kasganj: ट्रक ने कांवड़ियों को रौंदा, 17 घायल – कई की हालत गंभीर

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kasganj: कासगंज में सुबह ४:३० बजे श्रावण माह में गंगाजल भरने गए कांवड़ियों को ट्रक ने पीछे से टक्कर मारी – 17 घायल, कई की स्थिति गंभीर, ड्राइवर फरार।

kasganj: घायलों का हाल जानते जिलाधिकारी

कासगंज में बड़ा हादसा: ट्रक ने कांवड़ियों को रौंदा, 17 घायल – कई की हालत गंभीर

श्रावण मास की पवित्र यात्रा के दौरान कासगंज में दुखद हादसा हुआ, जब राजस्थान के नावर (भरतपुर जिला) से गंगाजल भरने आए कांवड़ियों के जत्थे को एक तेज़ रफ्तार ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी। यह घटना बुधवार सुबह करीब 4:30 बजे गोरहा जिओ पेट्रोल पंप के पास हुई, जिसमें 17 श्रद्धालु घायल हुए, जिनमें से कई की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

kasganj: घटना का विस्तार

घायल कांवड़ियों में शिवम, अनिल, गौरव, रामकिशन, विष्णु, लक्की चंद और ड्राइवर खेरी को कासगंज जिला अस्पताल में भर्ती किया गया।
— जबकि रामावतार, श्यामवीर, जोगेंद्र, नत्था, भूरिया मेम्बर, मोहित, उत्तम, मुनीश, मुनेश और बिट्टू को गंभीर हालत में आगरा, अलीगढ़ और भरतपुर के बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया।

ट्रक चालक दुर्घटना के बाद मौके से फरार हो गया; इस पर पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी है।
— जिले के प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय पुलिस सीधे अस्पताल मौके पर पहुँचकर राहत‑कार्रवाई की जायजा ले रहे हैं।

आँकड़ों की दृष्टि से:
इसी इलाके में पहले भी कांवड़ियों को लक्षित सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं जहां 12 कांवड़िए घायल हुए थे और इलाज के बाद कुछ को छुट्टी दे दी गई थी
वर्तमान घटना में संख्या कहीं अधिक गंभीर है, कुल 17 घायल

kasganj: प्रमुख बिंदु संकेत

विषय विवरण
समय व स्थान बुधवार सुबह ~4:30 बजे, गोरहा जिओ पेट्रोल पंप के पास, कासगंज
पीड़ित समुदाय राजस्थान के भरतपुर ज़िले के नावर गांव से श्रावण मास में गंगाजल भरने आए कांवड़ियों का दल
घायल संख्या कुल 17 घायल, रेफर किए गए कई गंभीर
स्वास्थ्य सुविधाएं कुछ को कासगंज जिला अस्पताल में भर्ती, गंभीरों को आगरा, अलीगढ़, भरतपुर रेफर किया गया
पुलिस कार्रवाई ट्रक ड्राइवर की पहचान व गिरफ्तारी हेतु जांच जारी
प्रशासन की प्रतिक्रिया जिला अधिकारी अस्पताल पहुंचे, राहत कार्यों का जायजा लिया

विश्लेषण

यात्रा समय और अवधि की चुनौतियाँ
कांवड़ यात्रा का यह दौर व्यस्त होता है, सुबह-सुबह सडकों पर भारी संख्या में श्रद्धालु होते हैं।
रात-या-सवेर का समय ट्रैफिक नियंत्रण एवं प्रकाश व्यवस्था की दृष्टि से जोखिम भरा हो सकता है।

सुरक्षा व्यवस्था में कमी?
घटना के संदर्भ में ट्रक की रफ्तार, चालक की सचेतना या शराब/नशे की स्थिति पर अभी निष्कर्ष नहीं निकाले गए हैं, लेकिन यह साफ़ दिखता है कि प्रशासनिक सुरक्षा मानकों की अनदेखी इस हादसे को संभव बना सकती है।

घायलों की पहचान एवं मदद:
अधिकांश कांवड़िये राजस्थान के नावर गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। स्थानीय अस्पतालों के संसाधन सीमित हो सकते हैं, इसलिए रेफरिग का विकल्प अपनाया गया है।

सामाजिक-प्रशासनिक जवाबदेही:
छुटकारा संभव है—इस घटना के बाद यातायात नियंत्रण, कांवड़ियों की व्यवस्था और ट्रैफिक नियमों के अनुपालन को लेकर सरकार को तत्काल पहल करनी चाहिए।

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