Bihar NDA की आज शाम 4 बजे बड़ी बैठक: सीट बंटवारे पर फैसला, गठबंधन में हलचल तेज
Bihar NDA की आज शाम 4 बजे बड़ी बैठक: सीट बंटवारे पर फैसला, गठबंधन में हलचल तेज
पटना बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए के भीतर सीट बंटवारे को लेकर सियासी हलचल अपने चरम पर पहुँच चुकी है। सूत्रों के अनुसार, एनडीए की एक अहम बैठक आज शाम करीब 4 बजे होने जा रही है। इस बैठक में भाजपा, जेडीयू, एलजेपी (रामविलास), हम और आरएलएम के शीर्ष नेता शामिल होंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक में सीटों का अंतिम बंटवारा तय किया जाएगा और उसके बाद औपचारिक घोषणा भी संभव है।
सीट बंटवारे पर सहमति की स्थिति
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, एनडीए के प्रमुख घटक दलों के बीच सीट वितरण को लेकर लगभग सहमति बन चुकी है। भाजपा और जेडीयू — दोनों को 101-101 सीटें देने का फार्मूला तय किया गया है। वहीं, लोजपा (रामविलास) को करीब 29 सीटें और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) व राष्ट्रीय लोक जनता दल (आरएलएम) को 6-6 सीटें देने पर सहमति बनी है।
हालांकि, यह बंटवारा पूरी तरह अंतिम नहीं माना जा रहा है। आज शाम की बैठक में इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलने की उम्मीद है। साथ ही कुछ क्षेत्रों में सीटों के आदान-प्रदान या संशोधन की संभावना भी बनी हुई है।
कौन होंगे बैठक में शामिल?
बैठक में एनडीए के सभी प्रमुख दलों के राष्ट्रीय और प्रांतीय स्तर के नेता शामिल होंगे।
इसमें भाजपा और जेडीयू के शीर्ष पदाधिकारी, लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के नेता और आरएलएम के प्रमुख भी मौजूद रहेंगे।
सूत्र बताते हैं कि यह बैठक किसी वरिष्ठ नेता के आवास या सुरक्षित सरकारी स्थल पर होगी, ताकि संवाद गोपनीय और प्रभावशाली रहे।
बैठक में चुनावी रणनीति, प्रचार अभियान की रूपरेखा और प्रत्याशियों के चयन पर भी चर्चा की जाएगी।
नाराज़ सहयोगियों को मनाने की कवायद
एनडीए की इस बैठक से पहले कुछ छोटे सहयोगी दलों ने अपनी नाराज़गी सार्वजनिक रूप से जाहिर की है। उनका कहना है कि उन्हें सीटों के बंटवारे में उचित सम्मान नहीं मिला।
बताया जा रहा है कि आज की बैठक में इन दलों को मनाने और उनका भरोसा कायम रखने पर भी जोर दिया जाएगा।
गठबंधन नेतृत्व इस बात से वाक़िफ़ है कि यदि कोई दल नाराज़ होकर अलग राह चुनता है, तो उसका सीधा असर सीटों के नतीजों पर पड़ेगा।
राजनीतिक महत्त्व और संभावित असर
यह बैठक बिहार के आगामी चुनावी समीकरण को बदल सकती है।
अगर सब कुछ योजना के अनुसार चला और सभी दलों की सहमति बन गई, तो एनडीए एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतर सकेगा।
लेकिन अगर कोई घटक दल असंतुष्ट रहा या समझौता नहीं हुआ, तो विपक्ष को इसका सीधा राजनीतिक लाभ मिल सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार में इस बार मुकाबला बेहद करीबी और दिलचस्प होने वाला है।
एनडीए के अंदर सीटों का गणित जितना संवेदनशील है, उतना ही यह गठबंधन के भविष्य के लिए निर्णायक भी साबित हो सकता है।
जनता की नजरें अब इस बैठक पर
बिहार की जनता और सियासी पर्यवेक्षकों की निगाहें अब इस 4 बजे होने वाली बैठक पर टिक गई हैं।
लोग जानना चाहते हैं कि क्या एनडीए एकमत होकर मैदान में उतरेगा या फिर गठबंधन के भीतर छिपे मतभेद किसी नए समीकरण को जन्म देंगे।
इस बैठक के बाद यह तय हो जाएगा कि बिहार की सियासत में कौन-सी पार्टी कितनी सीटों पर किसके साथ चुनाव लड़ेगी — और यही तय करेगा कि 2025 के चुनाव परिणाम किस ओर झुकेंगे।