पीलीभीत: खाद विक्रेताओं पर प्रशासन का शिकंजा, कई दुकानें सील, कई विक्रेता दुकानें बंद कर भागे

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पीलीभीत: खाद विक्रेताओं पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई। कई दुकानें सील, कई विक्रेता दुकानें बंद कर फरार। किसानों की शिकायतों के बाद कार्रवाई तेज।

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पीलीभीत: खाद विक्रेताओं पर प्रशासन का सख्त शिकंजा, कई दुकानें सील, नमूने लिए – सरकार ने दिया बड़ा संदेश

पीलीभीत,
जनपद पीलीभीत के पूरनपुर क्षेत्र में आज कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई देखने को मिली, जब जिला कृषि अधिकारी नरेंद्र पाल और उप कृषि निदेशक (सीएफक्यूसीटीआई) अजय कुमार ने उर्वरक थोक एवं खुदरा विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई दुकानों पर भारी मात्रा में स्टॉक मिला, जबकि कई विक्रेता कार्रवाई से बचने के लिए दुकानें बंद कर भाग खड़े हुए। विभाग ने मौके से खाद के नमूने लिए और नियम विरुद्ध कार्य करने वाले विक्रेताओं पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी।

पीलीभीत: कई प्रतिष्ठानों पर मिला भारी स्टॉक, नमूने लिए गए

निरीक्षण के दौरान मै. विपिन खाद भंडार, पूरनपुर पर अधिकारियों ने भारी मात्रा में स्टॉक बरामद किया। थोक गोदाम में 1000 बैग एनपीके, 220 बैग एसएसपी पाउडर और 270 बैग एसएसपी दानेदार रखे मिले, जबकि रिटेल में 503 बैग एनपीके (12:32:16), 150 बैग डीएपी, 4-4 बैग एसएसपी दानेदार और पाउडर मौजूद थे। सभी स्टॉक पीओएस रिकॉर्ड से मेल खाते पाए गए। प्रतिष्ठान से एसएसपी का एक नमूना जांच के लिए लिया गया।

मै. अग्रवाल किसान बाजार, पूरनपुर के थोक प्रतिष्ठान पर कोई स्टॉक नहीं मिला, लेकिन रिटेल में 245 बैग एनपीके (12:32:16) पाए गए। यहां से मोनो जिंक 33% का नमूना लिया गया।

मै. कृषक भारती सेवा केंद्र, पूरनपुर में 360 बैग एमओपी और 80 बैग एसएसपी पाए गए। यहां से जिंक सल्फेट 33% का नमूना लिया गया।

मै. शंकर खाद भंडार, पूरनपुर पर 33 बैग एसएसपी मिला और एक एसएसपी का नमूना लिया गया।
सभी प्रतिष्ठानों पर स्टॉक बोर्ड, स्टॉक रजिस्टर और बिक्री रजिस्टर व्यवस्थित पाए गए।

कई विक्रेता दुकानें बंद कर भागे, लाइसेंस निलंबित

निरीक्षण के दौरान कुछ उर्वरक विक्रेताओं ने कार्रवाई से बचने के लिए अपनी दुकानें बंद कर दीं। इनमें मै. भारद्वाज खाद भंडार, मै. प्रदीप खाद भंडार, मै. गुरुनानक खाद भंडार, मै. आनंद इंटरप्राइजेज और मै. नीरज खाद भंडार (पूरनपुर) शामिल हैं। इन सभी विक्रेताओं के उर्वरक प्राधिकरण पत्र तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं।
विभाग ने सभी से स्पष्टीकरण मांगा है और चेतावनी दी है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पीलीभीत: अधिकारियों के सख्त निर्देश – नियम तोड़े तो होगी बड़ी कार्रवाई

निरीक्षण के दौरान कृषि विभाग ने सभी विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए:

सिर्फ पीओएस मशीन से ही उर्वरक वितरण करें।

किसानों पर कोई भी अतिरिक्त उत्पाद खरीदने का दबाव (टैगिंग) न डालें।

भूमि के आकार के आधार पर ही उर्वरक वितरित करें।

स्टॉक रजिस्टर और बिक्री रजिस्टर प्रतिदिन अपडेट रखना अनिवार्य है।

पीलीभीत: सरकार का संदेश – किसानों के हित से खिलवाड़ नहीं

इस पूरे अभियान का मकसद साफ है – किसानों को समय पर, सही दाम पर और सही मात्रा में खाद उपलब्ध कराना।
उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल के दिनों में कई शिकायतें मिलने के बाद यह कार्रवाई तेज की है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी या किसानों पर जबरन बिक्री थोपने जैसी गतिविधियों को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कृषि विभाग ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले दिनों में ऐसे औचक निरीक्षण लगातार होंगे और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ लाइसेंस रद्द करने से लेकर कानूनी कार्रवाई तक की जाएगी।

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