कानपुर ने शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत प्रदेश में हासिल किया तीसरा स्थान, 9289 बच्चों में से 4658 ने लिया दाखिला
कानपुर: शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत जरूरतमंद बच्चों को स्कूल में दाखिला दिलाने के मामले में कानपुर ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस वर्ष कानपुर को प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। जिले में गरीब परिवारों के 9289 बच्चों को लॉटरी के माध्यम से निजी स्कूल आवंटित किए गए थे, जिनमें से 4658 बच्चों ने निजी विद्यालयों में दाखिला लिया है।प्रदेश स्तर पर लखनऊ में सर्वाधिक 9850 और वाराणसी में 6111 बच्चों को स्कूल में प्रवेश दिलाया गया। कानपुर में हर चरण में 30 प्रतिशत से अधिक बच्चों को सफलतापूर्वक प्रवेश मिला।

कानपुर के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, सुजीत कुमार सिंह, ने बताया कि इस बार 4658 बच्चों को प्रवेश दिलाना उनकी टीम की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह संख्या पिछले वर्षों की तुलना में सर्वाधिक है। इस वर्ष 1830 अभिभावकों ने मनचाहा स्कूल न मिलने के कारण अपने बच्चों का दाखिला कराने से इनकार कर दिया।आरटीई के तहत इस बार 20 जनवरी से ऑनलाइन आवेदन शुरू हुए थे, और चार चरणों में इस प्रक्रिया को पूरा किया गया। पहले चरण में 4012 बच्चों को दाखिला देने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन जब लॉटरी के माध्यम से स्कूल आवंटन हुआ, तो 5164 बच्चों को 760 निजी स्कूल आवंटित किए गए। इनमें से 3078 बच्चों ने दाखिला लिया। दूसरे चरण में 3251 बच्चों को 549 स्कूलों में प्रवेश मिला।
पिछले वर्षों की तुलना:
- वर्ष 2020-21: 1919 बच्चों को प्रवेश
- वर्ष 2021-22: 2032 बच्चों को प्रवेश
- वर्ष 2022-23: 4034 बच्चों को प्रवेश
- वर्ष 2023-24: 4128 बच्चों को प्रवेश
- वर्ष 2024-25: 4658 बच्चों को प्रवेश
कानपुर का यह प्रदर्शन शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक संकेत है, जो आने वाले समय में और भी अधिक बच्चों को लाभान्वित करेगा।