मुजफ्फरपुर Voter List Scam: हिंदू परिवारों के घर चढ़े Muslim Names, गांव में मचा हड़कंप
मुजफ्फरपुर Voter List Scam: हिंदू परिवारों के घर चढ़े Muslim Names, गांव में मचा हड़कंप
Voter List Scam:मुजफ्फरपुर वोटर लिस्ट में बड़ा घोटाला, हिंदू परिवारों के घर चढ़ा दिए गए मुस्लिम नाम, गांव में हड़कंप
लोकतंत्र की सबसे अहम पहचान होती है—मतदाता सूची की पवित्रता। लेकिन बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से जो तस्वीर सामने आई है, उसने इस भरोसे को गहरी चोट दी है। यहां वोटर लिस्ट में ऐसी गड़बड़ी पकड़ी गई है, जिसे महज़ गलती कहना मुश्किल है। गांव के हिंदू परिवारों के घरों पर मुस्लिम मतदाताओं के नाम जोड़ दिए गए हैं। नतीजा यह है कि पूरा गांव अफवाह, डर और नाराज़गी की आग में सुलग रहा है। लोग पूछ रहे हैं—क्या यह सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही है या फिर चुनावी गणित साधने की कोई सुनियोजित चाल?
Voter List Scam:घरों में नहीं रहते मुस्लिम, लेकिन वोटर लिस्ट में दर्ज नाम
मुजफ्फरपुर के सकरा विधानसभा क्षेत्र के कटेसर पंचायत के मोहनपुर गांव में यह गड़बड़ी सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव में कोई मुस्लिम परिवार रहता ही नहीं, इसके बावजूद मतदाता सूची में उनके घरों के पते पर मुस्लिम नाम चढ़ा दिए गए हैं।
वार्ड नंबर 6 के कई मकानों में यह गड़बड़ी साफ दिखाई देती है।
मकान संख्या 34 (मेथुर ठाकुर) – अब्दुल रशीद, मोहम्मद नसीम और मोहम्मद आशिक जैसे नाम दर्ज।
मकान संख्या 30 (कामेश्वर ठाकुर) – परिवार के छह सदस्यों के बीच अचानक रौशन खातून का नाम जुड़ गया।
मकान संख्या 50 (उमेश ठाकुर, जो अब गांव में नहीं रहते) – 11 मुस्लिम मतदाताओं के नाम दर्ज, जबकि मकान कई वर्षों से खाली है।
मकान संख्या 54 (पवन ठाकुर) – यहां मालिक अकेले रहते हैं, लेकिन वोटर लिस्ट में आठ मुस्लिम नाम जोड़ दिए गए हैं।
Voter List Scam: 100 से अधिक संदिग्ध नाम, गांव में बेचैनी
ग्रामीणों का कहना है कि पूरे गांव में लगभग 20 से 25 परिवारों के घरों पर 100 से अधिक संदिग्ध मुस्लिम नाम जोड़े गए हैं। स्थानीय लोग इसे महज़ तकनीकी गलती मानने को तैयार नहीं। उनका आरोप है कि यह एक बड़ी राजनीतिक साजिश हो सकती है।
Voter List Scam: ग्रामीणों का गुस्सा “यह गलती नहीं, साजिश है”
गांव के पवन ठाकुर कहते हैं,
“मैं अकेला अपने घर में रहता हूँ। फिर मेरे मकान पर आठ मुस्लिम नाम कैसे चढ़ गए? यह साधारण भूल नहीं, किसी की सोची-समझी चाल है।”
इसी तरह बुजुर्ग कामेश्वर ठाकुर भी सवाल उठाते हैं,
“हमारे परिवार में छह सदस्य हैं, लेकिन मतदाता सूची में एक नया मुस्लिम नाम जोड़ दिया गया है। आखिर किसके कहने पर ऐसा हुआ?”
ग्रामीणों का मानना है कि यह महज़ प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि चुनावी लाभ के लिए मतदाता सूची से छेड़छाड़ है।
Voter List Scam: प्रशासन जांच में जुटा, लेकिन भरोसा टूटा
इस गड़बड़ी की खबर सामने आते ही गांव में अफवाहें और डर फैल गया है। लोग आशंकित हैं कि कहीं यह वोट बैंक की राजनीति का हिस्सा तो नहीं। फिलहाल मामला प्रशासनिक स्तर तक पहुंच गया है और उच्चाधिकारी जांच में जुटे हैं।
गांव की BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने सामने आने से परहेज़ किया। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी।
Voter List Scam: बड़ा सवाल
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि—
क्या यह महज़ तकनीकी त्रुटि है?
या फिर मतदाता सूची से छेड़छाड़ कर चुनावी समीकरण साधने की चाल?
जांच रिपोर्ट आने तक यह रहस्य बना रहेगा, लेकिन गांव के लोग यह मान चुके हैं कि उनके भरोसे के साथ बड़ी ठगी हुई है।
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