Nepal में Salim Pistol की गिरफ्तारी: Pakistan-ISI कनेक्शन और Sidhu Moosewala Murder Link से हड़कंप!

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Nepal में Salim Pistol की गिरफ्तारी: भारत के कुख्यात हथियार सप्लायर सलीम पिस्टल की गिरफ्तारी ने पाकिस्तान-ISI और दाऊद इब्राहिम कनेक्शन का खुलासा कर दिया है।

Nepal में Salim Pistol की गिरफ्तारी: नेपाल में हथियार सप्लायर सलीम पिस्टल की गिरफ्तारी

नेपाल में सुरक्षा एजेंसियों ने भारत के सबसे कुख्यात हथियार सप्लायर शेख सलीम उर्फ़ “सलीम पिस्टल” को एक बड़े ऑपरेशन के तहत गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी एक गुप्त और लंबी जांच के बाद हुई, जिसमें भारतीय सुरक्षा एजेंसियों और नेपाल की स्थानीय पुलिस का संयुक्त प्रयास शामिल रहा। सलीम की गिरफ्तारी न सिर्फ एक बड़े अपराधी नेटवर्क पर चोट है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय हथियार सप्लाई चेन के खिलाफ एक बड़ी सफलता भी मानी जा रही है।

Nepal में Salim Pistol की गिरफ्तारी: भारत के कुख्यात हथियार सप्लायर सलीम पिस्टल की गिरफ्तारी ने पाकिस्तान-ISI और दाऊद इब्राहिम कनेक्शन का खुलासा कर दिया है।

Nepal में Salim Pistol की गिरफ्तारी: अपराध की दुनिया में सलीम पिस्टल का नाम

सलीम पिस्टल का नाम भारत के अपराध जगत में वर्षों से कुख्यात रहा है। यह वही व्यक्ति है जिसने भारत में गैंगस्टरों को पहली बार जिगाना पिस्टल की सप्लाई कराई थी। उसकी पहचान महज़ एक हथियार सप्लायर के रूप में नहीं, बल्कि संगठित अपराध जगत के एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में है जो पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की डी कंपनी से सीधे तौर पर जुड़ा रहा है।

बड़े अपराधों में संलिप्तता

सलीम का नाम कई हाई-प्रोफाइल मामलों में सामने आ चुका है। इनमें सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड और बाबा सिद्दीकी मर्डर केस जैसे चर्चित अपराध शामिल हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सलीम पिस्टल मूसेवाला हत्याकांड में शामिल एक शूटर का गुरु भी रहा है और उसने कई गैंगस्टरों को प्रशिक्षित किया था।

Nepal में Salim Pistol की गिरफ्तारी: दिल्ली के सीलमपुर से शुरू हुआ आपराधिक सफर

शेख सलीम का जन्म 1972 में दिल्ली के सीलमपुर इलाके में हुआ। आर्थिक तंगी के चलते उसने आठवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी और निजी कार चलाने का काम शुरू कर दिया। यहीं से उसकी मुलाकात कुछ असामाजिक तत्वों से हुई, और धीरे-धीरे वह अपराध की दुनिया में उतर गया। शुरुआत वाहन चोरी से हुई, लेकिन जल्द ही उसने हथियारबंद डकैती और करोड़ों की लूट जैसे गंभीर अपराधों में भी हाथ डाल दिया।

पहली गिरफ्तारी और विदेश पलायन

2000 में सलीम पहली बार वाहन चोरी के मामले में पुलिस के हत्थे चढ़ा। इसके बाद उसकी गिरफ्तारी कई बार हुई, लेकिन हर बार वह जेल से बाहर आकर और बड़े अपराधों में शामिल होता गया। 2018 में दिल्ली पुलिस ने उसे एक बड़े ऑपरेशन में गिरफ्तार किया, लेकिन जमानत पर छूटने के बाद वह विदेश भाग गया। वहां से उसने पाकिस्तान और नेपाल के जरिए भारत में हथियार सप्लाई का नेटवर्क संभालना शुरू कर दिया।

पाकिस्तान से नेपाल होते हुए भारत तक हथियार सप्लाई

सलीम पिस्टल का नेटवर्क कई राज्यों में फैला था। वह पाकिस्तान से उच्च गुणवत्ता के हथियार मंगवाकर नेपाल और अन्य सीमावर्ती इलाकों के रास्ते भारत में पहुंचाता था। उसकी सप्लाई लिस्ट में पिस्टल, कार्बाइन और अत्याधुनिक हथियार शामिल थे, जो खासकर बड़े गैंगस्टरों और अपराध सिंडिकेट्स को बेचे जाते थे।

गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई

सुरक्षा एजेंसियों को खुफिया इनपुट मिला था कि सलीम नेपाल में छिपा हुआ है। कई दिनों की निगरानी और ऑपरेशन के बाद उसे लोकेट किया गया और दबोच लिया गया। फिलहाल उससे पूछताछ जारी है, जिसमें पाकिस्तान कनेक्शन, हथियार सप्लाई चेन और सहयोगी नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है।

संगठित अपराध पर बड़ी चोट

सलीम पिस्टल की गिरफ्तारी भारत में संगठित अपराध और हथियार तस्करी के खिलाफ एक बड़ी उपलब्धि है। इससे न केवल कई गैंगस्टर गिरोहों की सप्लाई लाइन टूटेगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हथियार तस्करी में शामिल नेटवर्क के बारे में अहम सुराग भी मिल सकते हैं। सुरक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कार्रवाई भविष्य में होने वाले बड़े अपराधों को रोकने में अहम भूमिका निभाएगी।

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