TIGER ATTACK: 45 दिन बाद पीलीभीत की आदमखोर बाघिन पकड़ी गई, 15 गांवों के लोगों ने ली राहत की सांस
TIGER ATTACK: 45 दिन की दहशत के बाद पीलीभीत की आदमखोर बाघिन पकड़ ली गई। 15 गांवों के लोगों ने ली राहत की सांस, 20 टीमें 8 दिन तक रेस्क्यू में जुटीं।
दहशत का अंत: 45 दिन बाद पीलीभीत की ‘आदमखोर बाघिन’ पकड़ी गई, 15 गांवों लोगों ने ली राहत की सांस
TIGER ATTACK: 45 दिन का खौफनाक आतंक, आखिरकार खत्म
पीलीभीत जिले के 15 गांवों में पिछले 45 दिनों से दहशत का पर्याय बनी ‘आदमखोर बाघिन’ आखिरकार वन विभाग के शिकंजे में आ गई। यह वही बाघिन है जिसने 9 जून से लेकर अब तक कई ग्रामीणों पर हमला कर इलाके में दहशत फैला रखी थी। दिन हो या रात, ग्रामीण खेतों और रास्तों पर निकलने से डरते थे। महिलाएं और बच्चे स्कूल तक जाने से कतराने लगे थे। लेकिन गुरुवार शाम, आठ दिन की लगातार सर्चिंग और ऑपरेशन के बाद वन विभाग ने बाघिन को बेहोश कर पिंजरे में कैद कर लिया।
TIGER ATTACK: 20 टीमें, ड्रोन और बेहोशी का ऑपरेशन
इस ‘आदमखोर बाघिन’ को काबू करने के लिए वन विभाग को आठ दिन तक लगातार पसीना बहाना पड़ा। 20 टीमों को अलग-अलग गांवों में तैनात किया गया, ड्रोन की मदद से उसकी हरकतों पर नजर रखी गई। बाघिन को डंडिया गांव के पास देखा गया, जिसके बाद विशेषज्ञों की मौजूदगी में सटीक योजना बनाई गई। दिनभर की घेराबंदी के बाद शाम होते ही वन विभाग की टीम ने पहले हल्की डोज वाली बेहोशी की डार्ट मारी, फिर दूसरी डोज देकर उसे पूरी तरह शांत किया और पिंजरे में बंद कर लिया।
बाघिन के पकड़े जाने के बाद राहत की सांस
बीते डेढ़ महीने से न्यूरिया थाना क्षेत्र और पीलीभीत टाइगर रिजर्व से सटे 15 गांवों में बाघिन की दहशत ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया था। खेतों में काम करने वाले किसान हर वक्त सहमे रहते थे। कई बार बाघिन को खुलेआम सड़कों और खेतों के पास घूमते देखा गया। ग्रामीणों का कहना है कि जब से बाघिन की दहशत खत्म हुई है, गांवों में अब लोग रात में भी चैन की सांस ले पा रहे हैं।
TIGER ATTACK: क्यों बनी ‘आदमखोर’, जांच करेगी मेडिकल टीम
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बाघिन को रेस्क्यू करने के बाद मेडिकल टीम उसका पूरा स्वास्थ्य परीक्षण करेगी। जांच की जाएगी कि वह जंगल छोड़कर इंसानी बस्तियों में क्यों घूम रही थी और इंसानों पर हमला क्यों कर रही थी। संभावना जताई जा रही है कि शिकार की कमी और बार-बार इंसानी मूवमेंट ने उसे आक्रामक बना दिया। जांच पूरी होने के बाद उसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाएगा।
TIGER ATTACK: ग्रामीण बोले – ‘अब चैन से जी पाएंगे’
गांव डंडिया और आसपास के सैकड़ों ग्रामीणों ने राहत की सांस लेते हुए कहा कि बाघिन के कारण गांव का माहौल दहशत में था। बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे थे और लोग खेतों में फसल छोड़कर घरों में दुबकने को मजबूर थे। बाघिन के पकड़े जाने के बाद गांवों में अब लोगों ने खुशी जताई और कहा कि वन विभाग की लगातार कोशिशों से आखिरकार मौत का यह साया हट गया।
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