विदेश भेजने का झांसा, पीलीभीत में 18.65 लाख की ठगी
पीलीभीत में 18.65 लाख की ठगी: पीलीभीत में युवक से विदेश भेजने के नाम पर 18.65 लाख की ठगी। पैसे मांगे तो धमकी और फर्जी मुकदमे की साजिश। दो एजेंटों पर FIR दर्ज।
विदेश भेजने का सपना बना ठगी का ज़रिया: पीलीभीत में युवक से 18.65 लाख की धोखाधड़ी, अब दे रहे हैं धमकियां
पीलीभीत जनपद से एक सनसनी खेज मामला सामने आया है, जहां एक पिता ने अपने बेटे को पढ़ाई के लिए विदेश भेजने का सपना देखा, लेकिन एजेंटों ने उस सपने को एक कड़वा धोखा बना डाला।
पीलीभीत में 18.65 लाख की ठगी, रंजीत सिंह ने बेटे को विदेश भेजने के लिए जुटाई जीवनभर की पूंजी
थाना सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र के गांव पिपरा मुजप्ता निवासी रंजीत सिंह ने वर्ष 2022 में बेटे के सुनहरे भविष्य के लिए विदेश में पढ़ाई का सपना देखा। इस सपने को साकार करने के लिए उन्होंने पूरनपुर कोतवाली रोड स्थित एक इमीग्रेशन सेंटर “माई फर्स्ट फ्लाइंग इमीग्रेशन” के संचालक अनंत अग्रवाल और उसके साथी प्रदीप सिंह पर भरोसा किया। एजेंटों ने उन्हें आश्वस्त किया कि उनका बेटा जल्द ही उच्च शिक्षा के लिए विदेश भेज दिया जाएगा।
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पीलीभीत में 18.65 लाख की ठगी, बिना सोचे-समझे एजेंटों को सौंप दिए लाखों रुपये
एजेंटों की बातों पर भरोसा करते हुए रंजीत सिंह ने अपनी और पत्नी की जमा-पूंजी उनके हवाले कर दी। 12 सितंबर 2022 को रंजीत सिंह और उनकी पत्नी के खातों से कुल 13,15,112 रुपये बताए गए खातों में ट्रांसफर किए गए। इसके अलावा वर्ष 2022-23 में एजेंटों को नकद 5.5 लाख रुपये और दिए गए। इस तरह कुल मिलाकर 18,65,112 रुपये एजेंटों ने हड़प लिए।
विदेश भेजना तो दूर, पैसा भी लौटाने से मुकर गए एजेंट
कई महीनों तक टालमटोल करने के बाद भी जब रंजीत सिंह के बेटे को विदेश नहीं भेजा गया, तो उन्होंने पैसा वापस मांगा। दबाव बढ़ने पर एजेंटों ने 11,71,081 रुपये वापस खातों में भेजे, लेकिन शेष रकम देने से कतराने लगे। समझौते के तहत 1.70 लाख रुपये का एक चेक दिया गया, लेकिन वह भी बाउंस हो गया। इसके बाद एजेंटों ने न तो बाकी रकम लौटाई और न ही बात करने को तैयार हुए।
अब फंसाने की धमकी: “पैसे मांगे तो जेल भिजवा देंगे”
पीड़ित रंजीत सिंह ने बताया कि जब उन्होंने लगातार पैसे मांगने शुरू किए, तो एजेंटों ने उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी देना शुरू कर दिया। इस घटना से वे और उनका पूरा परिवार मानसिक तनाव में आ गया है। बेटे की विदेश में पढ़ाई का सपना भी अधूरा रह गया और तीन साल की शिक्षा पूरी तरह बर्बाद हो गई।
पीलीभीत में 18.65 लाख की ठगी: एसपी से गुहार, FIR दर्ज: अब कानून का सहारा
थक-हारकर रंजीत सिंह ने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक से की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जांच कर पूरनपुर के इमीग्रेशन सेंटर संचालक अनंत अग्रवाल और प्रदीप सिंह के खिलाफ थाना सेहरामऊ उत्तरी में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब पूरे मामले की तहकीकात कर रही है और संबंधित साक्ष्य जुटा रही है।
ऐसे जालसाजों से बचें, जागरूक बनें: यह एक सीख भी है
यह मामला न सिर्फ एक व्यक्ति की ठगी की कहानी है, बल्कि एक गहरी सीख भी देता है कि विदेश भेजने के नाम पर कितने फर्जी एजेंट लोगों की भावनाओं और भविष्य से खेल रहे हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह ऐसे सेंटरों की जांच कराए और दोषियों पर कठोर कार्रवाई करे, ताकि कोई और रंजीत सिंह अपने बेटे के सपनों को यूं खोता न देखे।