रंगरेलियाँ: नेताजी को पत्नी ने प्रेमिका संग होटल में पकड़ा, तीसरी मंज़िल से चड्डी में कूदकर भागे
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रंगरेलियाँ:”तीसरी मंज़िल से नेता जी ने अंडरवियर में छलांग”: जब पत्नी ने प्रेमिका संग होटल में आपत्तिजनक हालत में पकड़ा, फिर चप्पलों से पिटी सइयां की महबूबा
जब नेताजी खुद फँसे ‘हनी ट्रैप’ में…
रंगरेलियाँ: रीवा जिले के बिछिया थाना क्षेत्र में बुधवार की रात जो हुआ, वो राजनीति और पारिवारिक मर्यादाओं दोनों को शर्मसार कर देने वाला था। ओबीसी महासभा के प्रदेश महासचिव पप्पू कनौजिया, जिन्हें समाज की आवाज़ बनने का दावा है, खुद एक ऐसे प्रकरण में रंगे हाथों पकड़े गए जिसे देखकर पूरा मोहल्ला दंग रह गया। ‘वन मैन शो’ बनने की चाहत में नेताजी अपने ही घर के रिश्तों से खिलवाड़ करते हुए उस तीसरी मंज़िल के फ्लैट में देखे गए जहाँ सिर्फ प्रेम नहीं, विश्वासघात पल रहा था। लेकिन जैसे ही इस चोरी पर पत्नी की नजर पड़ी, कहानी ने न सिर्फ मोड़ लिया, बल्कि नेताजी को अंडरवियर में भागने पर मजबूर कर दिया।
रंगरेलियाँ: नेताजी की “अंडरवियर एग्जिट योजना”: जब तीसरी मंज़िल से धरती पर गिरे आदर्श
नेताजी की हालत उस समय वैसी हो गई, जैसे परीक्षा में नकल करते बच्चे को अचानक प्रिंसिपल रंगे हाथों पकड़ ले! मगर यहाँ मामला प्रेम-परीक्षा का था और प्रिंसिपल बनी थीं खुद उनकी पत्नी। जैसे ही दरवाज़ा खटखटाया गया, नेताजी के चेहरे का रंग उड़ गया। लुंगी का कोई सहारा नहीं था और पाजामे का कोई अस्तित्व नहीं बचा था — जो था, वो सिर्फ “नेतागिरी का आखिरी कपड़ा” यानी अंडरवियर!
तीसरी मंज़िल से उतरे नहीं, बल्कि ऐसे लटके जैसे शहर का नाम रोशन करने निकले कोई स्टंटमैन! ड्रेनेज पाइप को थामे नेताजी ने एक-एक मंज़िल पार की, जैसे नैतिकता की सीढ़ियाँ खुद-ब-खुद नीचे गिर रही हों। वो दृश्य ऐसा था जैसे राजनीति की लाज अब सिर्फ कपड़े की दो उँगलियों से टंगी हो — और हवा तेज़ हो!
नीचे पहुँचते ही नेताजी ऐसे भागे जैसे कोई देशभक्त बाघा बॉर्डर लांघ रहा हो, मगर समस्या ये थी कि जनता ने उन्हें “भगोड़ा” बना दिया। अंडरवियर में नेताजी गलियों में ऐसे दौड़े जैसे कोई बकरी हलाल से पहले भाग रही हो — ना जूते, ना टोपी, और ना ही शर्म का कोई आवरण। बच्चे हँसी में लोटपोट, और महिलाएँ घर के दरवाज़े बंद करने लगीं — नेताजी की इज़्ज़त खुले मैदान में ‘फ्री वाई-फाई’ बन गई थी, जिसे हर कोई देख-पढ़ और सुन रहा था।
रंगरेलियाँ: ‘विवाह का वचन’ और नेताजी का ‘तीसरी मंज़िल पर प्रेम’
घटना रात करीब 9 बजे की है जब पप्पू कनौजिया अपनी कथित महिला मित्र के साथ रीवा के तोपखाना क्षेत्र में स्थित एक मल्टी फ्लैट की तीसरी मंज़िल पर मौजूद थे। पत्नी वंदना कनौजिया को इस गुप्त मुलाक़ात की भनक पहले ही लग चुकी थी। वर्षों से उपेक्षा और बेवफाई की पीड़ा झेल रहीं वंदना इस बार चुप नहीं बैठीं। उन्होंने सीधे उस फ्लैट का दरवाज़ा खटखटाया, जिसे खोलने में नेताजी हिचक रहे थे। लेकिन जब दरवाज़ा खुला तो दृश्यों ने वंदना के संदेह को कड़वे सत्य में बदल दिया।
फ्लैट के अंदर पप्पू कनौजिया अपनी प्रेमिका के साथ आपत्तिजनक हालत में मौजूद थे। एक पत्नी के लिए यह पल केवल अपमानजनक नहीं था, बल्कि असहनीय भी था। सामाजिक रूप से सम्मानित नेता का ऐसा चेहरा देखकर वंदना का धैर्य जवाब दे गया और वही से एक हंगामेदार घटना की शुरुआत हुई।
रंगरेलियाँ: अंडरवियर में ‘नेता की दौड़’ और ‘भीड़ की दहाड़’
जैसे ही वंदना ने हल्ला मचाया, मोहल्ले में भीड़ इकट्ठी हो गई। यह दृश्य केवल किसी फिल्मी सीन जैसा नहीं था, बल्कि उससे भी ज्यादा अजीब और शर्मनाक बन गया जब पप्पू कनौजिया, केवल अंडरवियर पहने, तीसरी मंजिल से ड्रेनेज पाइप के सहारे उतरकर भाग निकले। यह भागदौड़ एक नेता की गरिमा के लिए नहीं, बल्कि उसकी नैतिक हार की तस्वीर बन गई।
इस शर्मिंदगी से बचने की कोशिश में नेताजी अपनी पूरी इज़्ज़त मोहल्ले की गलियों में गिरा बैठे। वहीं, फ्लैट के अंदर फंसी प्रेमिका को वंदना ने जमकर खरी-खोटी सुनाई। गुस्से में उन्होंने महिला की चप्पलों से पिटाई कर दी। प्रेमिका का चेहरा घायल हो गया और वह भयभीत स्थिति में फर्श पर बैठ गई।
पुलिस का देरी से पहुँचना और प्रेमिका का ‘रेस्क्यू’
घटना की जानकारी पुलिस को दी गई, लेकिन पुलिस दो घंटे बाद मौके पर पहुँची। इस दौरान प्रेमिका तीसरी मंजिल पर ही फंसी रही, जबकि वंदना और भीड़ लगातार नारेबाजी और सवालों से घेराव करती रही। पुलिस ने मौके की गंभीरता को देखते हुए प्रेमिका को फ्लैट से बाहर निकाला और उसे सुरक्षित स्थान पर ले गई।
थाना प्रभारी मनीषा पाठक के अनुसार, अभी तक दोनों पक्षों की ओर से कोई विधिवत आवेदन नहीं दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और वंदना कनौजिया के लगाए गए आरोपों की पुष्टि की जा रही है।
रंगरेलियाँ: पत्नी की चुप्पी अब टूटी, तो फूटा दर्द
घटना के बाद वंदना कनौजिया ने मीडिया से बात करते हुए खुलकर अपना दर्द साझा किया। उन्होंने बताया कि वर्षों से पति उन्हें और उनके बच्चों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करते आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके पास धमकियों के वीडियो हैं, जिसमें पति ने उन्हें और उनके बच्चों को जान से मारने की धमकी दी है। वंदना ने कहा कि उन्हें अब न्याय चाहिए और इस रिश्ते में अब कुछ भी शेष नहीं बचा।
क्या यह ‘ओबीसी समाज’ का नेतृत्व है?
यह प्रश्न आज पूरे रीवा और मध्यप्रदेश में तैर रहा है कि क्या एक समाज का प्रतिनिधित्व करने वाला व्यक्ति खुद अपने परिवार में ही भरोसे को तोड़ने वाला हो सकता है? ओबीसी महासभा जैसे संवेदनशील संगठन के नेता का इस तरह से एक स्कैंडल में फँसना न केवल शर्मनाक है, बल्कि पूरे संगठन की साख पर भी सवाल उठाता है।
जब नेताजी सार्वजनिक मंच पर सामाजिक न्याय की बात करते हैं, तब उनकी निजी जिंदगी में इस तरह का दोहरापन उन्हें सिर्फ एक पाखंडी बना देता है।
नेताजी की नैतिक हार, समाज की चेतावनी
रीवा की यह घटना कोई हल्की-फुल्की सनसनी नहीं, बल्कि राजनीति के गिरते स्तर की एक और काली मिसाल है। एक जनप्रतिनिधि जब अपने निजी आचरण में असफल हो जाता है, तब उसकी समाज में स्वीकार्यता भी संदेह के घेरे में आ जाती है। पप्पू कनौजिया का यह “अंडरवियर एपिसोड” समाज को एक स्पष्ट संकेत देता है — कि जनता अब सिर्फ भाषण नहीं, चरित्र भी देखती है। अब सवाल सिर्फ पत्नी का नहीं, पूरे समाज का है।