Kannauj News : जेल में गैंगस्टर का वारंट पहुंचने से पहले ही नीलू की हुई रिहाई, अब फिर पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए लगाई टीमें
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रिपोर्ट : संदीप शर्मा
कन्नौज में नाबालिक किशोरी से छेड़छाड़ और दुष्कर्म कांड में पुलिस ने आरोपी पूर्व ब्लॉक प्रमुख नबाब सिंह यादव सहित इनके भाई नीलू यादव और पीड़िता की बुआ पर गैंगस्टर की कार्यवाही की है। उपरोक्त तीनों आरोपी फिलहाल जेल में हैं। इससे पहले कि, गैंगस्टर के मामले में न्यायालय से जारी वारंट जेल पहुंचता, शुक्रवार की सायं घटना के सह आरोपी नीलू की जेल से रिहाई हो गई। अब पुलिस नीलू की गिरफ्तारी के लिये फिर से प्रयास कर रही है।

बताते चलें कि, बीती 11/12 अगस्त की रात्रि कन्नौज में एक नाबालिक किशोरी से छेड़छाड़ और दुष्कर्म की घटना के मामले में पुलिस ने आरोपी पूर्व सपा नेता और ब्लॉक प्रमुख नबाब सिंह यादव को गिरफ्तार करके न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया था। घटना की जांच पड़ताल में पूर्व सपा नेता के भाई नीलू यादव और पीड़ित किशोरी की बुआ का भी नाम सामने आया था। जिसके बाद साक्ष्यों को प्रभावित करने के मामले में पुलिस ने नीलू और बुआ को घटना का सह आरोपी बनाया था।
पुलिस का जाल बिछा देख नीलू और पीड़िता की बुआ दोनों ही गायब हो गये थे। जिसके बाद जिले के एसपी अमित कुमार आनंद के निर्देशन में दोनों की गिरफ्तारी के लिये पुलिस टीमों का गठन और एसओजी को भी लगाया गया था। इसके अलावा नीलू पर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। मामले में पीड़िता की बुआ को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था, जबकि नीलू को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी थी। बीती 3 सितंबर को नीलू ने अपने वकील की मदद से कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। जिसके बाद नीलू को जेल भेज दिया गया था।

पुलिस के मुताबिक उपरोक्त दोनो भाइयों पर कई मुकदमें दर्ज हैं। इन्हीं मुकदमों में एक अन्य मुकदमा नाबालिक किशोरी कांड में सह आरोपी के तौर पर जेल जा चुके नीलू यादव की विगत दिनों जमानती धारायें होने के कारण कोर्ट से जमानत मंजूर हो गई थी। इसके बाद भी नीलू पर अन्य मुकदमों में जान लेवा हमले और एक अन्य मारपीट के मामले में जमानत मंजूर ना होने से नीलू जेल से बाहर नहीं आ सके थे। अभी पुलिस जहां तीनों आरोपियों को कन्नौज कांड में सजा दिलाने के प्रयास में लगी थी, और अपराधिक इतिहास के कारण तीनों आरोपियों पर बीते शुक्रवार को गैंगस्टर की कार्यवाही करते हुये न्यायालय से वारंट भी जारी करवा लिया था। घटना में किसी आरोपी की सजा से पहले रिहाई ना होने पाये, पुलिस को इससे पहले ही नीलू यादव की एक तीसरे मारपीट के मुकदमें में जमानत होने और गैंगस्टर का वारंट जेल पहुंचने से पहले ही नीलू की जेल से रिहाई हो जाने के कारण पुलिस हांथ पर हांथ धरे रह गई। नीलू की जेल से रिहाई हो जाने के कारण अब पुलिस दोबारा नीलू को गिरफ्तार करने का जाल बिछा रही है। पुलिस के सामने नीलू की गिरफ्तारी का चैलेंज है, पिछली बार पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में सरेंडर करने वाले नीलू इस बार पुलिस के हांथ कब आयेंगे यह तो पता नहीं, फिलहाल पुलिस अपनी रणनीति तैयार करने में लगी है।
चर्चा का विषय बन चुकी बुआ पर भी हुई गंगेस्टर एक्ट की कार्रवाई

उधर पीड़िता की बुआ की बात करें तो कन्नौज पीड़िता दुष्कर्म कांड में घटना की सह आरोपी बुआ भी अब अपराध के क्षेत्र में चर्चा का विषय बन चुकी हैं। गैंगस्टर की कार्यवाही के बाद अब उनका नाम भी सुर्खियों में है। बता दें कि विगत वर्ष 2015 में जिले के गुरसहायगंज के गांव मलिकपुर के निवासी रामदास की बेटी मीरा जाटव पर फर्रुखाबाद के थाना कमालगंज पुलिस ने लूटपाट और मादक पदार्थ तस्करी मामले में मुकदमा दर्ज किया था। जिसके बाद मीरा का नाम लेडी डॉन के नाम से जिले में चर्चित हुआ था। हांलाकि बीती 30 अप्रैल 2015 को पुलिस जीप से गिरने के बाद 9 मई 2015 को मीरा की मौत हो गई थी। जिले में उपरोक्त घटना के बाद अब कन्नौज दुष्कर्म कांड में पीड़िता की बुआ दूसरी महिला हैं, जिन पर पुलिस ने गैंगस्टर की कार्यवाही की है। जिसके बाद से अब बुआ भी जिले में चर्चा के विषय बन चुकी हैं।