टेनिस स्टार राधिका यादव की हत्या: पिता ने ही सीने में उतार दी गोलियां, खौफ में पूरा गुरुग्राम!
टेनिस स्टार राधिका यादव की हत्या: गुरुग्राम में टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव की पिता ने लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारकर हत्या की, रील विवाद बना वजह।
टेनिस स्टार राधिका यादव की हत्या: गुरुग्राम में रील की सनक ने छीन ली बेटी की सांसें-टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव की पिता ने गोली मारकर की हत्या
एक होनहार बेटी, जो देश का नाम रोशन करने को थी तैयार
गुरुग्राम के सेक्टर 57 की रहने वाली राधिका यादव एक राष्ट्रीय स्तर की टेनिस खिलाड़ी थीं। कम उम्र में ही उन्होंने खेल की दुनिया में अपनी पहचान बना ली थी। लेकिन मंगलवार की दोपहर उनके जीवन की कहानी अचानक उस मोड़ पर खत्म हो गई, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।
टेनिस स्टार राधिका यादव की हत्या: दोपहर दो बजे गूंजीं गोलियां, घर में पसरा सन्नाटा
मामला सेक्टर 56 थाना क्षेत्र के सेक्टर 57 का है, जहां दोपहर करीब दो बजे गोलियों की आवाज सुनाई दी। पड़ोसियों ने जब जाकर देखा, तो राधिका लहूलुहान हालत में पड़ी थीं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। राधिका को तीन गोलियां मारी गई थीं। मौके से उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
पिता बना हत्यारा: लाइसेंसी पिस्टल से बेटी को मारी तीन गोलियां
पुलिस जांच में जो खुलासा हुआ, उसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। राधिका की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उनके पिता ने की थी। आरोपी पिता ने अपनी ही लाइसेंसी पिस्टल से बेटी को तीन गोलियां मारीं। घटना के बाद से पूरा इलाका स्तब्ध है। पुलिस ने पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
टेनिस स्टार राधिका यादव की हत्या: वजह बनी ‘रील’ की बहस – सोशल मीडिया की दीवानगी ने ले ली जान
प्रारंभिक जांच के मुताबिक, राधिका और उनके पिता के बीच आए दिन सोशल मीडिया पर रील बनाने को लेकर कहासुनी होती रहती थी। बताया जा रहा है कि घटना वाले दिन भी इसी बात को लेकर घर में बहस हुई थी। पिता को राधिका का रील बनाना और सोशल मीडिया पर एक्टिव रहना पसंद नहीं था। बहस इतनी बढ़ गई कि उन्होंने आपा खो दिया और अपनी ही बेटी को गोली मार दी।
टेनिस स्टार राधिका यादव की हत्या: पड़ोसियों ने दी पुलिस को जानकारी, मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम
गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग घबरा गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, फोरेंसिक टीम ने मौके से सबूत इकट्ठा किए हैं। लाइसेंसी पिस्टल को जब्त कर लिया गया है और आरोपी पिता से पूछताछ की जा रही है।
एक सवाल: क्या रील बनाना जान से बड़ा अपराध है?
यह घटना हमारे समाज के लिए एक गहरे आत्ममंथन की जरूरत पैदा करती है। क्या आज भी बेटियों की स्वतंत्रता, उनकी पसंद और सपने कुछ लोगों को नागवार गुजरते हैं? क्या रील बनाना इतना बड़ा अपराध है कि एक पिता अपनी बेटी की जान ही ले ले?
राधिका की मौत नहीं, समाज के सोच की हार
राधिका की हत्या महज एक क्राइम नहीं है, यह एक सोच की नाकामी है। वह बेटी जो देश के लिए खेल रही थी, जिसकी जिंदगी अभी शुरू ही हुई थी, उसे अपने ही पिता के हाथों खत्म कर दिया गया। यह घटना हम सभी को सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हम वाकई आगे बढ़ रहे हैं या फिर अपनी पुरानी सोच में ही कैद हैं?
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