पीलीभीत में सिपाही की सरेआम पिटाई, कानून के सम्मान पर सवाल!

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पीलीभीत में सिपाही की सरेआम पिटाई, पूरनपुर में गश्त कर रहे सिपाही पर दबंगों का हमला, वीडियो वायरल। वर्दी पर हमला बना कानून के सम्मान का सवाल, जांच जारी।

पीलीभीत में सिपाही की सरेआम पिटाई, पूरनपुर में गश्त कर रहे सिपाही पर दबंगों का हमला, वीडियो वायरल। वर्दी पर हमला बना कानून के सम्मान का सवाल, जांच जारी।

सिपाही पर हमला या सिस्टम की साख पर चोट? पीलीभीत की सड़कों पर कानून को रौंदने की बर्बर तस्वीर!

पूरनपुर, पीलीभीत:
पीलीभीत में सिपाही की सरेआम पिटाई, उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले से एक ऐसा शर्मनाक दृश्य सामने आया है, जिसने न सिर्फ पुलिस की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि यह भी दिखा दिया है कि अब वर्दी की इज्जत कितनी सस्ती हो चुकी है। शुक्रवार और शनिवार की रात पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र में गश्त कर रहे सिपाही महावीर पर कुछ दबंगों ने मिलकर बर्बर हमला कर दिया। घटना की भयावहता इस कदर थी कि सिपाही को जमीन पर पटक कर लात-घूंसे बरसाए गए और उसका वर्दीधारी होना भी उसे नहीं बचा सका।

पीलीभीत में सिपाही की सरेआम पिटाई, गश्त कर रहे थे, कानून का पालन करवा रहे थे – पर बन गए भीड़ की हिंसा का शिकार

रात का वक्त था, सिपाही महावीर अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद थे। ढका मोहल्ला इलाके में एक दुकान को अनाधिकृत रूप से खुला देखकर जब उन्होंने आपत्ति जताई, तो कानून की रक्षा करने वाले को ही अपराधियों ने अपना निशाना बना लिया। पहले अभद्रता, फिर धक्का-मुक्की और फिर खुलेआम सड़क पर पटक-पटककर पिटाई! ये सब तब हुआ जब उनका ही एक साथी सिपाही मौके पर मौजूद था, मगर आंखों के सामने यह बर्बरता देखता रहा और मदद नहीं की।

पीलीभीत में सिपाही की सरेआम पिटाई, वीडियो आया सामने, पुलिस की चुप्पी पर भी उठे सवाल

घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। हर फ्रेम में वर्दी पर हमले की बेबसी झलकती है। सवाल ये भी उठ रहा है कि जब पुलिस खुद असुरक्षित है तो आम जनता का क्या होगा? क्या अब ड्यूटी पर तैनात सिपाही भी सुरक्षित नहीं हैं?

हमलावरों पर मामला दर्ज, लेकिन झूठी कहानी गढ़ कर सिपाही को ही फंसाने की साजिश!

हमले के अगले ही दिन कहानी ने एक नया मोड़ ले लिया। एक महिला महमूदन बेगम, तीन अन्य महिलाओं के साथ एसपी कार्यालय पहुंची और उल्टे सिपाही पर ही गंभीर आरोप मढ़ दिए। आरोप था कि सिपाही नशे में घर में घुसा, खिचड़ा फेंक दिया और धमकी दी कि तीन लोगों को झूठे मुकदमे में फंसा दूंगा। मगर कोतवाल सत्येंद्र कुमार ने साफ किया कि प्रारंभिक जांच में यह शिकायत झूठी पाई गई है। सवाल उठता है कि क्या ये झूठी शिकायत सिर्फ असली मारपीट की घटना से ध्यान भटकाने की साजिश है?

पीलीभीत में सिपाही की सरेआम पिटाई, न्याय की प्रतीक्षा या सिस्टम की मजबूरी?

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