मिशन शक्ति: नवरात्र में बेटियां बनेंगी एक दिन की प्रशासनिक अधिकारी, जानें कार्यक्रम की खास बातें
लखनऊ। नवरात्रि के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार बेटियों को सशक्त बनाने की दिशा में विशेष पहल कर रही है। मिशन शक्ति अभियान के तहत बेटियों को एक दिन के लिए प्रशासनिक अधिकारी बनाया जाएगा। यह कार्यक्रम 23 से 30 सितंबर तक आयोजित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य लड़कियों को उनके अधिकारों और प्रशासनिक जिम्मेदारियों से अवगत कराना है।
बेटियों के लिए है अनोखी पहल
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का लक्ष्य है कि बेटियां न केवल शिक्षा में आगे बढ़ें, बल्कि नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास से भी परिपूर्ण हों। नवरात्र के शुभ दिनों में होने वाला यह आयोजन इस बात का संदेश देगा कि बेटियां हर क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने में सक्षम हैं।
कार्यक्रम की प्रमुख गतिविधियाँ
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इनमें बेटियों को प्रशासनिक अधिकारियों की तरह कार्य करने का अवसर दिया जाएगा। वे एक दिन के लिए दफ्तर की जिम्मेदारी संभालेंगी, फाइलों की समीक्षा करेंगी और निर्णय लेने की प्रक्रिया को समझेंगी।
इसके साथ ही, उन्हें कानून, शिक्षा और सामाजिक कल्याण से जुड़े विषयों पर भी जागरूक किया जाएगा। इस दौरान शिक्षकों और अधिकारियों की मौजूदगी रहेगी ताकि बेटियों को उचित मार्गदर्शन मिल सके।
जानिए उद्देश्य और महत्व
मिशन शक्ति का यह चरण विशेष रूप से लड़कियों को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने पर केंद्रित है। इस पहल से बेटियों को यह अनुभव मिलेगा कि जिम्मेदारी निभाने के लिए आत्मविश्वास और नेतृत्व कितना आवश्यक है।
इसके अलावा, यह कार्यक्रम समाज में बेटियों की स्थिति को मजबूत करने और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक अहम कदम है। प्रशासनिक जिम्मेदारियों को नजदीक से देखकर लड़कियां भविष्य के लिए प्रेरणा प्राप्त करेंगी।
समाज में जाएगा यह संदेश
इस तरह के आयोजनों से समाज को यह संदेश भी मिलता है कि बेटियों को अवसर दिए जाएँ तो वे हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं। नवरात्र के दौरान आयोजित यह पहल धार्मिक आस्था और सामाजिक जिम्मेदारी का संगम प्रस्तुत करती है।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य
मिशन शक्ति नवरात्रि कार्यक्रम न केवल एक शैक्षिक पहल है, बल्कि यह बेटियों को प्रशासनिक अनुभव देने का अनोखा प्रयास भी है। इससे उनकी सोच व्यापक होगी, आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होंगी। यह पहल इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश सरकार बेटियों को सशक्त बनाने की दिशा में गंभीर और सक्रिय है।