ECI Press Meet on Voter Issues: मतदाता सूची और ‘वोट चोरी’ विवाद पर हर सवाल का जवाब
ECI Press Meet on Voter Issues: मतदाता सूची और ‘वोट चोरी’ विवाद पर हर सवाल का जवाब
नई दिल्ली, 17 अगस्त 2025:
ECI Press Meet on Voter Issues: आज चुनाव आयोग ने एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मतदाता सूची और हाल के दिनों में उठे ‘वोट चोरी’ जैसे आरोपों पर विस्तार से अपनी बात रखी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर जनता और राजनीतिक दलों दोनों की निगाहें टिकी हुई थीं, क्योंकि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले यह मुद्दा बड़ा बन चुका है। आयोग ने सवाल–जवाब के अंदाज़ में हर पहलू को स्पष्ट करने की कोशिश की।
ECI Press Meet on Voter Issues: प्रश्न 1: क्या सचमुच “वोट चोरी” हुई है?
उत्तर:
आयोग ने बेहद सख्त लहज़े में कहा कि “वोट चोरी” जैसे शब्द न केवल असंवैधानिक हैं, बल्कि लोकतंत्र की गरिमा पर सीधा आघात हैं। यदि किसी राजनीतिक दल या नेता के पास वास्तविक सबूत हैं तो उन्हें प्रमाण सहित आयोग के समक्ष पेश करना होगा। आयोग ने साफ कर दिया कि यदि प्रमाण नहीं है, तो ऐसे आरोप मात्र भ्रमित करने और आयोग की छवि खराब करने के बराबर हैं।
प्रश्न 2: क्या विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया पक्षपातपूर्ण है?
उत्तर:
आयोग ने यह स्पष्ट किया कि विशेष गहन संशोधन (SIR) की प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष है और यह सभी दलों और मतदाताओं पर समान रूप से लागू होती है। आयोग का कहना है कि “न पक्ष–न विपक्ष, सब समकक्ष” ही उनकी कार्यप्रणाली का मूल मंत्र है। इस प्रक्रिया का मकसद केवल यह सुनिश्चित करना है कि किसी योग्य मतदाता का नाम छूट न जाए और किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में दर्ज न हो।
प्रश्न 3: अगर मतदाता सूची में गड़बड़ी थी तो दलों ने पहले क्यों नहीं बोला?
उत्तर:
चुनाव आयोग ने बताया कि जब “क्लेम्स और ऑब्जेक्शंस” (दावे और आपत्तियाँ) की अवधि होती है, तभी किसी भी गड़बड़ी को उठाना चाहिए। यह समय हर राजनीतिक दल और नागरिक के लिए खुला रहता है। आयोग ने कहा कि ज्यादातर दल उस समय सक्रिय नहीं रहे और अब चुनाव से ठीक पहले गड़बड़ी का मुद्दा उठाकर आयोग पर आरोप लगा रहे हैं।
ECI Press Meet on Voter Issues: प्रश्न 4: क्या मतदाता की गोपनीयता सुरक्षित है?
उत्तर:
आयोग ने भरोसा दिलाया कि मतदाता की गोपनीयता सर्वोपरि है। मशीन-रीडेबल या इलेक्ट्रॉनिक तरीके से डाउनलोड योग्य पूरी सूची किसी को नहीं दी जाती, ताकि मतदाताओं का निजी डाटा लीक न हो। केवल सीमित और सुरक्षित तरीके से सूची उपलब्ध कराई जाती है, जिससे किसी की निजता का हनन न हो।
प्रश्न 5: क्या यह SIR प्रक्रिया औपचारिक और पारदर्शी है?
उत्तर:
आयोग ने कहा कि लगभग 20 साल बाद पहली बार इतनी गहन और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई गई है। लाखों बूथ लेवल एजेंटों ने घर-घर जाकर सत्यापन किया, मतदाता सूची का मसौदा तैयार किया और हजारों आपत्तियों को सुना गया। यह पूरी कवायद जनता के विश्वास को और मजबूत करने के लिए की जा रही है।
प्रश्न 6: क्या दोहरी वोटिंग या अन्य गंभीर गड़बड़ियाँ सामने आईं?
उत्तर:
आयोग ने साफ कहा कि अब तक दोहरी वोटिंग या “मत चोरी” के कोई ठोस प्रमाण उनके सामने नहीं आए हैं। जब सबूत देने को कहा गया तो कोई भी ठोस दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। आयोग का कहना है कि ऐसे आरोप बिना तथ्य के लोकतंत्र को कमजोर करते हैं।
ECI Press Meet on Voter Issues: प्रश्न 7: क्या चुनाव आयोग सभी मतदाताओं के साथ खड़ा है?
उत्तर:
मुख्य चुनाव आयुक्त ने भरोसा दिलाया कि आयोग हर मतदाता के साथ “पहाड़ की तरह” खड़ा है। चाहे वह किसी भी धर्म, जाति, क्षेत्र या वर्ग का हो, सभी मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित हैं। आयोग का काम केवल और केवल मतदाताओं का सम्मान और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग ने यह साफ कर दिया कि बिहार सहित पूरे देश में मतदाता सूची को लेकर की गई प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष है। “वोट चोरी” जैसे आरोपों को आयोग ने बेबुनियाद बताया और सबूत पेश करने की चुनौती दी। साथ ही सभी दलों से अपील की कि वे अपनी आपत्तियाँ दर्ज कराएं और लोकतंत्र को मजबूत करने में सहयोग दें।
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