Leopard Attack: सोते मासूम को तेंदुए ने बनाया निवाला – खौफनाक घटना से दहशत
Leopard Attack: लखीमपुर खीरी में खौफनाक हादसा! सोते समय तेंदुए ने 6 वर्षीय मासूम को चारपाई से उठाकर खेत में ले जाकर मार डाला। अधखाया शव मिलने से गांव में दहशत।
लखीमपुर खीरी में मासूम की दर्दनाक मौत: तेंदुए ने चारपाई से उठा लिया बच्चा, गन्ने के खेत में अधखाया शव मिला – गांव में मातम और दहशत
लखीमपुर खीरी एक बार फिर खून से सना और खौफ से कांप उठा। जंगलों में घूमते खूंखार तेंदुआ अब गांवों तक पहुंचकर मासूम जिंदगियों को निगल रहे हैं। तेंदुए और बाघ का आतंक लगातार बढ़ रहा है, और प्रशासन की तमाम कोशिशें नाकाम होती नजर आ रही हैं। बीती रात, दक्षिण खीरी वन प्रभाग के अंतर्गत ज्ञानपुर गांव में एक 6 साल के मासूम बादल को तेंदुआ चारपाई से उठाकर ले गया और गन्ने के खेत में नोच-नोचकर मार डाला। सुबह जब गांववालों ने बच्चे का अधखाया शव देखा, तो पूरे इलाके में कोहराम मच गया।
कैसे हुआ दर्दनाक हमला?
बीती रात, महेवागंज चौकी क्षेत्र के ज्ञानपुर गांव में बादल अपने पिता सुशील के साथ घर के बाहर चारपाई पर सो रहा था। रात के सन्नाटे में तेंदुआ चुपके से आया और मासूम को उठा ले गया। पिता को कुछ समझने का मौका तक नहीं मिला। गांव के लोग जब सुबह खेतों की तरफ गए, तो गन्ने के खेत में बच्चे का अधखाया शव मिला। नजारा इतना भयावह था कि देखने वालों के रोंगटे खड़े हो गए।
गांव में दहशत और मातम
घटना के बाद से गांव के हर घर में मातम का माहौल है। बादल के माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों में गुस्सा और दहशत दोनों है। उनका कहना है कि वन विभाग और प्रशासन सिर्फ बयानबाजी करता है, लेकिन जंगल से निकलकर गांव में घूम रहे इन खूंखार शिकारी जानवरों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही।
वन विभाग और प्रशासन की भूमिका पर सवाल
गांववालों का आरोप है कि यह पहली घटना नहीं है। पिछले कुछ महीनों में तेंदुए और बाघ के हमले कई बार हो चुके हैं, लेकिन वन विभाग सिर्फ औपचारिक जांच तक सीमित है। लोगों ने मांग की है कि गांव में पिंजरे लगाए जाएं, शिकारी जानवरों को पकड़ा जाए और प्रभावित परिवार को मुआवजा दिया जाए।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। एसडीएम और वन विभाग की टीम भी गांव पहुंची और आश्वासन दिया कि तेंदुए की तलाश के लिए ड्रोन और ट्रैप लगाए जाएंगे।
ग्रामीणों की चेतावनी: अब बस, या तो तेंदुआ पकड़ा जाएं या गांव छोड़ेंगे
गांववालों ने साफ कहा है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे गांव छोड़ने पर मजबूर होंगे। उनका कहना है कि बच्चों और महिलाओं की जिंदगी हर पल खतरे में है।
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