पढ़िए नवरात्रि में क्यों जलाते हैं अखंड ज्योत? जानें इसका धार्मिक महत्व, नियम और आपको मिलने वाला लाभ

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*नवरात्र का पर्व भारत में शक्ति की उपासना का सबसे बड़ा अवसर माना जाता है। नौ दिनों तक माता दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। इस दौरान घर-घर में घटस्थापना और अखंड ज्योत प्रज्वलित करने की परंपरा है। विशेष रूप से अखंड ज्योत को देवी आराधना का महत्वपूर्ण अंग माना जाता है, क्योंकि यह दीपक पूरे नौ दिनों तक बिना बुझा निरंतर जलता रहता है। इसे शक्ति, समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है।

अखंड ज्योत का अर्थ और महत्व

अखंड ज्योत का शाब्दिक अर्थ है — ऐसी ज्योति जो खंडित न हो। नवरात्र के दौरान यह दीपक लगातार जलता रहे, यही इसकी विशेषता है। मान्यता है कि जहां अखंड ज्योत जलाई जाती है, वहां मां दुर्गा की विशेष कृपा बनी रहती है। इसके बुझने को अशुभ संकेत माना गया है।

इसके साथ ही अखंड दीपक को सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत भी कहा गया है। जब दीपक की लौ बाएं से दाएं जलती है, तो इसे आर्थिक वृद्धि का प्रतीक माना जाता है। वहीं, यदि दीपक की लौ का रंग सोने जैसा दिखाई दे, तो इसे समृद्धि और धन-धान्य की प्राप्ति का सूचक माना जाता है।

अखंड दीप जलाने के नियम

नवरात्रि में अखंड दीपक जलाते समय कुछ विशेष नियमों का पालन करना आवश्यक है।

* दीपक को विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ प्रज्वलित करना चाहिए।
* दीपक के पास सदैव किसी न किसी की उपस्थिति रहनी चाहिए। इसे अकेला छोड़ना वर्जित है।
* दीपक में बार-बार बत्ती बदलना अशुभ माना जाता है।
* दीपक से दीपक जलाना वर्जित है, ऐसा करने से रोग और बाधाओं की संभावना बढ़ जाती है।
* घी या तेल डालने का कार्य केवल साधक या घर के प्रमुख व्यक्ति द्वारा ही किया जाना चाहिए।

इन नियमों का पालन करने से अखंड ज्योत की पवित्रता और शक्ति बनी रहती है।

अखंड ज्योत और जानिए धार्मिक मान्यता

हिंदू धर्मशास्त्रों में संकल्प लेकर किए जाने वाले अनुष्ठान या साधना में अखंड ज्योत जलाने का विधान है। नवरात्र में जब साधक मां दुर्गा की पूजा में संकल्प लेता है, तो अखंड दीप उसकी साधना की ऊर्जा को स्थिर बनाए रखता है।

इसके अलावा, एक मान्यता यह भी है कि यदि कोई व्यक्ति पूरे एक वर्ष तक अखंड दीपक जलाए, तो उसके जीवन से तनाव, क्लेश, गरीबी और वास्तु दोष जैसी परेशानियां दूर हो जाती हैं। ऐसे दीपक से घर-परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है और वातावरण शुद्ध बना रहता है।

पढ़िए स्वास्थ्य लाभ भी है खास

अखंड ज्योत को केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य की दृष्टि से भी लाभकारी माना गया है। जब घर में घी या तेल का दीपक जलता है, तो उससे निकलने वाली सुगंध वातावरण को शुद्ध करती है। कपूर और घी की महक सांस और नर्वस सिस्टम को बेहतर बनाती है।

इसके अतिरिक्त, अखंड दीप के कारण घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। नकारात्मक विचार दूर रहते हैं और मानसिक शांति प्राप्त होती है। चित्त प्रसन्न रहने से घर में विवाद और झगड़े भी कम होते हैं।

अखंड ज्योत का वास्तु और आध्यात्मिक प्रभाव

वास्तुशास्त्र के अनुसार, दीपक से निकलने वाली आभा न केवल धार्मिक दृष्टि से शुभ होती है, बल्कि घर के वातावरण को भी पवित्र बनाती है। दीपक की लौ से चारों ओर उत्पन्न होने वाला ताप घर में भाग्योदय का संकेत देता है। यह ऊर्जा साधक को आध्यात्मिक बल प्रदान करती है और पूजा-पाठ में मन को एकाग्र करने में सहायक होती है।

नवरात्र में अखंड ज्योत जलाने की परंपरा केवल धार्मिक अनुष्ठान भर नहीं है, बल्कि यह श्रद्धा, विश्वास और ऊर्जा का प्रतीक है। जहां यह दीपक जलता है, वहां मां दुर्गा का विशेष आशीर्वाद बना रहता है। अखंड दीप न केवल घर के वातावरण को शुद्ध करता है, बल्कि मानसिक शांति और स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है।

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