चाइनीज लहसुन पर चला बुलडोजर, कस्टम विभाग की बड़ी कार्रवाई
चाइनीज लहसुन पर चला बुलडोजर: नष्ट करते लहसुन का चित्र
चाइनीज लहसुन पर चला बुलडोजर: माफियों का घर ध्वस्त करने के बाद अब चाइनीज लहसुन पर चला बाबा का बुलडोजर
चाइनीज लहसुन पर चला बुलडोजर: उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में कस्टम विभाग द्वारा एक बार फिर से बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। इस बार तस्करों द्वारा भारत-नेपाल सीमा से लाए गए 800 बोरी चाइनीज लहसुन को जप्त कर बुलडोजर से नष्ट किया गया। कस्टम विभाग ने इस लहसुन को निचलौल नगर पंचायत के घोड़हवा वार्ड स्थित दामोदरी पोखरी के पास जेसीवी मशीन से कुचलवाकर जमीन में दफन कर दिया। इस कार्यवाही से तस्करों में हड़कंप मच गया है और उनके मंसूबों पर पूरी तरह से पानी फिर गया है।
चाइनीज लहसुन पर चला बुलडोजर, तस्करों के मंसूबों पर लगा ब्रेक

चाइनीज लहसुन की तस्करी उत्तर प्रदेश के नेपाल सीमा के पास काफी समय से चल रही थी। पहले भी कई बार तस्करों द्वारा जप्त लहसुन को चुरा लिया जाता था, लेकिन इस बार कस्टम विभाग ने पूरी सतर्कता से लहसुन को कुचलवाकर जमीन में दफन किया। विभाग का कहना है कि इस बार लहसुन को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया है ताकि कोई इसे फिर से चोरी न कर सके।
चाइनीज लहसुन पर चला बुलडोजर, कस्टम विभाग की बड़ी कार्रवाई
कस्टम विभाग द्वारा पहले भी ऐसी कार्यवाहियां की जाती रही हैं, लेकिन इस बार की कार्यवाही ने तस्करों के मंसूबों पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। डिप्टी कमिश्नर बाबू सिंह ने कहा कि 800 बोरी चाइनीज लहसुन को नष्ट किया गया है और भविष्य में भी ऐसी तस्करी पर कड़ी नजर रखी जाएगी। विभाग का मानना है कि तस्करों को कानूनी शिकंजे में जकड़ना अब और भी जरूरी हो गया है।
माफियाओं पर योगी सरकार का एक्शन
योगी सरकार द्वारा माफियाओं पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। चाहे वह जमीन माफिया हों या तस्कर, सरकार ने साफ संदेश दे दिया है कि किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चाइनीज लहसुन की तस्करी न सिर्फ देश की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर डालती है बल्कि इससे स्वास्थ्य को भी खतरा हो सकता है। योगी सरकार ने पहले ही माफियाओं और तस्करों के खिलाफ बुलडोजर नीति अपनाई है, और इस बार चाइनीज लहसुन पर बुलडोजर चलाकर यह साबित कर दिया है कि सरकार तस्करों के खिलाफ कोई ढिलाई नहीं बरतेगी।
सवाल उठते हैं: चाइनीज लहसुन की तस्करी कैसे होती है?
यह सवाल अब सबके दिमाग में घूम रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में चाइनीज लहसुन भारत में कैसे प्रवेश करती है? लहसुन की तस्करी के पीछे एक बड़ा संगठित नेटवर्क काम कर रहा है, जो नेपाल के रास्ते भारत में इस तस्करी को अंजाम देता है। चाइनीज लहसुन न केवल अवैध है बल्कि इसकी गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े होते हैं। कस्टम विभाग की लगातार सख्त कार्यवाही के बावजूद तस्करी की यह प्रवृत्ति चिंता का विषय बनी हुई है।
कस्टम विभाग की चुनौतियां और आवश्यक कदम

कस्टम विभाग को तस्करों की चालाकियों से निपटने के लिए लगातार नये तरीकों की आवश्यकता है। इसके लिए सीमा पर अधिक सतर्कता, निगरानी और आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करना होगा। इसके साथ ही तस्करी में शामिल स्थानीय लोगों और माफियाओं पर कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए ताकि इस तरह की अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके।
तस्करों पर और सख्त कार्यवाही की जरूरत
चाइनीज लहसुन पर चला बुलडोजर, तस्करी के मामलों में तस्करों पर अभी और कड़ी कानूनी कार्यवाही की जरूरत है। तस्करों को पकड़ने के साथ-साथ उन्हें सजा दिलाने का भी पुख्ता इंतजाम किया जाना चाहिए। कस्टम विभाग की सतर्कता और योगी सरकार की बुलडोजर नीति ने तस्करों को काफी हद तक रोकने में सफलता पाई है, लेकिन इस नेटवर्क को पूरी तरह से तोड़ने के लिए और भी सख्त कदम उठाने होंगे।
माफियाओं की जड़े काटने का समय
यह समय है जब माफियाओं और तस्करों की जड़ों को पूरी तरह से काट दिया जाए। कस्टम विभाग की यह कार्यवाही एक संदेश है कि सरकार और प्रशासन इस मुद्दे को हल्के में नहीं ले रहे। अब तस्करों को यह समझ लेना चाहिए कि कोई भी अवैध गतिविधि उनकी सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकती। कस्टम विभाग की यह सख्त कार्यवाही माफियाओं और तस्करों के लिए एक कड़ा संदेश है कि अब उनकी गलतियों की कोई जगह नहीं है।
चाइनीज लहसुन पर चला बुलडोजर, निष्कर्ष
महराजगंज में कस्टम विभाग द्वारा 800 बोरी चाइनीज लहसुन को नष्ट करने की कार्यवाही न सिर्फ तस्करों के लिए एक चेतावनी है, बल्कि यह आम जनता को भी बताती है कि सरकार और प्रशासन तस्करी के खिलाफ सख्त हैं। इस तरह की सख्ती से भविष्य में तस्करी के मामलों में कमी आ सकती है और अवैध रूप से लाए गए सामानों को देश में प्रवेश करने से रोका जा सकेगा।
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