जानिए कौन सी छात्रा बनी कानपुर में एक दिन की डीएम, मिशन शक्ति 5.0 के तहत मिला यह दायित्व

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कानपुर नगर: मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत आज कानपुर शहर में एक प्रेरणादायक आयोजन किया गया। इस अवसर पर पारितोष इंटर कॉलेज, हंस पुरम, नौबस्ता की मेधावी छात्रा कुमारी श्रद्धा दीक्षित ने एक दिन की जिलाधिकारी (DM) के रूप में कार्यभार संभाला।

यह आयोजन जिला प्रशासन द्वारा महिलाओं और बालिकाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं प्रशासनिक समझ को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। श्रद्धा दीक्षित ने अपनी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों से न केवल विद्यालय बल्कि पूरे जिले का गौरव बढ़ाया है।

प्रतिभा का सम्मान — जब छात्रा बनीं जिलाधिकारी

कुमारी श्रद्धा दीक्षित ने वर्ष 2025 की हाईस्कूल परीक्षा में 600 में से 581 अंक (96.83%) प्राप्त कर जनपद कानपुर में *टॉपर* का स्थान हासिल किया था। उनकी इस उपलब्धि के सम्मान में जिला प्रशासन ने उन्हें सांकेतिक जिलाधिकारी के रूप में नियुक्त किया।

आज के दिन उन्होंने जनसुनवाई कार्यक्रम में जनता की शिकायतें सुनीं, अधिकारियों से मुलाकात की और विभिन्न विभागों के कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उनके कार्य को देखकर सभी अधिकारी और कर्मचारी प्रभावित हुए।

श्रद्धा दीक्षित ने सुनीं जनता की समस्याएँ

एक दिन की जिलाधिकारी के रूप में श्रद्धा दीक्षित ने जनसुनवाई के दौरान नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और **गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

पहला मामला: भूमि विवाद पर कार्रवाई के निर्देश

जनसुनवाई के दौरान मीरपुर छावनी, थाना रेलबाजार निवासी श्रीमती अनीसा ने अपनी शिकायत प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि कुछ स्थानीय लोग उनके मकान के सामने अवैध रास्ता बनाकर कब्जे की कोशिश कर रहे हैं, और विरोध करने पर उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है।

श्रद्धा दीक्षित ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्राधिकारी एवं थाना प्रभारी रेलबाजार को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए और कहा कि महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

दूसरा मामला: अवैध कब्जे की जांच के आदेश

दूसरे प्रकरण में अरविन्द कुमार गुप्ता, निवासी 119/239 रामनगर, दर्शनपुरवा ने अपनी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराई। सांकेतिक जिलाधिकारी श्रद्धा दीक्षित ने मामले को सुनकर एसीएम-प्रथम तथा थाना फजलगंज पुलिस को तत्काल तथ्यात्मक जांच कर शीघ्र और निष्पक्ष निस्तारण करने का आदेश दिया।

जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने कही प्रेरक बातें

इस अवसर पर जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने श्रद्धा दीक्षित की सराहना करते हुए कहा — “मिशन शक्ति 5.0 का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक समझ विकसित करना है। श्रद्धा दीक्षित जैसी प्रतिभाशाली बालिकाएं आने वाले समय में समाज और शासन की दिशा निर्धारित करेंगी।”

जानिए मिशन शक्ति 5.0 का उद्देश्य

मिशन शक्ति 5.0 उत्तर प्रदेश सरकार की एक विशेष पहल है, जिसका उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को आत्मनिर्भर, सुरक्षित और सशक्त बनाना है। इस योजना के तहत स्कूलों, कॉलेजों और समाज के विभिन्न वर्गों में नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाया जाता है।

इसके साथ ही ऐसी बालिकाओं को प्रशासनिक जिम्मेदारी का अनुभव देकर नेतृत्व की भावना विकसित की जाती है। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि बेटियां केवल शिक्षा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे प्रशासनिक और निर्णयात्मक भूमिकाओं को भी बखूबी निभा सकती हैं।

अधिकारियों ने की सराहना

श्रद्धा दीक्षित ने पूरे आत्मविश्वास के साथ न केवल शिकायतें सुनीं, बल्कि अपने निर्णयों में परिपक्वता भी दिखाई। उपस्थित अधिकारियों ने उनकी साहस, संवेदनशीलता और नेतृत्व क्षमता की सराहना की। कई कर्मचारियों ने कहा कि श्रद्धा दीक्षित जैसी प्रतिभाएं आने वाले समय में प्रशासन और समाज दोनों को नई दिशा देंगी।

समाज को मिला प्रेरणादायक संदेश

यह आयोजन समाज के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश लेकर आया कि बालिकाओं में अपार क्षमता होती है। अगर उन्हें अवसर दिया जाए, तो वे हर क्षेत्र में सफलता के शिखर को छू सकती हैं। श्रद्धा दीक्षित के इस कदम ने न केवल उनके परिवार और विद्यालय का नाम रोशन किया, बल्कि पूरे कानपुर का गौरव बढ़ाया।

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