कार्तिक पूर्णिमा पर्व को लेकर कानपुर पुलिस हुई सतर्क, डीसीपी पश्चिम ने की समीक्षा, पढ़िए निर्देश
कानपुर। आगामी कार्तिक पूर्णिमा पर्व के अवसर पर कानपुर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह से कमर कस ली है। इस संबंध में पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) पश्चिम दिनेश त्रिपाठी ने बिठूर क्षेत्र के नानाराव पार्क में आयोजकों, संभ्रांत नागरिकों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में पर्व के दौरान सुरक्षा, यातायात, भीड़ नियंत्रण और साफ-सफाई से जुड़े अहम बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
डीसीपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यह धार्मिक पर्व श्रद्धा और शांति के वातावरण में सम्पन्न होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और संपूर्ण व्यवस्था व्यवस्थित ढंग से संचालित की जाए।
बैठक के दौरान उठाए गए प्रमुख बिंदु
बैठक में घाटों के आस-पास की सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई। विशेष रूप से बिठूर के प्रमुख घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए सुरक्षा घेरा मजबूत करने पर जोर दिया गया।
डीसीपी दिनेश त्रिपाठी ने कहा कि वाहनों के आवागमन एवं पार्किंग की उचित व्यवस्था बेहद जरूरी है ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। इसके लिए पुलिस और ट्रैफिक विभाग को मिलकर विशेष योजना बनाने के निर्देश दिए गए।
साथ ही, उन्होंने पर्व के दौरान पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती का भी आदेश दिया। डीसीपी ने बताया कि घाटों पर जल पुलिस एवं गोताखोरों की नियुक्ति की जाएगी ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके।
सुरक्षा और निगरानी पर विशेष जोर
डीसीपी त्रिपाठी ने बताया कि घाट किनारों पर सुरक्षा बैरिकेडिंग की जाएगी। इसके लिए लकड़ी की बल्लियाँ गाड़कर रस्से से घेरा बनाया जाएगा ताकि श्रद्धालु सुरक्षित सीमाओं में स्नान कर सकें।
इसके अलावा, सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी निगरानी पर विशेष बल दिया गया। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से हर गतिविधि पर सतत नजर रखी जाएगी ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
सहयोग और समन्वय पर दिया गया जोर
डीसीपी ने बैठक में मौजूद आयोजकों और स्थानीय नागरिकों से भी सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि “यह पर्व हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा है, इसे शांति और सौहार्द के साथ मनाना सभी की जिम्मेदारी है।”
उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि प्रशासन और पुलिस के साथ समन्वय बनाकर व्यवस्था को सफल बनाने में सहयोग करें। साथ ही, श्रद्धालुओं की सुरक्षित एवं सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए यातायात और सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
अधिकारियों की मौजूदगी और समन्वय बैठक का निष्कर्ष
इस बैठक में उप जिलाधिकारी सदर और सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) कल्याणपुर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने संयुक्त रूप से यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी ली कि कार्तिक पूर्णिमा पर्व कानपुर में शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से सम्पन्न हो।
बैठक के अंत में डीसीपी त्रिपाठी ने कहा कि “श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हर अधिकारी अपने क्षेत्र में जिम्मेदारी से काम करे ताकि इस पवित्र पर्व पर कोई अप्रिय घटना न हो।”