilibhit में प्रभारी मंत्री का दौरा, जीएसटी सुधारों को बताया आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला
पीलीभीत में प्रभारी मंत्री के दौरे ने किसानों, व्यापारियों और उद्यमियों के बीच नई ऊर्जा का संचार कर दिया। उन्होंने जनसंवाद के दौरान जीएसटी सुधारों को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह बदलाव न केवल व्यापारियों के लिए वरदान है बल्कि आम जनता की जेब में सीधी राहत भी पहुंचाएगा।
स्वदेशी कृषि मेले का शुभारंभ और जनसंवाद
दौरे की शुरुआत गांधी स्टेडियम में आयोजित स्वदेशी कृषि मेले से हुई, जहां फीता काटकर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया। उन्होंने लोगों से स्वदेशी अपनाने और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाने की अपील की। स्टेडियम से तारा टावर तक पैदल भ्रमण करते हुए उन्होंने व्यापारियों को जीएसटी सुधारों की जानकारी दी और दुकानों पर जनजागरूकता पंपलेट चिपकाए।
लाभार्थियों को मिला तोहफा, खेलों को मिली ऊर्जा
मेले के दौरान लाभार्थियों को सिलाई मशीन वितरित की गई। प्रदर्शनी का अवलोकन करने के साथ परिसर में पौधारोपण किया गया। इसके अलावा हॉकी और कबड्डी प्रतियोगिताओं का उद्घाटन कर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया गया।
पत्रकारों से सीधा संवाद, क्या बदल गया है जीएसटी में
पत्रकारों से बातचीत में प्रभारी मंत्री ने कहा कि 22 सितम्बर 2025 से लागू हुए जीएसटी सुधार अब तक का सबसे बड़ा बदलाव हैं।
देश में अब केवल दो दरें लागू होंगी – 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत।
विलासिता की वस्तुओं पर 40 प्रतिशत का विशेष स्लैब रहेगा।
दूध, पनीर, साबुन, शैम्पू और टूथपेस्ट जैसी रोजमर्रा की वस्तुएं 5 प्रतिशत या शून्य दर पर उपलब्ध होंगी।
कॉपियां, पेंसिल, नोटबुक और बच्चों की सामग्री पूरी तरह करमुक्त रखी गई है।
जीवन बीमा और कई दवाइयों पर जीएसटी समाप्त या घटा दिया गया है।
किसानों और आमजन के लिए राहत
भारत को कृषि प्रधान बताते हुए उन्होंने कहा कि किसानों के लिए ट्रैक्टर, टायर, कीटनाशक और सिंचाई उपकरण पर कर घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। कार और बाइक पर भी जीएसटी 28 से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे करोड़ों परिवारों को सीधी बचत होगी। वहीं, लग्जरी कार, यॉट और कसीनो जैसी वस्तुएं उच्च कर दर में रखी गई हैं ताकि गैर-जरूरी उपभोग को नियंत्रित किया जा सके।
व्यापारियों और स्टार्टअप्स के लिए सहूलियत
एमएसएमई को 3 दिन में ऑटो-अप्रूवल रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी गई है। रिस्क-बेस्ड कम्पलायंस से कारोबार आसान और तेज होगा। छोटे व्यवसायों और स्टार्टअप्स के लिए तेज रिफंड व्यवस्था लागू की जा रही है।
अर्थव्यवस्था को नई गति
वित्तीय वर्ष 2024 में जीएसटी संग्रह 22 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा, जबकि वर्तमान वित्तीय वर्ष में केवल 5 महीनों में 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक का संग्रह हो चुका है। अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि इन सुधारों से जीडीपी में 0.3 प्रतिशत की अतिरिक्त वृद्धि होगी।
जीएसटी से प्राप्त आय का उपयोग सड़कों, रेलवे, मेट्रो, स्कूलों और अस्पतालों में किया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क 91 हजार किलोमीटर से बढ़कर अब 1 लाख 46 हजार किलोमीटर तक पहुंच चुका है।
पीलीभीत का यह दौरा केवल सरकारी योजनाओं की जानकारी देने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि किसानों, व्यापारियों, खिलाड़ियों और आम नागरिकों तक आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को मजबूती से पहुंचाने का माध्यम बना।
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