पीलीभीत और हमीरपुर में बाढ़ का कहर: शारदा नदी का कटान, मौदहा बांध से छोड़े गए पानी से तबाही

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पीलीभीत और हमीरपुर में बाढ़ का कहर: पीलीभीत के चंदिया हजारा गांव में शारदा नदी का कटान गांवों के अस्तित्व पर खतरा बन गया, जबकि हमीरपुर में मौदहा बांध से छोड़े गए 84,000 क्यूसेक पानी ने दर्जनों गांवों को डुबो दिया। पढ़ें, बाढ़ से मचे हड़कंप की पूरी रिपोर्ट।

पीलीभीत और हमीरपुर में बाढ़ का कहर: बाढ़ का भयानक दृश्य

पीलीभीत और हमीरपुर में बाढ़ का कहर: शारदा नदी का कटान, मौदहा बांध से छोड़ा गया पानी और गांवों की चीखती त्रासदी

पीलीभीत ज़िले की पूरनपुर तहसील के गांव चंदिया हजारा में शारदा नदी ने अपना रौद्र रूप धारण कर लिया है। नदी के किनारे कटान इतना भयानक हो गया है कि ग्रामीणों का कहना है कि यह कटान अब गांव के अस्तित्व पर ही खतरा बन चुका है। खेत, रास्ते और घर बहने की कगार पर हैं।

ग्रामीण प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं कि तुरंत बचाव कार्य शुरू किए जाएं, वरना दर्जनों घर और सैकड़ों बीघा उपजाऊ ज़मीन नदी की धारा में समा सकती है।

गांव के बुजुर्गों का कहना है कि अगर समय रहते प्रशासन ने कड़े कदम नहीं उठाए, तो आने वाले दिनों में हालात और भयावह हो सकते हैं। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग हर रात इस डर में जी रहे हैं कि अगली सुबह उनका घर या खेत जमींदोज़ न हो जाए।

हमीरपुर में 84,000 क्यूसिक पानी और मध्यप्रदेश की बरसात से मचा हड़कंप

 उधर, यूपी के हमीरपुर जिले में मौदहा बांध से छोड़े गए 84,000 क्यूसिक पानी ने हालात बिगाड़ दिए हैं। ऊपर से मध्यप्रदेश में हो रही लगातार बरसात ने मौदहा तहसील के लोगों के लिए हालात भयावह कर दिए हैं। चंद्रावल नदी, सुनहर नाला और सिहो नाला पूरी तरह उफान पर हैं।
सुनहर नाले के रपटे पर करीब 10 फीट ऊपर से पानी बह रहा है, जिससे एक दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क मार्ग पूरी तरह कट चुका है। लोग रोज़मर्रा की जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें लगातार गांवों में नजर बनाए हुए हैं, मुनादी करवा कर ग्रामीणों को ऊँचे स्थानों पर जाने की सलाह दे रही हैं। लेकिन हालात ऐसे हैं कि कई लोग मजबूरी में डूबे पुलों के ऊपर से गुजरकर अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं।

पीलीभीत और हमीरपुर में बाढ़ का कहर: पढ़ोरी रपटे का जलभराव, गांवों का बाहरी दुनिया से संपर्क टूटा

 मौदहा कोतवाली क्षेत्र में पढ़ोरी रपटे पर चंद्रावल नदी का पानी कई दिनों से बह रहा है। इससे सिसोलर, भटरी, भुलसी, छानी और बक्छा गांवों के लोग वाया टिकरी 15 किमी लंबा रास्ता तय कर मौदहा पहुंचते थे। लेकिन अब यह वैकल्पिक रास्ता भी जलभराव की चपेट में है।
इंचौली कपास, गुसियारी समेत एक दर्जन गांवों के संपर्क मार्ग बंद हो चुके हैं। स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र फंसे हैं, मरीजों की आवाजाही और जरूरी सेवाएं भी ठप हो गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की नावें और बचाव टीमें हर गांव तक नहीं पहुंच रहीं, और कई लोग अब भी पानी से घिरे घरों में फंसे हुए हैं।

पीलीभीत और हमीरपुर में बाढ़ का कहर: ग्राम प्रधान की दर्दनाक आवाज़ – बाढ़ पीड़ितों का रोना सुनिए
ग्राम प्रधान लारौंद का कहना है,
“हमारे गांवों के लोग पिछले कई दिनों से पानी से घिरे हुए हैं। बच्चे भूख से रो रहे हैं, महिलाएं खुले आसमान के नीचे बैठी हैं, और बुजुर्ग दवाइयों के बिना तड़प रहे हैं। सड़कें बंद हैं, नावें सीमित हैं, और राहत सामग्री नाम मात्र की है। अगर प्रशासन ने तुरंत सभी गांवों तक मदद नहीं पहुंचाई, तो हालात और खराब हो जाएंगे।”

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