पीलीभीत में तबाही: घर-अस्पताल-अधिकारियों के आवास – पूरा शहर जलमग्न, जनजीवन अस्त-व्यस्त

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पीलीभीत में तबाही: भारी बारिश से शहर जलमग्न, जिला अस्पताल व अधिकारियों के आवास डूबे। सड़कें पानी-पानी, जनजीवन अस्त-व्यस्त, प्रशासन अलर्ट।

पीलीभीत में तबाही: पानी के बीच खड़े होकर मंत्री और डीएम स्थति का जायजा लेते हुए

पीलीभीत में तबाही: घरों से लेकर अस्पताल और अधिकारियों के आवास तक पानी-पानी, जनजीवन अस्त-व्यस्त

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में लगातार चार दिनों से हो रही बारिश ने पूरे शहर की स्थिति बिगाड़ दी है। गलियों से लेकर मुख्य सड़कों तक पानी भर गया है। न सिर्फ आम लोग, बल्कि प्रशासनिक दफ्तर, आवासीय कॉलोनियां और अस्पताल भी जलभराव से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इस भीषण स्थिति ने लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।

पीलीभीत में तबाही:चार दिनों से लगातार बारिश

पीलीभीत में तबाही: भारी बारिश से शहर जलमग्न, जिला अस्पताल व अधिकारियों के आवास डूबे। सड़कें पानी-पानी, जनजीवन अस्त-व्यस्त, प्रशासन अलर्ट।

शहर में पिछले चार दिनों से लगातार बारिश का दौर जारी है। बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही, जिससे जलभराव की समस्या और गंभीर होती जा रही है। जगह-जगह पानी भर जाने से सड़कें तालाब जैसी दिखाई देने लगी हैं। लोगों का आना-जाना मुश्किल हो गया है और बाजारों की रौनक भी पूरी तरह से गायब हो गई है।

पीलीभीत में तबाही:दफ्तर और कॉलोनियां जलमग्न

बारिश का असर सिर्फ सड़कों तक ही सीमित नहीं रहा। सरकारी दफ्तर और अधिकारी कॉलोनियां तक जलमग्न हो गईं। दफ्तरों में कामकाज रुक गया है और लोग आवश्यक कार्यों के लिए भी परेशान हैं। कई आवासीय कॉलोनियों में घरों के अंदर तक पानी भर गया है, जिससे परिवार सुरक्षित स्थान की तलाश में जुटे हुए हैं।

पीलीभीत में तबाही: भारी बारिश से शहर जलमग्न, जिला अस्पताल व अधिकारियों के आवास डूबे। सड़कें पानी-पानी, जनजीवन अस्त-व्यस्त, प्रशासन अलर्ट।
पीलीभीत में तबाही:

एडीएम आवास

एडीएम (अपर जिला अधिकारी) का आवास पूरी तरह से पानी में घिर गया है। आवास के चारों ओर जलभराव की ऐसी स्थिति है कि यहां आना-जाना बेहद मुश्किल हो गया है। नालियों का पानी सड़कों पर फैलकर सीधे आवास में घुस चुका है।

सिटी मजिस्ट्रेट आवास

सिटी मजिस्ट्रेट का आवास भी पानी से भर गया है। परिवार और आने-जाने वाले लोग दिक्कतों से जूझ रहे हैं। मुख्य प्रवेश द्वार पर ही पानी का स्तर इतना बढ़ गया है कि वाहन अंदर ले जाना संभव नहीं है।

पीलीभीत में तबाही:एसडीएम आवास

एसडीएम का आवास भी इस जलभराव से अछूता नहीं रहा। यहां के चारों ओर पानी का स्तर इतना बढ़ चुका है कि आसपास के इलाकों में रहने वाले लोग भी घरों में कैद होकर रह गए हैं।

पीलीभीत में तबाही:मुख्य विकास अधिकारी आवास

पीलीभीत में तबाही: भारी बारिश से शहर जलमग्न, जिला अस्पताल व अधिकारियों के आवास डूबे। सड़कें पानी-पानी, जनजीवन अस्त-व्यस्त, प्रशासन अलर्ट।

मुख्य विकास अधिकारी का आवास भी पानी से घिरा हुआ है। यहां पर परिवार और कर्मचारियों को आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है। आसपास की सड़कें तालाब जैसी दिख रही हैं और जल निकासी का कोई उचित इंतज़ाम दिखाई नहीं देता।

अपर अधीक्षक आवास

अपर अधीक्षक का आवास भी जलभराव के कारण बेहाल हो गया है। आवासीय परिसर की सड़कों पर इतना पानी जमा हो गया है कि वहां पैदल निकलना भी जोखिम भरा हो गया है।

डीपीआरओ आवास

पीलीभीत में तबाही: भारी बारिश से शहर जलमग्न, जिला अस्पताल व अधिकारियों के आवास डूबे। सड़कें पानी-पानी, जनजीवन अस्त-व्यस्त, प्रशासन अलर्ट।

जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) का आवास भी पानी-पानी हो चुका है। चारों ओर गंदे पानी की वजह से परिवार को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

कलेक्ट्रेट परिसर

कलेक्ट्रेट परिसर, जिसे प्रशासन का सबसे सुरक्षित और व्यवस्थित क्षेत्र माना जाता है, भी इस बार जलभराव की मार से नहीं बच पाया। यहां के मुख्य द्वार से लेकर दफ्तरों के अंदर तक पानी भर गया है। कर्मचारी और आने वाले लोग घुटनों तक पानी में होकर दफ्तर पहुंचने को मजबूर हैं।

पीलीभीत में तबाही:अस्पतालों में मरीज़ बेहाल

पीलीभीत में तबाही: भारी बारिश से शहर जलमग्न, जिला अस्पताल व अधिकारियों के आवास डूबे। सड़कें पानी-पानी, जनजीवन अस्त-व्यस्त, प्रशासन अलर्ट।
पीलीभीत में तबाही:

अस्पतालों में जलभराव ने सबसे बड़ी चिंता खड़ी कर दी है। इलाज के लिए आए मरीज और उनके परिजन पानी में फंसे नज़र आए। अस्पताल के वार्डों और गलियारों में पानी घुसने से न सिर्फ इलाज प्रभावित हुआ बल्कि संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।

मोहल्लों और गलियों में तबाही

पीलीभीत में तबाही: भारी बारिश से शहर जलमग्न, जिला अस्पताल व अधिकारियों के आवास डूबे। सड़कें पानी-पानी, जनजीवन अस्त-व्यस्त, प्रशासन अलर्ट।

शहर की स्थिति ऐसी है कि लगभग हर मोहल्ले और गली में पानी जमा है। घरों में घुसा पानी लोगों के दैनिक जीवन पर भारी पड़ रहा है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों को बाहर निकलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ परिवार घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हो गए हैं।

प्रशासनिक टीम की सक्रियता

पीलीभीत में तबाही: भारी बारिश से शहर जलमग्न, जिला अस्पताल व अधिकारियों के आवास डूबे। सड़कें पानी-पानी, जनजीवन अस्त-व्यस्त, प्रशासन अलर्ट।
पीलीभीत में तबाही: मंत्री और प्रशासन एक साथ

स्थिति बिगड़ते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और जलभराव की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने पैदल ही प्रभावित क्षेत्रों में घूमकर लोगों की समस्याएं सुनीं और जल निकासी की व्यवस्था शुरू करने के निर्देश दिए। हालांकि, लगातार बारिश की वजह से राहत कार्य में कई तरह की मुश्किलें आ रही हैं।

नगर पालिका पर उठ रहे सवाल

स्थानीय लोग जलभराव की समस्या के लिए नगर पालिका को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि नालियों की सफाई समय पर नहीं की गई और जल निकासी की व्यवस्था बिल्कुल ध्वस्त है। लोगों का गुस्सा इस बात पर है कि हर साल बारिश के मौसम में यही स्थिति बनती है, लेकिन फिर भी कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते।

आने वाले दिन चुनौतीपूर्ण

भारी बारिश और जलभराव ने पूरे शहर को थामकर रख दिया है। प्रशासन जल निकासी की कोशिश कर रहा है, लेकिन पानी की भयावह स्थिति को देखते हुए जल्दी राहत मिलना मुश्किल लग रहा है। आने वाले दिनों में अगर बारिश और तेज होती है तो हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।

पीलीभीत में चार दिनों से हो रही लगातार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। घरों, अस्पतालों, दफ्तरों और सड़कों पर भरा पानी लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। प्रशासन स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहा है, लेकिन जलभराव की समस्या ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, जनता उम्मीद लगाए बैठी है कि जल्द से जल्द हालात सामान्य हो सकें। जिसके लिए  प्रशासन अलर्ट मोड़ पर है।

Pilibhit Rain: जलभराव से नाराज़ लोग, सड़क पर उतरे – डीएम मौके पर

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