हिंदू छात्रों से ज़बरन “I Love Mohammad” लिखवाया, विद्यालय प्रबंधक सहित 3 पर FIR दर्ज
सीतापुर स्कूल विवाद: हिंदू बच्चों से लिखवाया गया “I Love Mohammad”, अभिभावकों का फूटा गुस्सा – देशभर में बढ़ रहा आक्रोश
स्लोगन के नाम पर धार्मिक खेल – हिंदू छात्रों से लिखवाया गया “आई लव मोहम्मद”
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर के अभिभावकों और हिंदू संगठनों के बीच आक्रोश की लहर पैदा कर दी है।
महमूदाबाद के अमर बापू शिक्षा निकेतन विद्यालय में हिंदू छात्रों से ज़बरन “आई लव मोहम्मद” लिखवाया गया।
बताया जा रहा है कि विद्यालय प्रबंधक शौकत अंसारी के कहने पर प्रधानाचार्या संतोष कुमार ने यह आर्ट प्रतियोगिता आयोजित करवाई। छात्रों ने घर पहुंचकर अभिभावकों को यह घटना बताई, जिसके बाद मामला गरमा गया।
I Love Mohammad: अभिभावकों का हंगामा, FIR दर्ज
जैसे ही बच्चों ने घर लौटकर यह बात बताई, अभिभावक तुरंत स्कूल जा धमके।
मामले की जानकारी मिलते ही राष्ट्रीय बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे और पुलिस को लिखित तहरीर दी।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विद्यालय प्रबंधक शौकत अंसारी समेत तीन लोगों पर FIR दर्ज कर ली। धाराएँ बाल अधिकारों और समाज में तनाव फैलाने की नीयत से जुड़े आरोपों में लगाई गई हैं।
बरेली दंगा अपडेट ‘I Love Mohammad’ पर भड़के बवाल में अब तक क्या हुआ?
छात्र ने बताई अध्यापक की करतूत
“हमसे स्कूल में कहा गया कि आर्ट प्रतियोगिता के लिए ‘आई लव मोहम्मद’ लिखो। हमें समझ नहीं आया कि क्यों, लेकिन जब घर आकर बताया तो हमारे माता-पिता गुस्सा हो गए।”
बरेली, महोबा, आगरा और मुज़फ्फरनगर में भी भड़के विवाद
सीतापुर का यह मामला कोई पहली घटना नहीं है।
बरेली में कुछ दिन पहले “आई लव मोहम्मद” लिखवाने को लेकर हंगामा हुआ था।
महोबा और आगरा में भी अभिभावकों ने ऐसे मामलों में स्कूल प्रबंधन पर धार्मिक पक्षपात के आरोप लगाए।
मुज़फ्फरनगर में भी छात्रों को स्लोगन लिखवाने का मामला सामने आया, जिसके बाद माहौल गर्म हो गया था।
इन घटनाओं के चलते हिंदू संगठनों ने चेतावनी दी है कि बच्चों के दिमाग से धर्म के नाम पर खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर
सीतापुर पुलिस ने अभिभावकों और छात्रों के बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि मामला बेहद संवेदनशील है और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
समाज में आक्रोश और सवाल
यह घटना अब समाज में बड़ा सवाल खड़ा कर रही है –
क्या शिक्षा के नाम पर बच्चों को धर्म विशेष के पक्ष में ढाला जा रहा है?
क्या मासूम छात्रों को मानसिक रूप से प्रभावित करने की यह एक संगठित कोशिश है?
हिंदू संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर ऐसी घटनाएँ बंद नहीं हुईं तो पूरे प्रदेश में आंदोलन छेड़ा जाएगा।
सीतापुर से लेकर बरेली, महोबा, आगरा और मुज़फ्फरनगर तक “आई लव मोहम्मद” विवाद ने शिक्षा व्यवस्था और धार्मिक पक्षपात को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।
अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि पुलिस और प्रशासन कितनी सख्ती से कार्रवाई करते हैं और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को कब तक सज़ा मिलेगी।