दिनदहाड़े लड़की के हाथ-पैर बांधकर जिंदा जलाया, सड़क पर 90 मिनट – ‘भैया, बचा लो’ चिल्लाती रही!

0
दिनदहाड़े लड़की के हाथ-पैर बांधकर जिंदा जलाया, ओडिशा में लड़की के हाथ-पैर बांधकर जिंदा जलाया, सड़क पर 90 मिनट तक बचाओ- बचाओ चिल्लाती रही , आरोपी अब तक फरार।

दिनदहाड़े लड़की के हाथ-पैर बांधकर जिंदा जलाया: एक काल्पनिक दृश्य

ओडिशा की सिहरन पैदा कर देने वाली वारदात: जलती लड़की दरवाज़े पर गिरी, कराहते हुए बोली—“भैया, बचा लो!”

पुरी ज़िले में 15 वर्षीय मासूम के साथ हुई यह अमानवीय घटना इंसानियत को झकझोर देती है। तीन दरिंदों ने दिनदहाड़े किशोरी को घेर लिया, उसके हाथ-पैर बांधे, पेट्रोल उड़ेला और आग के हवाले कर दिया। झुलसती हुई बच्ची सड़क पर दौड़ती रही, दरवाज़े-दरवाज़े मदद की गुहार लगाती रही और बेहोशी की कगार पर पहुँचकर बोली—“भैया, बचा लो!”।

दिनदहाड़े लड़की के हाथ-पैर बांधकर जिंदा जलाया: मासूम पर दरिंदगी – हाथ-पैर बांधकर जिंदा जलाया

पुरी ज़िले के बालांगा थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह तीन अज्ञात दरिंदों ने किशोरी को पकड़कर हाथ-पैर बांध दिए। मुँह पर कपड़ा ठूंसकर, पेट्रोल डाला और बिना किसी रहम के आग लगा दी। आग की लपटों में घिरी बच्ची सड़क पर चीखती-चिल्लाती दौड़ी, लेकिन आसपास खड़े लोग भी डर के मारे पास नहीं गए।

दिनदहाड़े लड़की के हाथ-पैर बांधकर जिंदा जलाया: झुलसते हुए 90 मिनट – ‘भैया, बचा लो’ की कराहती आवाज़

घटना के बाद किशोरी एक स्थानीय व्यक्ति के घर के बाहर गिर पड़ी। उसका शरीर 70 से 75 प्रतिशत तक जल चुका था। बच्ची लगातार कराहते हुए कहती रही—“भैया, बचा लो।” लगभग डेढ़ घंटे तक वह वहीं तड़पती रही, जबकि मदद पहुंचने में देरी होती रही। जब स्थानीय लोग किसी तरह हिम्मत जुटाकर आगे आए, तब उसे ऑटो से अस्पताल पहुंचाया गया।

दिनदहाड़े लड़की के हाथ-पैर बांधकर जिंदा जलाया: जिंदगी और मौत के बीच जंग – दिल्ली तक एयरलिफ्ट

पीड़िता को पहले स्थानीय अस्पताल, फिर भुवनेश्वर के एम्स ले जाया गया, लेकिन गंभीर हालत देखकर उसे एयरलिफ्ट कर दिल्ली भेजा गया। बच्ची बर्न ICU में ऑक्सीजन सपोर्ट पर जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। शरीर के बड़े हिस्से पर गहरे घाव हैं और हालत नाजुक बनी हुई है।

दरिंदे अब तक फरार – पुलिस खाली हाथ

वारदात को दो दिन गुजर चुके हैं, लेकिन पुलिस अभी तक आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई है। न तो कोई सीसीटीवी फुटेज मिला और न ही आरोपियों की स्पष्ट पहचान हो सकी। पुलिस मोबाइल टॉवर डेटा खंगाल रही है, लेकिन कोई ठोस सफलता नहीं मिली। इस बीच, वारदात की साजिश पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं—क्या यह पुरानी दुश्मनी का बदला था या किसी संगठित गैंग की करतूत?

सरकार और सिस्टम पर सवाल – बेटियों की सुरक्षा कहां?

यह घटना न सिर्फ पुरी, बल्कि पूरे ओडिशा के लिए शर्मनाक सवाल खड़े करती है। आखिर ऐसी दरिंदगी करने वाले दरिंदों को किसने ये हिम्मत दी कि वे दिनदहाड़े एक मासूम को जिंदा जला सकें? सुरक्षा इंतज़ाम कहां हैं? पुलिस की नाकामी क्यों? पीड़िता का परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है, जबकि दरिंदे आज़ाद घूम रहे हैं।

न्याय की मांग – दरिंदों को फौरन पकड़ो, सख्त सज़ा दो

पुरी की इस घटना ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया है। लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन की चेतावनी दे रहे हैं। पीड़िता की जान बचाने के लिए मेडिकल टीमें जुटी हैं, लेकिन सवाल बड़ा है—क्या इंसाफ होगा? क्या ये दरिंदे पकड़कर कड़ी से कड़ी सज़ा पाएंगे, या यह केस भी फाइलों में दब जाएगा?

कौशांबी में बहू का खतरनाक खेल: घर की रोटी से 8 की जान लेने वाली खौफनाक साज़िश!

About The Author

Leave a Reply

Discover more from ROCKET POST LIVE

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading