Pilibhit Flood: ADM ऋतु पुनिया-MLA-CMO ने संभाली कमान, गाँव-गाँव पहुँची राहत-दवाइयाँ और भोजन
Pilibhit Flood: ADM ऋतु पुनिया और विधायक विवेक वर्मा ने संभाला मोर्चा
ट्रैक्टर से राहत सामग्री और लंच पैकेट वितरित, प्रशासन ने दिलाया भरोसा – नुकसान का सर्वे कर हर हाल में मिलेगा मुआवज़ा
पीलीभीत जनपद पिछले चार दिनों से भयंकर बाढ़ की चपेट में है। आसमान से बरसती बारिश और उफान पर नदियों का पानी मिलकर गाँवों और खेतों को डुबो रहा है। खेत-खलिहान जलमग्न हो गए हैं, कई मार्ग कट चुके हैं और गाँवों तक पहुँचना बेहद कठिन हो गया है। ऐसे विकट हालात में जिला प्रशासन ने हालात पर काबू पाने के लिए पूरी ताक़त झोंक दी है।
Pilibhit Flood:बीसलपुर के गाँवों में सबसे अधिक बाढ़ का असर
देवहा नदी और अन्य नदियों के बढ़े जलस्तर ने बीसलपुर तहसील के गाँवों को सबसे ज़्यादा प्रभावित किया है। अर्जुनपुर, महादेवा, राजपुर कुंडली, बोड़वार और भैंसहा जैसे गाँव बाढ़ से घिर गए हैं। कहीं पुलिया कट गई है, तो कहीं रास्ते पूरी तरह बंद हो गए हैं। ग्रामीणों को अपने ही घरों में कैद रहना पड़ रहा है।
Pilibhit Flood:ADM ऋतु पुनिया और विधायक ने साथ मिलकर संभाली कमान
इस संकट की घड़ी में एडीएम ऋतु पुनिया और विधायक विवेक वर्मा स्वयं ट्रैक्टर पर सवार होकर बाढ़ प्रभावित गाँवों में पहुँचे। उनके साथ एसडीएम बिसलपुर, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, थाना प्रभारी संजीव शुक्ला और राजस्व टीम के अधिकारी भी मौजूद रहे। जलभराव और कटान के बीच ट्रैक्टर ही एकमात्र सहारा था, जिसके ज़रिए राहत सामग्री गाँव-गाँव तक पहुँचाई गई।
ग्रामीणों को पके हुए भोजन और लंच पैकेट बाँटे गए। बाढ़ के पानी से घिरे परिवारों से सीधे संवाद किया और उन्हें भरोसा दिलाया गया कि प्रशासन हर पल उनके साथ खड़ा है।
Pilibhit Flood:क्या है गाँवों की तस्वीर
भैंसहा गाँव : यहाँ स्थिति नियंत्रण में है। न तो कोई जनहानि हुई है और न ही पशुधन को नुकसान पहुँचा है। ग्रामीण सुरक्षित हैं और अपने घरों में सकुशल रहे हैं।
अर्जुनपुर गाँव : पुलिया में कटान से रास्ता बंद हो गया है। पीडब्ल्यूडी ने निरीक्षण कर आश्वासन दिया है कि जैसे ही पानी घटेगा, पुलिया को दुरुस्त करा दी जायेगी।
महादेवा गाँव : चारों ओर पानी फैला है, लेकिन गाँव की आबादी सुरक्षित है।
राजपुर कुंडली : यहाँ पर पानी सबसे अधिक है, इसलिए ग्रामीणों को चेताया गया है कि वे नदी किनारों और कटान वाली जगहों से दूर रहें।
आपात सेवाएँ और स्वास्थ्य सुविधा
एडीएम ऋतु पुनिया और मुख्य चिकित्सा अधिकारी आलोक शर्मा (सीएमओ) पीलीभीत ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए विशेष स्वास्थ्य इंतज़ामों की जानकारी दी। उनके अनुसार प्रभावित गाँवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें तैनात की गई हैं, जहाँ ज़रूरी दवाइयाँ, प्राथमिक उपचार और आवश्यक जाँच की सुविधा लगातार उपलब्ध कराई जा रही है। एडीएम ऋतु पुनिया और सीएमओ ने स्पष्ट किया कि किसी भी ग्रामीण को बीमारी, संक्रमण या चोट जैसी स्थिति में तुरंत मेडिकल सहायता दी जाएगी। बच्चों, बुज़ुर्गों और महिलाओं के लिए अलग से दवाइयों और ज़रूरी चिकित्सा सामग्री की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, ताकि आपदा की इस घड़ी में किसी की जान को खतरा न हो।
फसल और फसल क्षति का मुआवज़ा
बारिश और कटान से खेतों व फसलों को हुए नुकसान की किसानों के लिए बड़ी चिंता है। राजस्व विभाग की टीमों को गाँव-गाँव भेजा गया है ताकि हर बाढ़ प्रभावित किसानों के खेतों का सर्वे किया जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नुकसान का आकलन होते ही किसानों को उचित मुआवज़ा उपलब्ध कराया जाएगा।
आपात सेवाएँ और सुरक्षा
ग्रामीणों को सर्पदंश से बचने के लिए जागरूक किया गया है। सभी प्रमुख स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी-वेनम उपलब्ध है। किसी भी प्रकार की आपदा – चाहे जनहानि हो, पशुहानि या मकान क्षति – की स्थिति में प्रशासन ने 24 घंटे के भीतर सहायता देने का आश्वासन दिया है।
प्रशासन और सरकार की प्राथमिकता – हर व्यक्ति की सुरक्षा
एडीएम ऋतु पुनिया ने कहा कि जिले को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र घोषित कर पहले से तैयारी कर ली गई थी। इस कारण किसी को भी दिक़्क़त का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने ये भी कहा कि यदि किसी परिवार को कोई समस्या है तो वे तुरंत राजस्व विभाग से संपर्क करें, सहायता तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी।
Pilibhit Flood:चौबीसों घंटे मुस्तैद है प्रशासन
राजस्व, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग की टीमें लगातार गाँवों की स्थिति पर नज़र रख रही हैं। जिला प्रशासन ने यह साफ़ किया है कि राहत और बचाव कार्य चौबीसों घंटे चलते रहेंगे। उद्देश्य यही है कि बाढ़ से प्रभावित किसी भी परिवार तक मदद पहुँचने में देर न हो और कोई भी इंसान मुश्किल की घड़ी में अपने आप को अकेला महसूस न करे।
पीलीभीत प्रशासन अलर्ट: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत की सभी सुविधाएँ अब घर-घर तक