Jaunpur: पेंशन रद्द—बुज़ुर्गों ने थामा “मैं जिंदा हूँ” का बोर्ड, डीएम से न्याय की गुहार, प्रधान ने वृद्धों को कागज़ों में मृत दिखाया
Jaunpur में बड़ा मामला: प्रधान ने वृद्धों को कागज़ों में मृत दिखाया, पेंशन रद्द—बुज़ुर्गों ने थामा “मैं जिंदा हूँ” बोर्ड, डीएम कार्यालय में न्याय की गुहार
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक ग्राम प्रधान ने तीन वृद्धों को सरकारी दस्तावेजों में “मृत” दर्शाकर उनकी वृद्धा पेंशन रोक दी। निरंतर पेंशन न मिलने की वजह से पीड़ित बुजुर्ग समाज कल्याण कार्यालय पहुंचे, जहां पता चला कि उन्हें अधिकारियों ने दस्तावेजों में मृत लिखा था। असहाय भावना के बावजूद, उन्होंने अपने ऊपर लगे “मैं जिंदा हूं” लिखा बोर्ड थामकर कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर डीएम कार्यालय में न्याय की गुहार लगाई।
Jaunpur: मूल घटना
ग्राम प्रधान ने तीन बुजुर्गों — कृपा शंकर तिवारी (70), मंगरु हरिजन (75) और महंगु निषाद (72) — को कागज़ों में मृत दर्शाकर उनकी पेंशन रोकवा दी।
Jaunpur: प्रदर्शन और न्याय की गुहार
पेंशन कटने के कई महीनों बाद, जब चारों वृद्धों को दस्तावेजों में मृत दिखाया गया, तो वे अपने गले में “मैं जिंदा हूं” लिखी तख्तियाँ लटकाकर कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचे और डीएम कार्यालय में ज्ञापन सौंपा।
Jaunpur: आरोप
कृपा शंकर तिवारी का आरोप है कि प्रधान ने उनके नाम को रंजिश पर केवल इसलिए सूची से हटाया, क्योंकि वे ग्राम प्रधान के कार्यों की शिकायत कर चुके थे।
जीवन में उपजी चुनौतियाँ
वृद्धा पेंशन ही इन बुजुर्गों की एकमात्र जीवन निर्वाह का आधार थी, जिसे रोक दिए जाने से उनका जीवन संघर्षपूर्ण हो गया।
Jaunpur: प्रशासन की प्रतिक्रिया
समाज कल्याण अधिकारी ने कहा कि जांच में पाया गया कि दो बुजुर्गों का नाम सूची से हटकर “मृत” दिखाया गया, जबकि एक अन्य का नाम सूची में ही नहीं था, जिससे राजपत्र स्तर पर गड़बड़ी की संभावना जताई गई।
उपाय और आश्वासन
अधिकारी ने बताया कि तीनों पेंशनियर्स का प्रस्ताव अभी उच्च अधिकारियों (वीडियो पास) को भेजा गया है, और जल्द ही पेंशन बहाल की जाएगी। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात भी कही गई।
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